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बर्बाद फसल देखकर किसान की हार्डअटैक से मौत

अजमी रिज़वी
बाराबंकी। कर्ज व कंगाली से परेशान किसान की संदिग्ध अवस्था में शनिवार
को खेत में ही मौत हो गयी। परिवारीजनों ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व
माइनर कटने से सात बीघा मेंथा की फसल डूब गयी थी। शनिवार को खेत पहुंचा
किसान ने जब अपने फसल की बर्बाद का मंजर देखा तों वहीं उसने दम तोड़ दिया।
थाना जहांगीराबाद क्षेत्र के ग्राम फतेसरांय निवासी बद्री प्रसाद (62)
गौतम की मेंथा की फसल 2 मई को पिपरौली माइनर कटने से ग्राम मुनीमाबाद
निवासी आनन्द, गजोधर, जंगली, पूर्णमासी सहित करीब आधा दर्जन किसानों की
फसले डूब गयी थी जिसमें बद्री प्रसाद का खेत काफी नीचे होने के कारण पूरी
सात बीघा मेंथा की फसल बर्बाद हो गयी। बद्री प्रसाद ने फसल बचाने के लिये
काफी मशक्कत की। पम्पिंग सेट द्वारा पानी को फसल से निकाला भी। लेकिन
अपनी फसल को सूखने से नही बचा सका। जिसे देखने बद्री शनिवार की भोर खेत
गया। लेकिन तभी अचानक हृदयाघात होने से उसकी खेत में ही मौत हो गयी। मृतक
बद्री के इकलौता पुत्र मोती लाल की मौत करीब 10 साल पहले सड़क हादसे में
हो गयी थी। पूरे परिवार की जिम्मेदारी बद्री प्रसाद पर ही थी। बद्री के
परिवार में इनकी तीन पोतियां ललिता देवी (18), विशेखा (16), अमरेखा(13)
जिसमें से ललिता का विवाह की बातचीत पक्की हो चुकी थी। पौत्र संदीप ने
बताया कि आर्यावर्त ग्रामीण बैंक शहावपुर शाखा से किसान क्रेडिट कार्ड पर
एक लाख रुपये का कर्ज भी है। जिसको लेकर बद्री प्रसाद काफी समय से परेशान
चल रहे थे। वहीं फसल बर्बाद हो जाने के कारण कर्ज जमा करने के लिये कई
दिनों से ठीक से खाना पीना नही खा रहे थे। संदीप ने बताया कि शनिवार की
सुबह 5 बजे खेत जाने की बात कहकर घर से निकले थे। लेकिन दो घंटे बाद उनकी
मौत की खबर सुनकर परिवार में मातम में छा गया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार
उमेश सिंह व उपजिलाधिकारी नीलम यादव ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायत
दिलाये जाने की आश्वासन दिया। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर
पोस्टमार्टम के लिये भेजा है।

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