हज़रत अब्बास के यौमें पैदाईश पर लगी सबीलें
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बाराबंकी। बाबुल हवाएज अब्बास अलमदार के जन्म दिवस 4 शाबान के अवसर पर
जिलें में प्यासे राहगीरो को कर्बला सिविल लाइन के सामने सैयद शुजाअत
हुसैन रिजवी नगरामी मेमोरियल ट्रस्ट के जेरे एहतेमाम शर्बत की सबील लगाकर
सेराब किया गया। तेज धूप में कर्बला के सामने लगी मौला अब्बास के नाम की
सबील पर बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर अपनी प्यास बुझाई। इस अवसर पर
वफा अब्बास जौन, रज़ा हुसैन रिजवी रेनू, रेहान मुस्तफा, मो. आलिम, सरवर
अली रिज़वी, उमेश श्रीवास्तव, जावेद अस्करी, अली हैदर अच्छन, अख्तियार
हुसैन रिजवान हुसैन, शबाब हैदर, अजादार हुसैन अली हम्जा शब्बू, परवेज
हैदर, मो. आसिम ने खादिमान बनकर योगदान किया। वही महफिल को खिताब करते
हुए देश के मशहूर मौ. सै. कायम मेहदी ने कहा कि इस्लाम फैलाया रसूल
(स.आ.) ने और बचाया हज़रत इमाम हुसैन (अ.) ने उन्होंने आगे कहा कि रसूले
खुदा (स.अ.) ने इस्लाम को पत्थर खाकर, अजीयते ज़ेहनी और जिस्मानी उठाकर
इस्लाम को फैलाया और जब इसी इस्लाम के पैगामात को यजीद ने डुबोने की
कोशिश की तो नवासये रसूल ने इसको अपनी कुर्बानी देकर कयामत तक हक़,
सच्चाई, इंसाफ को बचा लिया। आज इस रास्ते पर चलने वाला मुसलमान सच्चा है
और जो कत्ल गारत, आतॅकवाद, हट पर चलता है वह आतंकवादी है। आतंकवादी
मुसलमान नही है। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन (अ.) और हजरत अब्बास
अलमदार की आज यौमें पैदाइश पर हम जुल्म और जामिल का विरोध करे समाज में
इन्सानियत, भाईचारा, प्यार मोहब्बत क़ायम करे, देश और दुनिया, शहर के लिए
शांति का पैगाम बनकर सच्चे मुसलमान बनें। महफिल से पूर्व, सलीम काजमी,
रिजवान मुस्तफा, आसिफ, रजा मेहदी, आसिम हैदर से नजरानयें अकीदत पेश किया।
आज नौचन्दी जूमेरात पर भी भारी भीड़ रही। रात्री की महफिल को पूर्व इमामे
जुमा मौलाना आसिम हुसैन ने खिताब किया। हैदरगढ़, असन्द्रा, फतेहपुर,
हजरतपुर, बदोसराय, जरगांवा, आलमपुर, किन्तूर, देवरा, संगौरा, जैतपुर आदि
में भी महफिल व नजरोनियाज का आयोजन किया गया।

