aajtaktimes

पति की दुघर्टना मे मौत पत्नी ने भी दी जान


अजमी रिज़वी
बाराबंकी। कोतवाली हैदरगढ़ अन्तर्गत आज सुबह घर से टहलने निकले एक व्यक्ति
को अज्ञात वाहन ने कुचल डाला साथ में उसकी पत्नी ने जब यह हादसा देखा तो
उसने भी परिवहन विभाग की बस के सामने कूद की अपनी जान दे दी। सूचना मिलने
पर मौके पर पहुॅचे कोतवाली प्रभारी ने लाशों का पंचनामा भर कर
पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी के अनुसार, कोतवाली हैदरगढ़ क्षेत्र
के मोहल्ला भटखेरा निवासी 50 वर्षीय जगन्नाथ द्विवेदी रोजाना अपनी पत्नी
के साथ मे सुबह उठकर मार्निंगवाक के लिए जाते थें, हमेशा वे मोहल्ले के
अन्दर घूमते थे, आज सुबह 5 बजे जगन्नाथ अपनी पत्नी शिवकुमारी केा लेकर
मार्निगवाक के लिए निकले, अभी वह भटखेरा मोहल्ले से निकलकर लखनऊ
सुल्तानपुर राजमार्ग पर पहुचे ही थेें कि हैदरगढ़ की तरफ से आ रहे तेज
रफ्तार अज्ञात ट्रक ने जगन्नाथ को रौद डाला जिससे उसकी घटना स्थल पर मौत
हो गयी। अचानक अपने पति की हालत देखकर उसके साथ कुछ दूरी पर चल रही, शिव
कुमारी को कुछ समझ मे नही आया वह सडक के बीच मे आकर रोने चिल्लाने लगी
इसी बीच सड़क के उस पार स्थित शर्मा होटल मे काम करने वाला एक कर्मचारी
मौके पर पहुचा और रो रही शिवकुमारी को सड़क के किनारे कर के उसको समझाने
बुझाने लगा। इसी बीच कुछ और नागरिक मौके पर पहुच गयें, उन्होनें भी यही
काम किया। इधर जब इन नागरिकों ने देखा कि मामला ठीक है, तो वह लोग
कोतवाली पुलिस को सूचना देकर वहा चल दिये इधर पति की मौत से आहत शिव
कुमारी रोते हुये पुनः सड़क पर आ गयी और लखनऊ से सुल्तान पुर जा रही
परिवहन विभाग की अज्ञात बस के सामने कूद गयी, तेज रफ्तार बस ने जोरदार
टक्कर मारते हुये वहॉ से चली गयी, इधर थोडी देर बाद शिवकुमारी की मौत हो
गयी। सड़क हादसे मे पति-पत्नी की मौत की सूचना मिलने पर आनन फानन में
कोतवाली प्रभारी दल-बल के साथ पहुचे और लाश का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम
के लिए भेज दिया। इस घटना को जिसने भी सुना उसकी ऑखे नम हो गयी।
जब वो जिंदा नही बचे तो मुझे जिंदा नही रहना

जब मेरे पति ही जिंदा नही बचे तेा मुझे जिंदा रह कर क्या करना है। उक्त
बात जगन्नाथ की मौत के बाद उसकी पत्नी शिवकुमारी रो रो कर चिल्लाते हुये
कह रही थी, लेकिन उस समय उसकी इस बात पर होटल मालिक और वहॉ पर मौजूद
नागरिकों को विश्वास नही था। क्योंकि घटना के बाद जब नागरिकों ने शिव
कुमारी को बीच सड़क से किनारे लाकर पति की लाश के पास बैठा दिया था, तो
किसी को भी यह नही पता था कि शिवकुमारी के दिल मे क्या गुजर रही है। और
मात्र 10 मिनट बाद ही शिवकुुमारी ने बस के आगे कूद कर अपनी जीवन लीला
समाप्त कर ली। और शादी के समय ली गयी साथ जीने मरने की कसम को पूरा कर
दिखाया, इतना ही नही संयोग यह था कि शिवकुमारी की सभी संताने उस समय मौके
पर मौजूद नही थी, इकलौता पुत्र रजनीश द्विवेदी बरेली मे था और उसकी तीनो
पुत्रियां अपनी ससुरालों मे मौजूद थी। पड़ोस के नागरिकों ने लाश का
पंचनामा भरवाया था, और सारी कागजी कार्यवाही पूरी करवायी थी।

Related

UP 4314905140713033675

Post a Comment

emo-but-icon

Recent

Comments

item