राधा स्वामी सत्संग आश्रम के कुएं में मिले 10 नर कंकाल
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तहसील तालबेहट के ग्राम कड़ेसराकलां में स्थित राधा स्वामी सत्संग आश्रम के कुएं में शुक्रवार को खुदाई के दौरान दस मानव कंकाल मिले। सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और एसपी समेत तमाम अफसर मौके पर पहुंचे।
अफसरों ने नर कंकाल साठ से सत्तर साल पुराने होने का अनुमान जताया है। वहीं, जिलाधिकारी ने नर कंकालों को जांच के लिए भेजने की बात कही है।
कड़ेसराकलां गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप राधा स्वामी संत्सग आश्रम है। इस बार सूखा पड़ने के कारण यहां बने कुएं का पानी समाप्त हो गया था। रविवार को यह होने वाले सत्संग में आने वाले लोगों की परेशानी को देखते हुए कुआं को गहरा कराने का निर्णय लिया गया।
बृहस्पतिवार को यहां मजदूरों से खुदाई कराई गई। शुक्रवार को मशीन लगा कर खुदाई शुरू हुई। तीन घंटे मशीन के काम करने के बाद कूप से कंकाल निकलने लगे, जिसकी जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों का जमघट लग गया।
सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक मोहम्मद इमरान, उपजिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र, पुलिस क्षेत्राधिकारी कुंवर बहादुर सिंह, प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र सिंह चंदेल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा।
उप जिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र ने बताया कि कड़ेसराकलां में जिस स्थान पर कुएं की खुदाई चल रही थी, वहां पहले घना जंगल था।
गांव के कुछ बुजुर्ग लोगों के अनुसार लगभग साठ-सत्तर वर्ष पहले महामारी फैलने पर उसकी चपेट में आए लोगों को जलाए बिना कुएं में डाल दिया गया था। उन्होंने संभावना जताई कि खुदाई में उसी समय के लोगों के नर कंकाल निकले हैं।
जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने बताया कि एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर नर कंकाल साठ-सत्तर वर्ष पुराने हैं। रिपोर्ट की सत्यता के लिए नर कंकालों की कार्बन डेटिंग कराई जाएगी, जिससे सच्चाई का पता चलेगा।
अफसरों ने नर कंकाल साठ से सत्तर साल पुराने होने का अनुमान जताया है। वहीं, जिलाधिकारी ने नर कंकालों को जांच के लिए भेजने की बात कही है।
कड़ेसराकलां गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप राधा स्वामी संत्सग आश्रम है। इस बार सूखा पड़ने के कारण यहां बने कुएं का पानी समाप्त हो गया था। रविवार को यह होने वाले सत्संग में आने वाले लोगों की परेशानी को देखते हुए कुआं को गहरा कराने का निर्णय लिया गया।
बृहस्पतिवार को यहां मजदूरों से खुदाई कराई गई। शुक्रवार को मशीन लगा कर खुदाई शुरू हुई। तीन घंटे मशीन के काम करने के बाद कूप से कंकाल निकलने लगे, जिसकी जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों का जमघट लग गया।
सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक मोहम्मद इमरान, उपजिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र, पुलिस क्षेत्राधिकारी कुंवर बहादुर सिंह, प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र सिंह चंदेल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा।
उप जिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र ने बताया कि कड़ेसराकलां में जिस स्थान पर कुएं की खुदाई चल रही थी, वहां पहले घना जंगल था।
गांव के कुछ बुजुर्ग लोगों के अनुसार लगभग साठ-सत्तर वर्ष पहले महामारी फैलने पर उसकी चपेट में आए लोगों को जलाए बिना कुएं में डाल दिया गया था। उन्होंने संभावना जताई कि खुदाई में उसी समय के लोगों के नर कंकाल निकले हैं।
जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने बताया कि एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर नर कंकाल साठ-सत्तर वर्ष पुराने हैं। रिपोर्ट की सत्यता के लिए नर कंकालों की कार्बन डेटिंग कराई जाएगी, जिससे सच्चाई का पता चलेगा।

