नौजवानों के मार्ग दर्शक थे जार्ज फनांडिस: राजनाथ
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बाराबंकी। जार्ज फनांडिस तरूणाई से अचेतन तक आज भी नौजवानों के
मार्गदर्शक है। उनके द्वारा किए गए सत्याग्रह और आन्दोलनों ने समाजवाद को
जीवान्त बनाए रखा। जो कहीं न कहीं आज भी समाज का पथ प्रदर्शक कर रही है।
उक्त विचार गांधी भवन में प्रख्यात समाजवादी नेता, मजदूर आन्दोलन के
प्रणेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री जार्ज फनांडिस के जन्म दिवस पर
आयोजित गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे समाजवादी चिन्तक राजनाथ शर्मा ने
व्यक्त किए। श्री शर्मा ने बताया कि जार्ज साहब से उनका परिचय मधुलिमये
ने डा. लोहिया की बीमारी के समय ब्लिंगडन अस्पताल नई दिल्ली में कराया।
उसके बाद जार्ज से मेरे बेहद गहरे रिश्ते हुए। सोशलिस्ट पार्टी में उपजी
दो विचारधाराओं के कारण राजनारायण और मधुलिमये का मनभेद एवं मतभेद हुआ।
जिसके बाद डा लोहिया की विचारधाराओ ंसे प्ररित मधुलिमये और जार्ज से मेरी
नजदीकियां बढती गई। मेरा उनकेे साथ बिताया हर पल आज भी दृश्यमान होता है।
श्री शर्मा ने कहा कि जार्ज ने मजदूरों का जो आन्दोलन खड़ा उसका कोई सानी
नहीं था। यही वह कारण था जब मजदूरों ने जार्ज को अपना मसीहा बनाया। उनका
मानना था कि जनता के लोकतंत्र की रक्षा कांग्रेस के रहते नहीं हो सकती।
इसलिए वह सम्पूर्ण जीवन कांग्रेस व नेहरू की वंशवादी परम्परा का विरोध
करते रहे। इसी विरोध के चलते उनकी भाजपा से नजदीकियां बढी। गोष्ठी को
सम्बोधित करते हुए उप्र वित विकास निगम के चेयरमैन इज़हार हुसैन ने कहा कि
जार्ज साहब का जीवन, आजीवन नई पीढ़ी के लिए एक पथ प्रदर्शक का कार्य करता
रहा। ईश्वर कुछ चुनिंदा लोगों को ही ऐसे कार्यों के लिए चुनता है। जो
समाज को नई दिशा एवं दशा से अवलोकित करते हैं। सपा नेता धनन्जय शर्मा ने
कहा कि समाजवादी आन्दोलन और मजदूरों के आन्दोलन को आगे बढ़ाने के लिए अपना
जीवन समाजवाद को समर्पित कर दिया। उनके व्यक्तित्व से युवाओं से प्ररेणा
लेनी चाहिए। गोष्ठी का संचालन समाजसेवी अशोक शुक्ला ने किया। इस मौके पर
प्रमुख रूप से विनय कुमार सिंह, मृत्युंजय शर्मा, हुमायूं नईम खां,
एहतिशाम खां, राजेश यादव, मनीष कुमार, पाटेश्वरी प्रसाद, आर के पाण्डेय,
श्यामू पाण्डेय, शिवा शर्मा, रवि प्रताप सिंह, विजय कुमार सिंह, प्रभाकर
सिंह, आदित्य यादव, विश्वनाथ सोनी सहित कई लोग मौजूद रहे

