पत्रकारों ने किया डीआईजी की प्रेसवार्ता का बहिष्कार
https://husainijnp.blogspot.com/2016/06/blog-post_101.html
बाराबंकी। कोतवाली नगर पुलिस द्वारा एक सप्ताह पूर्व कोतवाली परिसर में
ही प्रभारी निरीक्षक के आदेश पर एक मान्यता प्राप्त पत्रकार की पुलिस
कर्मियों ने जमकर पिटाई कर दी थी। जिसके विरोध में पत्रकारों ने धरना
प्रदर्शन करके जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की प्रेस वार्ता का बहिष्कार
करने की घोषणा की थी। उसी घोषणा के तहत आज जब एसपी अब्दुल हमीद के पीआरओ
ने पत्रकारों को सूचना दी कि डीआईजी की प्रेसवार्ता है आना है। लेकिन चंद
विभीषणों को छोड़कर कोई भी पत्रकार बन्धु प्रेसवार्ता में नही गया। जिससे
एसपी का मुंह देखने लायक था। समाज को नई दिशा देने वाले और हर मौके पर
निडरता से कार्य करने वाले पत्रकारों के ऊपर जब अपनी ही लड़ाई का मामला
आया तो दिखावे में तो पूरी बिरादरी एक मंच पर खड़ी नजर आयी। वहीं अपने ही
वादों से कुछ पत्रकार बिरादरी के लोग मुकर गये। जिसकी चर्चा आज पूरे शहर
में हो रही है। गौरतलब हो कि, एक सप्ताह पूर्व कोतवाली नगर में एक टीवी
चैनल के पत्रकार के ऊपर कोतवाली परिसर में ही पुलिस वालों ने हमला किया
था। हमले के बाद जिले के समस्त पत्रकारों ने कोतवाली का घेराव करके धरना
प्रदर्शन किया था और यह संदेश दिया था कि पूरी पत्रकार बिरादरी एकजुट है।
इसी मामले को लेकर दूसरे दिन जिला पंचायत सभागार में प्रेस क्लब के
पदाधिकारियों के अगुवाई में पत्रकारों की बैठक बुलायी गयी थी। बैठक में
यह निर्णय लिया गया था कि जब तक पत्रकार को पीटने वाले पुलिसकर्मी
निलम्बित नही होते और उनके विरुद्ध मुकदमा नही दर्ज होता तब तक पुलिस
अधीक्षक व शासन की खबरों का बहिष्कार किया जायेगा। बहिष्कार कार्यक्रम 6
दिन तक तो जारी रहा। लेकिन जब प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री अरविन्द
सिंह गोप के आवास पर कुछ पत्रकार बन्धु पहुंच गये और मंत्री गोप ने
आश्वासन दिया कि कार्यवाही की जायेगी। लेकिन कार्यवाही के नाम पर सिर्फ
चौकी इंचार्ज बंकी को हटा दिया गया न तो पत्रकार का मुकदमा दर्ज हुआ और न
ही कोतवाली प्रभारी के विरुद्ध कोई कार्यवाही हुई। आज जब डीआईजी फैजाबाद
का जिले में आगमन हुआ तो उनके प्रेस कांफ्रेस आयोजित की गयी। इस
प्रेसवार्ता में जिले के अधिकांश पत्रकारों ने बहिष्कार किया। लेकिन कुछ
विभीषण खानदानी पत्रकारों ने प्रेस वार्ता में जाकर शोभा बढ़ायी। जिससे
पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त है। सभी पत्रकारों ने विभीषण खानदानियों को
प्रेस क्लब से निष्कासित करने की मांग की है।
ही प्रभारी निरीक्षक के आदेश पर एक मान्यता प्राप्त पत्रकार की पुलिस
कर्मियों ने जमकर पिटाई कर दी थी। जिसके विरोध में पत्रकारों ने धरना
प्रदर्शन करके जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की प्रेस वार्ता का बहिष्कार
करने की घोषणा की थी। उसी घोषणा के तहत आज जब एसपी अब्दुल हमीद के पीआरओ
ने पत्रकारों को सूचना दी कि डीआईजी की प्रेसवार्ता है आना है। लेकिन चंद
विभीषणों को छोड़कर कोई भी पत्रकार बन्धु प्रेसवार्ता में नही गया। जिससे
एसपी का मुंह देखने लायक था। समाज को नई दिशा देने वाले और हर मौके पर
निडरता से कार्य करने वाले पत्रकारों के ऊपर जब अपनी ही लड़ाई का मामला
आया तो दिखावे में तो पूरी बिरादरी एक मंच पर खड़ी नजर आयी। वहीं अपने ही
वादों से कुछ पत्रकार बिरादरी के लोग मुकर गये। जिसकी चर्चा आज पूरे शहर
में हो रही है। गौरतलब हो कि, एक सप्ताह पूर्व कोतवाली नगर में एक टीवी
चैनल के पत्रकार के ऊपर कोतवाली परिसर में ही पुलिस वालों ने हमला किया
था। हमले के बाद जिले के समस्त पत्रकारों ने कोतवाली का घेराव करके धरना
प्रदर्शन किया था और यह संदेश दिया था कि पूरी पत्रकार बिरादरी एकजुट है।
इसी मामले को लेकर दूसरे दिन जिला पंचायत सभागार में प्रेस क्लब के
पदाधिकारियों के अगुवाई में पत्रकारों की बैठक बुलायी गयी थी। बैठक में
यह निर्णय लिया गया था कि जब तक पत्रकार को पीटने वाले पुलिसकर्मी
निलम्बित नही होते और उनके विरुद्ध मुकदमा नही दर्ज होता तब तक पुलिस
अधीक्षक व शासन की खबरों का बहिष्कार किया जायेगा। बहिष्कार कार्यक्रम 6
दिन तक तो जारी रहा। लेकिन जब प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री अरविन्द
सिंह गोप के आवास पर कुछ पत्रकार बन्धु पहुंच गये और मंत्री गोप ने
आश्वासन दिया कि कार्यवाही की जायेगी। लेकिन कार्यवाही के नाम पर सिर्फ
चौकी इंचार्ज बंकी को हटा दिया गया न तो पत्रकार का मुकदमा दर्ज हुआ और न
ही कोतवाली प्रभारी के विरुद्ध कोई कार्यवाही हुई। आज जब डीआईजी फैजाबाद
का जिले में आगमन हुआ तो उनके प्रेस कांफ्रेस आयोजित की गयी। इस
प्रेसवार्ता में जिले के अधिकांश पत्रकारों ने बहिष्कार किया। लेकिन कुछ
विभीषण खानदानी पत्रकारों ने प्रेस वार्ता में जाकर शोभा बढ़ायी। जिससे
पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त है। सभी पत्रकारों ने विभीषण खानदानियों को
प्रेस क्लब से निष्कासित करने की मांग की है।

