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ग्रामीणों ने दरोगा व पुलिसकर्मी की धुनाई

अजमी रिज़वी
बाराबंकी। थाना लोनीकटरा अन्तर्गत आज सुबह जमीनी विवाद में पहुंचे एक उपनिरीक्षक और पुलिस कर्मी की ग्रामीणों ने जमकर धुनाई कर दी और पुलिसकर्मी को बंधक बना लिया। अपने साथियों को छुड़ाने जब लोनीकटरा थाने की पुलिस फोर्स वहां पहुंची और ग्रामीणांे पर लाठीचार्ज शुरु किया तो आक्रोशित ग्रामीणों ने जमकर पत्थरबाजी की। इस घटना के बाद से गांव में जबरदस्त तनाव व्याप्त है। पीड़ित पुलिसकर्मी ने थाने पर ग्रामीणों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। जबकि एक ग्रामीण महिला ने दरोगा के ऊपर मोबाइल छीनने और महिलाओं से अभद्रता का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार, आज सुबह 10 बजे थाना लोनीकटरा क्षेत्र के ग्राम सुल्तानपुर मजरे शाहपुर सिदवी के निवासी राजकरन और जसकरन के बीच जमीनी विवाद का समझौता हो रहा था। इसी बीच थाने के एक दलाल ने हलका दरोगा रवीन्द्रनाथ वर्मा और सिपाही सुरेन्द्र यादव को सूचना दी और यह कहा कि अगर मौके पर पहुंच जाओगे तो तुम लोगों की कहानी बन जायेगी। इसी सूचना पर हल्का दरोगा रवीन्द्र नाथ वर्मा और सिपाही सुरेन्द्र यादव मौके पर पहुंच गये और बिना कुछ कहे सुने ही राजकरन यादव के लड़के नीरज की पिटाई करनी शुरु कर दी। नीरज अपनी जान बचाने के खातिर भागा और गांव के ही मास्टर संतराम के घर में छुप गया। वर्दी के नशे में चूर पुलिसकर्मी सुरेन्द्र भी भागते हुए कमरे में जा घुसे और वहां पर नीरज को पीटने लगे। इसके बाद घरवालों ने पुलिसकर्मी सुरेन्द्र को घेर लिया और जमकर लातो घूसों से पिटाई करने के बाद कमरे में ही बंधक बना लिया। इधर बाहर मौजूद दरोगा को भी ग्रामीणों ने जमकर अपमानित किया और पीटा। इस घटना की सूचना एक ग्रामवासी ने थाना प्रभारी श्रीधर पाठक को दी। उस समय पाठक न्यायालय में मौजूद था। उन्होने थाने के दरोगा इतंजार खां को सूचना दी। सूचना मिलते ही इंतजार खां दरोगा थाने के समस्त फोर्स को साथ में लेकर गांव पहुंच गये और जो भी ग्रामीण मिला उसकी पिटाई करनी शुरु कर दी। देखते देखते पूरे गांव में भगदड़ मच गयी। ग्रामीणों ने भी पुलिस बल के ऊपर पत्थरबाजी शुरु कर दी। खैर किसी तरह से पुलिस कर्मियों ने अपने साथी को छुड़ाया और नीरज को पकड़ कर अपने साथ थाने ले गयी। बंधक बने सिपाही ने लोनीकटरा थाने पर ही नीरज सहित अन्य ग्रामीणों के ऊपर मारपीट और लूटपाट का मुकदमा दर्ज कराया है। जबकि नीरज की मां का आरोप है कि पुलिस कर्मियांे ने उसके बेटे को बिना वजह मारा पीटा उसका मोबाइल छीन लिया और मास्टर संतराम के घर की महिलाओं से छेड़खानी की। इस घटना के बाद से गांव में दहशत व्याप्त हो गयी है। पूरे मामले के बारे में थाना प्रभारी श्रीधर पाठक का कहना है कि ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों के साथ अभद्रता की है। जिसका मुकदमा पंजीकृत किया गया है। उन्होने ग्रामीणों द्वारा लगाये गये आरोपों को झूठा करार दिया है।

लेने के देने पड़ गये
बाराबंकी। लोनीकटरा थाने के पुलिस कर्मियों की यह कोई पहली घटना नही है। थाने के पुलिसकर्मी पूरी तरह से बेलगाम हो गये हैं। किसी भी गरीब व्यक्ति का अगर कोई काम पड़ता है तो थाने के पुलिस कर्मी बिना सुविधा शुल्क के लिये एक कदम भी आगे नही बढ़ाती। अगर दूसरे पक्ष से पुलिस ने पैसा ले लिया है तो गरीब पीड़ित को ही पुलिस अपना निशाना बना लेेती है। हालात तो यह हैं कि छोटे से छोटे मामलों में पुलिस मोटी रकम की तलाश में रहती है। कई बार क्षेत्रीय विधायक राम मगन रावत ने भी इन पुलिस कर्मियों को हड़का कर गरीबों के पैसे वापस कराये हैं। आज भी जो घटना घटी उसमें लोनीकटरा की पुलिस बिना किसी शिकायती पत्र के ही पैसों की तलाश में गांव गयी थी। लेकिन मामला सब कुछ उल्टा हो गया और पुलिस को लेने के देने पड़ गये हैं।  

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