दरियाबाद क्षेत्र में हो रही पेड़ों की अवैध कटान
https://husainijnp.blogspot.com/2016/06/blog-post_167.html
रामसनेहीघाट, बाराबंकी। पुलिस व वन विभाग की मिली भगत से थाना दरियाबाद
बाद में प्रतिबंधित पेडो की अंधा धुंध कटान लगातार जारी हैं। जिसके चलते
गुरूवार को क्षेत्र के जटहा गांव में आधा दर्जन आम के पेडो के सीने पर
आरा चलाकर धराशाही कर दिया गया। मालूम हो कि वन विभाग व पुलिस की मिली
भगत के चलते लगातार प्रतिबंधित हरे पेडो की कटान दरियाबाद क्षेत्र के
बदस्तूर जारी है अगर गत जनवरी माह से प्रतिबंधित पेडो की कटान पर गौर
किया जाय तो दरियाबाद क्षेत्र में दर्जनो पेड वन विभाग व पुलिस की मिल
भगत से काटे जा चुके है। इसी क्रम में गुरूवार को एक बार फिर प्रदेश
सरकार का ग्रीन यूपी क्लीन यूपी की धज्जियां उडाते हुए लकडी के ठेकेदारो
ने आधा दर्जन से अधिक आम के पेडो को काट डाला गया। सोचनीय बता तो यह है
कि जब कभी वन विभाग अपने को फसता देखता है तो खानापूर्ति करते हुए
ठेकेदार पर जुर्माना कर उसे पेडो को काटने का अभय दान दे देता है। लकडी
के ठेकेदारो का आलम यह है कि वनविभाग व पुलिस के कुछ नामचीन पुलिस
कर्मरियों से सांठगाठ कर पेडो को विना परमिट काटते है जब कभी मामला फसता
तो मात्र जुर्माना होता है और नही फसा तो ठेकेदार की नैया पार घाट लग
जाती है।
बाद में प्रतिबंधित पेडो की अंधा धुंध कटान लगातार जारी हैं। जिसके चलते
गुरूवार को क्षेत्र के जटहा गांव में आधा दर्जन आम के पेडो के सीने पर
आरा चलाकर धराशाही कर दिया गया। मालूम हो कि वन विभाग व पुलिस की मिली
भगत के चलते लगातार प्रतिबंधित हरे पेडो की कटान दरियाबाद क्षेत्र के
बदस्तूर जारी है अगर गत जनवरी माह से प्रतिबंधित पेडो की कटान पर गौर
किया जाय तो दरियाबाद क्षेत्र में दर्जनो पेड वन विभाग व पुलिस की मिल
भगत से काटे जा चुके है। इसी क्रम में गुरूवार को एक बार फिर प्रदेश
सरकार का ग्रीन यूपी क्लीन यूपी की धज्जियां उडाते हुए लकडी के ठेकेदारो
ने आधा दर्जन से अधिक आम के पेडो को काट डाला गया। सोचनीय बता तो यह है
कि जब कभी वन विभाग अपने को फसता देखता है तो खानापूर्ति करते हुए
ठेकेदार पर जुर्माना कर उसे पेडो को काटने का अभय दान दे देता है। लकडी
के ठेकेदारो का आलम यह है कि वनविभाग व पुलिस के कुछ नामचीन पुलिस
कर्मरियों से सांठगाठ कर पेडो को विना परमिट काटते है जब कभी मामला फसता
तो मात्र जुर्माना होता है और नही फसा तो ठेकेदार की नैया पार घाट लग
जाती है।

