निवेशकों को सुविधाएं देने के लिये कटिबद्ध है सरकार: रंजीत
https://husainijnp.blogspot.com/2016/06/blog-post_421.html
बाराबंकी। सम्पूर्ण भारत में औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए सरकार
निवेशकों को प्रत्येक तरह की सुविधाएं देने के लिए कटिबद्ध है। प्रदेश
सरकार नेे भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए समय-समय पर यह घोषणा की है कि
वह निवेशकों को पूर्ण सहयोग देने को प्रस्तुत है। यह बाते मांग करते हुए
नगर पालिका परिषद के चेयरमैन एवं रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण न्यास के
प्रदेश अध्यक्ष रंजीत बहादुर श्रीवास्तव ने कहा कि जनपद बाराबंकी राजधानी
के सनिकट है तथा रेल एवं सड़क यातायात से आच्छादित है साथ ही उद्योगों के
लिए आवश्यक आवश्यकताओं की उपलब्धता भी रखता है। उन्होने बताया कि देवा
कुर्सी मार्ग व देवा चिनहट के मध्य का भाग, लखनऊ-सुल्तानपुर मार्ग पर
गोमती नदी के किनारे मीलों लम्बी पट्टी, घाघरा की तराई का क्षेत्र। श्री
श्रीवास्तव ने आगे बताया कि विद्युत का लाभ उद्योगपति स्वयं निर्मित करते
है इससे बची बिजली जनपद को भी मिल सकती है। निवेशक इन औद्योगिक मूलभूत
वस्तुओं की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता को देखते हुए बाराबंकी में अपना
उद्योग स्थापित करना चाहते है परन्तु दुःख है कि जनपद मे तीन सांसद, तीन
मंत्री एवं चार विधायक होने के बावजूद केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा
खुले हांथों परोसी जा रही इन सुविधाओं को अपनी थाली में लाने के लिए
प्रयासरत नहीं दिख रहे है। मैने भारी एवं लघु उद्योग मंत्री कलराज मिश्र
को इन सम्भावनाओं से अवगत कराया, किन्तु मेरा प्रयास मेरे कद के अनुरूप
नहीं है। जनपद प्रतिनिधियों से अपील करना चाहूंगा कि निवेशकों को
आमंत्रित करें, उद्योगों का प्रस्ताव प्रदेश एवं केन्द्र सरकार को भेजे।
उन्हें उपलब्ध सामग्री की उपलब्धता के प्रति आश्वस्त करें और जनपद का
औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकास करें। उनका यह प्रयास रोजगार और विकास
के द्वार को खेलेगा।
निवेशकों को प्रत्येक तरह की सुविधाएं देने के लिए कटिबद्ध है। प्रदेश
सरकार नेे भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए समय-समय पर यह घोषणा की है कि
वह निवेशकों को पूर्ण सहयोग देने को प्रस्तुत है। यह बाते मांग करते हुए
नगर पालिका परिषद के चेयरमैन एवं रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण न्यास के
प्रदेश अध्यक्ष रंजीत बहादुर श्रीवास्तव ने कहा कि जनपद बाराबंकी राजधानी
के सनिकट है तथा रेल एवं सड़क यातायात से आच्छादित है साथ ही उद्योगों के
लिए आवश्यक आवश्यकताओं की उपलब्धता भी रखता है। उन्होने बताया कि देवा
कुर्सी मार्ग व देवा चिनहट के मध्य का भाग, लखनऊ-सुल्तानपुर मार्ग पर
गोमती नदी के किनारे मीलों लम्बी पट्टी, घाघरा की तराई का क्षेत्र। श्री
श्रीवास्तव ने आगे बताया कि विद्युत का लाभ उद्योगपति स्वयं निर्मित करते
है इससे बची बिजली जनपद को भी मिल सकती है। निवेशक इन औद्योगिक मूलभूत
वस्तुओं की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता को देखते हुए बाराबंकी में अपना
उद्योग स्थापित करना चाहते है परन्तु दुःख है कि जनपद मे तीन सांसद, तीन
मंत्री एवं चार विधायक होने के बावजूद केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा
खुले हांथों परोसी जा रही इन सुविधाओं को अपनी थाली में लाने के लिए
प्रयासरत नहीं दिख रहे है। मैने भारी एवं लघु उद्योग मंत्री कलराज मिश्र
को इन सम्भावनाओं से अवगत कराया, किन्तु मेरा प्रयास मेरे कद के अनुरूप
नहीं है। जनपद प्रतिनिधियों से अपील करना चाहूंगा कि निवेशकों को
आमंत्रित करें, उद्योगों का प्रस्ताव प्रदेश एवं केन्द्र सरकार को भेजे।
उन्हें उपलब्ध सामग्री की उपलब्धता के प्रति आश्वस्त करें और जनपद का
औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकास करें। उनका यह प्रयास रोजगार और विकास
के द्वार को खेलेगा।

