जनधन बीमा योजना के बारे में दी जानकारी
https://husainijnp.blogspot.com/2016/06/blog-post_400.html
सिद्धौर,बाराबंकी। ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त शाखा सूरजपुर द्वारा बुधवार
को एक कैम्प लगाकर किसानों बेरोजगारों ऋण वितरित किए। ग्रामीण बैंक ऑफ
आर्यावर्त के क्षेत्रीय प्रबन्धक के मार्ग दर्शन में आयोजित इस कैम्प में
शाखा प्रबन्धक केपी सिंह द्वारा 20 केसीसी 10 मुद्रा लोन 10 डीआरआई 10
विकलांगो को ऋण व 10 महिलाओं को ऋण वितरित किए गए। इस अवसर पर शाखा
प्रबन्धक श्री सिंह ने शाखा द्वारा किसानों मजदूरों दुकानदारों बुनकरों
विकलांगो व महिलाओं के लिए चलाई जा रही। विभिन्न योजनाओं के विषय में
विस्तार से जानकारी दी। उन्होने कहा कि जरूरत मन्द अपनी आवश्यकता के
अनुसार बैंक द्वारा चलाई जा रही इन योजनाओं का लाभ ले और समय से ऋण चुकता
कर अपना आर्थिक स्तर ऊंचा उठावें। कैम्प में बोलते हुए सहायक शाखा
प्रबन्धक ने प्रधानमंत्री जनधन बीमा योजना के बारे में उपस्थित लोगो को
विशेष जानकारी दी। उन्होने कहा कि जिन लोगो की केसीसी नही बनी है वे
आवश्यक कागजातों के साथ सीधे बैंक आए और किसी के बहकावें में न आए। कैम्प
में बैंक कर्मियों के अतिरिक्त बैंक मित्र व तमाम क्षेत्रीय लोग मौजूद
रहे । शिविर में ऋण पाकर किसानों व बेरोजगारों के चेहरे खिल उठे ।
को एक कैम्प लगाकर किसानों बेरोजगारों ऋण वितरित किए। ग्रामीण बैंक ऑफ
आर्यावर्त के क्षेत्रीय प्रबन्धक के मार्ग दर्शन में आयोजित इस कैम्प में
शाखा प्रबन्धक केपी सिंह द्वारा 20 केसीसी 10 मुद्रा लोन 10 डीआरआई 10
विकलांगो को ऋण व 10 महिलाओं को ऋण वितरित किए गए। इस अवसर पर शाखा
प्रबन्धक श्री सिंह ने शाखा द्वारा किसानों मजदूरों दुकानदारों बुनकरों
विकलांगो व महिलाओं के लिए चलाई जा रही। विभिन्न योजनाओं के विषय में
विस्तार से जानकारी दी। उन्होने कहा कि जरूरत मन्द अपनी आवश्यकता के
अनुसार बैंक द्वारा चलाई जा रही इन योजनाओं का लाभ ले और समय से ऋण चुकता
कर अपना आर्थिक स्तर ऊंचा उठावें। कैम्प में बोलते हुए सहायक शाखा
प्रबन्धक ने प्रधानमंत्री जनधन बीमा योजना के बारे में उपस्थित लोगो को
विशेष जानकारी दी। उन्होने कहा कि जिन लोगो की केसीसी नही बनी है वे
आवश्यक कागजातों के साथ सीधे बैंक आए और किसी के बहकावें में न आए। कैम्प
में बैंक कर्मियों के अतिरिक्त बैंक मित्र व तमाम क्षेत्रीय लोग मौजूद
रहे । शिविर में ऋण पाकर किसानों व बेरोजगारों के चेहरे खिल उठे ।

