रमजान में रोजा रखने से मिलता है शवाब: रियाज
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जैदपुर बाराबंकी। मुबारक माह रमजान में रोजा रखने के साथ रोजा खुलवाने का
भी सवाब अलग है इस माह में अल्लाह अपनी रहमतों का दरवाजा खोलकर नेयमतांे
से अपने बन्दों को नवाजता है। माहे रमजान में जो चीज अल्लाह की रहमत से
मिलती है साल के किसी माह में एक साथ नही मिल सकती उक्त बातें चेयरमैन
रियाज अहमद ने पत्रकार शहाबुददीन सिददीकी के आवास पर रोजा अफतार पार्टी
के दौरान कही। आगे उन्होंने कहा की रमजान का महीना बहुत ही बरकतांे का
महीना है इस माह में अल्लाह ने अपने बन्दांे को कुरआन का तोहफा दिया है
लोग भूख प्यास की परवाह न करके रोजा रखकर अल्लाह को नेक होने का सुबूत
पेश करते है। और परवर दीगार अपने बन्दांे की हर जायज दुआ को कबूल करता
है। पत्रकार आसिफ हुसैन ने कहा रमजान माह की फजीलत बहुत ही बडी है। इबादत
व तिलावत के इस माह सहरी अफतारी करने कराने के साथ साथ लोगों को गरीबों
का ध्यान रखना चहिये। फित्रा जकात सदका अतिया आदि देना भी बहुत जरूरी है।
इसी क्रम में जैदपुर के उस्तादुस्शोआरा बशर जैदपुरी ने ये कलाम पेश किया
जो काबिले तारीफ था। जिस पर दादो तारीफ होने के साथ इनामात की बौछार होती
रही। अफतार के पुर्व पत्रकारों पर हो रहे जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने की
वार्ता के दौरान जैदपुर प्रेस के अध्यक्ष अबु उमेर अंसारी ने कहा कि
पुलिस द्वारा हो रहा पत्रकरों पर जुल्म बर्दाश नही किया जायेगा। हमें
मैदान में एक साथ आकर अपने हक की लडाई लडना है। चले चलिये कि चलना ही
दलीले कामरानी है। जो धक कर बैठ जाते हैं उन्हंे मन्जिल नही मिलती। जबकि
शहाबुद्दीन सिददीकी ने कहा कि पुलिस द्वारा पत्रकारों पर आये दिन जुल्म
होते है और हम इन लोगों के शिकार होते रहते है। पुलिस हमें गिरी निगाह से
देखती है। इस मौके पर सपा नेता जावेद रिजवी, अजमी रिजवी, मो. सईद
सिददीकी, मो. आसिफ कैफी इस्लामुददीन, शमीम, मो. वसीम, शकील, मो. आसिफ
फारूकी, हाजी गुडडू, खालिद कुरैशी, मास्टर हबीब खान, परवेज, मो. अलीम
इद्रीसी, मो. इस्तियाक, गदीर, मुन्ना, सहवार हुसैन, शादाब, फकीरे, मन्जू
शफीक, तैयब खान, हिना, इरशाद, इमरान, फुरकान, इसराईल, अतीक, इस्तियाक,
सलीम डीलर, मुस्कान, गुलाम, रसूल, जमील, शाहिद, मुहियादीन, बशर जैदपुरी
सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे।

