भाकियू ने फिर शुरु किया सिल्हौर घाट पर धरना
https://husainijnp.blogspot.com/2016/06/blog-post_570.html
बाराबंकी। प्रशासन की वादा खिलाफी से नाराज भाकियू जल सत्याग्रह करेगा।
यह फैसला 5 जून से जारी धरना स्थल पर आकस्मिक बैठक करके लिया गया। ब्लाक
बनीकोडर से सिल्लौर घाट पर 18 से 26 मई तक चले धरने में जो आश्वासन
प्रशासन की ओर से दिये गये वह तय तारीख को पूरे नहीं हुये इस पर पुनः 5
जून से भाकियू ने धरना प्रारम्भ कर दिया। इसके बाद भी प्रशासन खामोश हैं।
7 जून को भाकियू नेता सदस्य जिला पंचायत मुकेश सिंह की अगुवाई में घरना
स्थल पर देव नारायन शर्मा की अध्यक्षता व संजय गौड़ के संचालन में आहूत
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 10 जून से 11 सदस्यीय भाकियू
के लोग पानी में बैठकर प्रशासन की कुम्भकर्णी नींद तोड़ने की कोशिश
करेंगे। भाकियू के प्रदेश महासचिव मुकेश ने बताया कि इसके बाद भी हाकिम
हुकमरान नहीं चेते तो किसान हार मानने वाला नहीं जिसके बाद हम बड़े
आन्दोलन की भी तैयारी कर रहे है। कहा कि नदी में खतरनाक जीव जन्तु,
मगरमच्छ आदि रहते है अगर कोई अप्रिय घटना हुयी तो इसकी जिम्मेदारी
जिलाधिकारी की होगी। आगे उन्होंन कहा कि आग बरस रही है प्रचन्ड गर्मी से
आम जन जीवन बेहाल है ऐसे में गरीब किसान धरना दे रहा है उसकी मांगों को
नजर अंजाज करना सरकार की विपरीत मन्शा जाहिर करता है। इस मौक्े पर प्रेम
चन्द्र, सियाराम गुप्ता, बाबादीन, निसात, राधेश्याल, ननकू पाल, सूरज
पाण्डे, दुर्गा, मंसाराम, रामचन्दर आदि मौजूद थे।
यह फैसला 5 जून से जारी धरना स्थल पर आकस्मिक बैठक करके लिया गया। ब्लाक
बनीकोडर से सिल्लौर घाट पर 18 से 26 मई तक चले धरने में जो आश्वासन
प्रशासन की ओर से दिये गये वह तय तारीख को पूरे नहीं हुये इस पर पुनः 5
जून से भाकियू ने धरना प्रारम्भ कर दिया। इसके बाद भी प्रशासन खामोश हैं।
7 जून को भाकियू नेता सदस्य जिला पंचायत मुकेश सिंह की अगुवाई में घरना
स्थल पर देव नारायन शर्मा की अध्यक्षता व संजय गौड़ के संचालन में आहूत
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 10 जून से 11 सदस्यीय भाकियू
के लोग पानी में बैठकर प्रशासन की कुम्भकर्णी नींद तोड़ने की कोशिश
करेंगे। भाकियू के प्रदेश महासचिव मुकेश ने बताया कि इसके बाद भी हाकिम
हुकमरान नहीं चेते तो किसान हार मानने वाला नहीं जिसके बाद हम बड़े
आन्दोलन की भी तैयारी कर रहे है। कहा कि नदी में खतरनाक जीव जन्तु,
मगरमच्छ आदि रहते है अगर कोई अप्रिय घटना हुयी तो इसकी जिम्मेदारी
जिलाधिकारी की होगी। आगे उन्होंन कहा कि आग बरस रही है प्रचन्ड गर्मी से
आम जन जीवन बेहाल है ऐसे में गरीब किसान धरना दे रहा है उसकी मांगों को
नजर अंजाज करना सरकार की विपरीत मन्शा जाहिर करता है। इस मौक्े पर प्रेम
चन्द्र, सियाराम गुप्ता, बाबादीन, निसात, राधेश्याल, ननकू पाल, सूरज
पाण्डे, दुर्गा, मंसाराम, रामचन्दर आदि मौजूद थे।

