बूढ़े बाबा मेले का उद्घाटन
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सतरिख बाराबंकी। बूढ़े बाबा की दरगाह शरीफ सौहार्द एवं भाईचारे की मिसाल
है यहां आकर मन को शान्ति मिलती है। यही कारण है कि दिन ब दिन प्रत्येेक
धर्म एवं समुदाय के ज़ायरीनों की संख्या बढ़ती ही जा रही हैं और दूर दराज
से लोग आकर माथा टेकते हैं अपनी मनोकामनायें व्यक्त करते हैं। और
श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं। यह बात कस्बा सतरिख स्थित दरगाह हज़रत
सैय्यद सालार साहू गाज़ी रह. बूढ़े बाबा की चौथी मेले के उद्घाटन अवसर पर
मुख्य अतिथि के रूप में फीता काटने के पश्चात जायरीनों के मध्य समाजवादी
पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह ने कही। उन्होंने कहा यहां आकर
सद्भावना एवं प्रेम अद्भुत नज़ारा देखने को मिलता है। सब एक दूसरे से
कांधे से कांधा मिलाकर अपनी आस्था व्यक्त करते हैं। इससे पूर्व प्रबन्ध
कमेटी के सचिव चौधरी कलीम उद्दीन उस्मानी, जाबिर अली अंसारी, सरफराज अहमद
खॉ, फरज़ान उस्मानी, आशीष सिंह आर्यन, सुमित जयसवाल, नदीम खान, सैय्यद
फैजी, शुजा अहमद, शैलेन्द्र कुमार वर्मा, विशम्बर यादव, दिलशाद अली, मो.
तुफेल, सद्दाम हुसैन, हाफिज अब्दुल खालिक, सुन्दर लाल, मो. जहांगीर,
बिलाल, जुबेर आदि ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
