कोटदार के विरुद्ध डीएम से शिकायत
https://husainijnp.blogspot.com/2016/06/blog-post_616.html
हैदरगढ़, बाराबंकी। मई माह का खाद्यान्न वितरण न होने की शिकायत को पूर्ति
विभाग ने बगैर जांच किये कार्यालय में ही बैठकर निस्तारित कर दिया। राशन
से वंचित कार्ड धारकों ने निराश होकर जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री को
पत्र भेजकर उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर जांच की गुहार लगाई है। मामला
विकास क्षेत्र बेलहरी गांव का है, जहां के कोटेदार आनन्द सिंह ने कार्ड
धारकों के मुताबिक मई माह का पूरा राशन बेंच दिया है वही जून माह में
वितरण के दौरान उक्त कृत्य छिपाने के लिए मई माह का राशन भी चढ़ा दिया है।
ग्रामवासी अखिलेश, सुमन, जयराम, सन्तोष, भारतलाल, भीम सिंह, जंग बहादुर,
महावीर, शशी, जीत बहादुर आदि कार्ड धारकों का आरोप है कि कोटेदार का भाई
प्रधान व ऊंची पहुंच वाला व्यक्ति है। जिससे पूर्ति विभाग भी उन्ही की
हां में हां मिला रहा है। तहसील व डी0एम0 बाराबंकी से शिकायत को भी विभाग
ने गम्भीरता से लेने के बजाय मामले को दफ्तर में ही बैठकर निपटा कर
कोटेदार को क्लीनचिट दे दी। इसके बाद ग्रामीण कार्ड धारकों ने दूसरी बार
जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर दोषी कोटेदार के खिलाफ जांच कर
कड़ी कार्यवाही की मांग की है। इसी तरह कोलहदा ग्राम पंचायत के सोनवीर
सिंह, केदार नाथ, देववीर आदि कार्ड धारकों ने एसडीएम से शिकायत कर तीन से
पात्र गृहस्थी का खाद्यान्न नहीं वितरित किये जाने की शिकायत की है,
लेकिन यह जांच भी कमोवेश पूर्ति विभाग के कार्यालय में ही चल रही है।
पूर्ति विभाग कार्यालय जाने पर कार्ड धारकों से एक ही जवाब दिया जाता है
कि अभी खाद्यान्न गारन्टी योजना में शामिल लोगों की जांच हो रही है। सबसे
अहम सवाल यह है कि जबसे खाद्यान्न गारन्टी योजना लागू हुई तबसे किसी भी
पंचायत में वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल पा रही है। आखिर कब तक
गरीबों की रोटी विभाग व कोटेदार हड़प करता रहेगा।
विभाग ने बगैर जांच किये कार्यालय में ही बैठकर निस्तारित कर दिया। राशन
से वंचित कार्ड धारकों ने निराश होकर जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री को
पत्र भेजकर उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर जांच की गुहार लगाई है। मामला
विकास क्षेत्र बेलहरी गांव का है, जहां के कोटेदार आनन्द सिंह ने कार्ड
धारकों के मुताबिक मई माह का पूरा राशन बेंच दिया है वही जून माह में
वितरण के दौरान उक्त कृत्य छिपाने के लिए मई माह का राशन भी चढ़ा दिया है।
ग्रामवासी अखिलेश, सुमन, जयराम, सन्तोष, भारतलाल, भीम सिंह, जंग बहादुर,
महावीर, शशी, जीत बहादुर आदि कार्ड धारकों का आरोप है कि कोटेदार का भाई
प्रधान व ऊंची पहुंच वाला व्यक्ति है। जिससे पूर्ति विभाग भी उन्ही की
हां में हां मिला रहा है। तहसील व डी0एम0 बाराबंकी से शिकायत को भी विभाग
ने गम्भीरता से लेने के बजाय मामले को दफ्तर में ही बैठकर निपटा कर
कोटेदार को क्लीनचिट दे दी। इसके बाद ग्रामीण कार्ड धारकों ने दूसरी बार
जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर दोषी कोटेदार के खिलाफ जांच कर
कड़ी कार्यवाही की मांग की है। इसी तरह कोलहदा ग्राम पंचायत के सोनवीर
सिंह, केदार नाथ, देववीर आदि कार्ड धारकों ने एसडीएम से शिकायत कर तीन से
पात्र गृहस्थी का खाद्यान्न नहीं वितरित किये जाने की शिकायत की है,
लेकिन यह जांच भी कमोवेश पूर्ति विभाग के कार्यालय में ही चल रही है।
पूर्ति विभाग कार्यालय जाने पर कार्ड धारकों से एक ही जवाब दिया जाता है
कि अभी खाद्यान्न गारन्टी योजना में शामिल लोगों की जांच हो रही है। सबसे
अहम सवाल यह है कि जबसे खाद्यान्न गारन्टी योजना लागू हुई तबसे किसी भी
पंचायत में वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल पा रही है। आखिर कब तक
गरीबों की रोटी विभाग व कोटेदार हड़प करता रहेगा।

