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अपनी बात पर अड़े पत्रकार, कप्तान से नही बात

अजमी रिज़वी
बाराबंकी। बीते बुधवार को इलेक्ट्रानिक चैनल के पत्रकार सतीश कश्यप की
पिटाई प्रकरण के मुद्दे पर शहर कोतवाल व बंकी चौकी इंचार्ज को मुकदमा
दर्ज कर हटाये जाने की मांग को लेकर कप्तान से मिलने गये पत्रकार
प्रतिनिधि मण्डल की वार्ता आखिरकार विफल हो गई। जहां कप्तान ने कहा कि
जांच होगी तभी कोई कार्यवाही होगी वहीं पत्रकारों ने कहा कि पुलिस विभाग
सच जानते हुए भी उसे डकारने पर लगा हुआ है। फिलहाल पत्रकारों ने आगे के
संघर्ष के लिए रणनीति प्रारम्भ कर दी है। सतीश कश्यप के ऊपर किये गये
पुलिसिया हमले को लेकर पत्रकारों का आक्रोश लगातार बढ़ता ही जा रहा है।
गुरूवार को पत्रकारों की हंगामी बैठक के बाद गठित 15 सदस्यीय प्रतिनिधि
मण्डल ने आज कप्तान अब्दुल हमीद के बुलावे पर उनसे जाकर आमने-सामने बात
की। इस प्रतिनिधि मण्डल में पत्रकार सतीश श्रीवास्तव, महंत बीपी दास,
चन्द्रकांत मौर्या, कृष्ण कुमार द्विवेदी राजू भैया, परवेज अहमद, रमेश
वर्मा, दीपक मिश्रा, सरफराज, सतीश कश्यप, संजय वर्मा, मो0 अतहर, तारिक
खान, कामरान अल्वी आदि शामिल रहे। पत्रकारों ने कप्तान के सामने अपना
पक्ष रखते हुए कहा कि सतीश कश्यप व उनके परिजनों को सुरक्षा दी जाये एवं
उन पर हमला करने वाले कोतवाली प्रभारी बीपी यादव तथा बंकी इंचार्ज शिवनाथ
यादव पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें हटाया जाये। इस पर कप्तान ने कहा कि पीड़ित
पत्रकार को सुरक्षा दे दी गयी है और हम इसके लिए आगे गम्भीर भी हैं। जहां
तक सवाल है कोतवाल व चौकी इंचार्ज का तो उसकी जांच सीओ सिटी विशाल विक्रम
के द्वारा की जा रही है। जांच रिपोर्ट में जो आयेगा उसी के आधार पर आगे
कार्यवाही की जायेगी। पत्रकारों ने लोनीकटरा में सिपाही पर हुए हमले व
बाद में लिखे गये ग्रामीणों पर मुकदमें का हवाला देते हुए कहा कि वहां तो
जांच से पहले ही मुकदमा लिखा गया तो यहां पर पत्रकार को पीटने वाले पुलिस
कर्मियों पर मुकदमा लिखने में बहाने क्यों बनाये जा रहे हैं। काफी देर तक
वार्ता हुई लेकिन कोई भी पक्ष इस मुद्दे पर टस से मस न हुआ। पत्रकारों ने
कहा कि एक सम्मानित मान्यता प्राप्त पत्रकार को कोतवाली में बुलाकर
अपमानित किया जाये यह कहां का न्याय है तो कप्तान अब्दुल हमीद ने कहा कि
हम इसकी जांच करवा रहे हैं। पत्रकारों ने अपनी बात कही और कप्तान ने अपनी
बात। आखिर में उन्होंने चौकी इंचार्ज के मुद्दे पर यह जरूर कहा कि हम इसे
दिखवा रहे हैं। हमारी कार्यवाही ऐसी होगी जिससे मीडिया जगत सन्तुष्ट
होगा। फिलहाल पत्रकार प्रतिनिधि मण्डल अपनी बात पर अड़ा रहा और कप्तान भी
अपनी बात पर अडिग रहे। ऐसे में पत्रकारों व कप्तान के बीच हुई वार्ता
बिना किसी निर्णय के विफल हो गई। कप्तान कक्ष से बाहर निकले पत्रकारों ने
इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई का संकल्प लिया और कहा कि पत्रकार साथियों
के साथ बैठकर आगे की लड़ाई की रणनीति को धार दी जायेगी।
जंग में कूदी श्रमजीवी पत्रकार यूनियन
बाराबंकी। श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की आपात बैठक मे दिन दहाडे कोतवाली
परिसर में हुई पत्रकार सतीश कश्यप की निदर्यतापूर्वक पिटाई व पुलिस की
तानाशाही की घोर निन्दा की गयी। अैठक की अध्यक्षता करते हुए उपाध्यक्ष
केपी शुक्ला ने कहा कि पुलिस द्वारा मानावधिकारों का खुला उल्ंधन किया
गया है। किसी आम आदमी को भी पुलिस को मारने का अधिकार नही है। इस घटना के
लिए दोषी कोतवाल बीपी यादव वचौकी इंचार्ज शिवचनाथ यादव पर फौरन मुकदमा
दर्ज किया जाना चाहिए। महामंत्री गोबिन्द वर्मा ने कहा कि पुलिस की
तानाशाही व पत्रकार के साथ मारपीट करने वाले पुलिसजनोंपर कार्यवाही न
होना लोकतत्र के लिए बेहद शर्मनाक है। इसकी जितनी भी निन्दा की जाए कम
है। पुलिस द्वारा एक मान्यता प्राप्त पत्रकार क साथ की गयी इस दुस्साहसिक
घटना से पत्रकार जगत में काफी उबाल है। जिल की इस घटना से प्रदेश कमेटी
को अवगत कराया गया तो प्रदेश महामंत्री आर एस पाण्डे ने भी दोशियों पर
कार्यवाही के लिए पूरा सहयोग देने की बात कही। वर्तमान समय में पुलिस खुद
चौथे स्तम्भ को ध्वस्त करने पर तुली हुई है। यूनियन द्वारा दोषी पुलिस
जनोंपर कार्यवाही न होने तथा जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के साथ ही
सत्ता पत्राकी प्रेस वार्ता का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। इस
मौके पर अशोक सैनी, इकरार अहमद, सुरेन्द्र सिह, सुनील कुमार व अली अब्बास
सकति अन्य लोग मौजूद रहे।
वकील भी हुए पत्रकारों के साथ
बाराबंकी कलेक्ट्रेट कचेहरी में युवा अधिवक्ताओ ने अधिवक्ता उत्तम
श्रीवास्तव के चैम्बर में बैठक कर लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ (मीडिया) पर
हमले की घोर निन्दा की गयी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व
मंत्री जिलाबार एसोशिएशन बाराबंकी सुनीत अवस्थी ने कहा कि वर्तमान सरकार
ने किसी का मान-सम्मान सुरक्षित नही है। पुलिस पूरी तरह से निरंकुश होकर
कार्य कर रही है। जिससे पत्रकार ,व्यापारी, सरकारी कर्मचारी व अधिवक्ता
समाज भी अपने को असुरक्षित महसूस कर रहा है। बंकी कस्बा निवासी
इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार सतीश कश्यप की पुलिस अभिरक्षा में
कोतवाली नगर के पुलिस कर्मियों (चौकी इंचार्ज व कोतवाल) द्वारा की गयी
पिटाई से समाज के सभी वर्गो मे आक्रोश व्याप्त है। यदि मीडिया कर्मी की
रिपोर्ट लिखकर देाषीजनो को दण्डित नही किया गया तो हम अधिवक्ताजन पूर्ण
रूप से पत्रकार बन्धुओं की लड़ाई में हर तरह से सहयोग करेंगे। संचालन करते
हुए अमित शुक्ला एडवोकेट ने  कहा की वर्तमान प्रदेश सरकार आवाजो को
दबानेे की सरकार है। जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण पत्रकार बन्धु पर यह हमला
है। पत्रकार की आवाज को दबाने के लिए चौकी इंचार्ज बंकी द्वारा
विपक्षियों पर उपयुक्त कार्यवाही न करते हुए वादी पत्रकार को ही अपना
षिकार बनाया। जिसकी अधिवक्ता समाज घोर निन्दा करता है। एवं पत्रकार बन्धु
के साथ कदम से कदम मिलकार संघर्ष में उनके साथ इस मौके पर मुख्य रूप से
सुनीत अवस्थी, अमित शुक्ला, आरपी गौतम, उत्तम श्रीवास्तव, सचिन
विश्वकर्मा, देवशरण अवस्थी, नरेन्द्र पाण्डेय, रामनरायन मिश्रा, अक्षय
रावत, संदीप रावत सहित तमाम अधिवक्ता उपस्थित थे।

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