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या अली मौला हैदर मौला की सदाओं से गूंजा जनपद, जगह जगह हुई मजलिसें

अजमी रिज़वी
बाराबंकी। या अली मौला हैदर मौला की सदाओं के साथ इमाम बाड़ा मीर मासूम
अली से ताबूत बरामद हुआ। जनपद मे जगह जगह हुई मजलिसें मीर मासूम अली मे
मजलिस को बनारस से आये मौलाना एहसान के खिताब फरमाया मौलाना ने कहा
इस्लाम मे मर्द उसे कहते है जो एहसान करने वालों को न भूलें और दोस्त व
भाई के अलावा दुष्मन को भी माफ कर दे। सुबह इमाम बाड़ा मीर मासूम अली से
ताबूत बरामद होकर अपने कदीमी रास्ते से होता हुआ कर्बला सिविल लाइन
पहुंचा। अन्जुमन इमामियां ने जगह जगह नौहे पढ़े। हम लोगों के कांधे पर उस
शह का जनाजा है। इब्ने मुल्ज़िम ने हैदर को मारा रोजेदारों कयामत के दिन
है। तकिया, सट्टी बाज़ार से ताबूत पुलिस चौकी के पास आकर शामिल हुआ वहीं
अस्करी हाल, बेलहरा, लाइन पुरवा कम्पनी बाग, बेगमगंज के ताबूत बेगमगंज मे
शामि हुए अन्जुमन गुन्चये अब्बासिया व अन्जुमन गुलामे अस्करी ने भी नौहा
ख्वानी की। सुबह से ही मजलिसों का सिल सिला जारी था। नगराम हाउस मे मजलिस
को मौलाना राहत हुसैन साहब ने खिताब किया। आलिम साहब के अज़ा खाने व मरहूम
मुजतबा के अज़ाखाने से बादे मजलिस ताबूत कर्बला पहुंचा। ताबूत बढ़ाने के
बाद शाही मस्जिद बेगम गंज मे कदीमी मजलिस को मौलाना एहसान साहब ने खिताब
किया। मौलाना ने कहा अस्ल पर सब मुत्तहिद है मगर अफसोस दुष्मनों की साजिष
के तहत लोग मुन्तसिर है। शाही मस्जिद के बाद इमामबाड़ा जनाबे जै़नब बेगज
गंज मे मजलिस हुई जिसको जाकिरे अहलेबैत मास्टर तकी जै़दी ने खिताब किया।
कर्बला की अलविदाई मजलिस को जाकिर अहले बैत अहमद रज़ा साहब ने खिताब किया।
देर रात मरहूम अली अब्बास साहब के अज़ा खाने मे कदीमी मजलिस को मौलाना
मीसम जैदी ने खिताब किया। वहीं मित्तई, केसरवा, देंवा, फतेहपुर, हजरतपुर,
किन्तूर, बदोसराय, जैदपुर, आलमपुर, भानमाऊ, सरायइस्माईल, देवरा, मीरापुर,
रसूलपुर, बेलाव, मोतिकपुर, असन्द्रह, जरगांवा आदि जगहों पर भी मजलिस
आयोजित हुई तथा ताबूत बरामद हुए। हर जगह या अली मौला हैदर मौला की सदायें
गूंजती रहीं। इस मौके पर प्रषासन का कार्य सराहनीय रहा कहीं से किसी
अप्रिय घटना की कोई सूचना प्राप्त नही हुई।

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