अजमी रिज़वी
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश प्रा. मृतक आश्रित शिक्षणेत्तर कर्मचारी संध के बैनर तले लक्ष्मण मेला मैदान में चल रहे अनिश्चितकाललीन धरने के 14वें दिन प्रदेश के कोने-कोने से आये आक्रकोशित कर्मचारियों के विधानसभा कूंच के एलान पर प्रशासन ने गम्भीरता से लेते हुये की उच्च स्तरीय वार्ता हेतु उच्च अधिकारियों के साथ पैनल कमेटी से वार्ता का समय दिया। प्रतिनिधिमण्डल को वार्ता हेतु तय समय पर प्रशासन द्वारा ले जाया गया। पैनल कमेटी की अध्यक्षता कर रहे सचिव बेसिक शिक्षा श्री अजय सिंह को संघ अध्यक्ष जुबेर अहमद ने बताया कि विभाग में मृत शिक्षक के पाल्यों को योग्यतानुसार पर नहीं दिया गया है। पीएचडी, एलएलबी, एमबीए, एमसीए जैसी योग्यताधारी आश्रित को चपरासी बना दिया गया। उन्हें योग्यता साबित करने का एक मौका विभाग को देना चाहिए। संगठन महामंत्री विनोद यादव ने वार्ता के क्रम में कहा कि योग्य मृतक आश्रित, को चतुर्थ श्रेणी कर्मचरी बनाने के बाद उन्हें किसी भी तरीके से आगे बढ़ाने का कोई रास्ता विभाग के पास नहीं है। जिससे कर्मचारी अपनी योग्यता को सिद्ध कर सकें और अपनी क्षमता के अनुसार विभाग को अपना योगदान दें। संघ सचिव पंकज बाजपेई ने बताया कि 20-25 वर्षों से स्नातक व परास्नातक योग्यता रखने के बावजूद भी कर्मचारी एक पद से ही सेवानिवृत्त हो रहे है। संध कोषाध्यक्ष हर्षित अरोड़ा ने कहा कि विभाग में लिपिकी संवर्ग की अति कमी के चलते शिक्षकों से लिपिकीय कार्य कराया जा रहा है। जिससे नव-निहालों की शिक्षा व्यवस्था चौपट हो गी है। पूर्वाचल प्रभारी साजिद खान ने कहा कि विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की कोई निर्धारित नही है। जिससे कर्मचारियों को कई तरह के नामों से सम्बन्धित किया जाता है। जिससे कर्मचारी मानसिक रूप से कुंठित होने पर विवश है। बैठक की अध्यक्षता कर रहे सचिव बेसिक शिक्षा अजय सिंह ने प्रतिनिधि मण्डल की सम्पूर्ण बातों को ध्यान से सुनते हुये सभी मांगों पर गहरा विचार-मंथन किया। कर्मचारियों की समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुये उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग में यह जटिलता है जिसके चलते मृतक आश्रित को अनुकम्पा का लाभ तो दिया गया, परन्तु उन्हें योग्यतानुसार पद का निर्धारण नहीं किया जा सका, जोकि विचारणीय है। विभाग इस कमी को जल्द दूर करेगा और अग्रिम दो माह के अन्दर मृतक आश्रित कर्मचारियों की सेवानियमावली में संशोधन करते हुये पदोन्नति एवं पदनाम/सेवानियमावली का शासनादेश निर्गत किया जायेगा। सभी योग्य मृतक आश्रित कर्मचारियों को योग्यतानुसार पद पर कार्य करने का मौका अवश्य दिया जायेगा। प्रतिनिधि मण्डल में प्रदेश अध्यक्ष जुबेर अहमद, प्रदेश महामंत्री विनोद यादव, प्रदेश सचिव पंकज बाजपेई, प्रदेश कोषाध्यक्ष हर्षित अरोड़ा, पूर्वाचल प्रभारी साजिद खान शामिल रहे। सफल वार्ता उपरान्त प्रतिनिधिमण्डल ने धरना स्थल पर मौजूद सभी कर्मचारियों को वार्ता पर बनी सहमति से अवगत कराा जिससे कर्मचारियों में हर्ष की लहर दौड़ गयी। सभी कर्मचारियों ने गले मिलकर एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। तत्पश्चात संगठन अध्यक्ष जुबेर अहमद एवं महामंत्री विनोद यादव द्वारा लक्ष्मण मेला मैदान में 14 दिन से चल रहे अनिश्चितकालीन धरने को विभाग एवं सरकार को चेतावनी देते हुये कहा कि यदि सफल वार्तानुसार 30 दिन के अन्दर प्रगति न दिखाई दी तो 45 दिन बाद कर्मचारियों द्वारा एक जोरदार शक्ति प्रदर्शन के लिये सरकार व विभाग तैयार रहे। इस तरह कर्मचारियों द्वारा चल रहे 14वें दिन अनिश्चितकालीन धरने को 45 दिन के स्थगित कर दिया।