परवर दिगार को पसंद है रोजा: रियाज
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अजमी रिज़वी
जैदपुर बाराबंकी। माहे रमजान के मौके पर जहॉ एक तरफ लोग तिलावत इबादत
सहरी अफतारी सहित अल्लाह की रजा के लिये तपिश व धूप के बावजूद रोजा रखकरबन्दी में लगे हुये है। वहीं छोटे-छोटे बच्चे भी रोजे रखकर नेक होने का
सबूत पेश कर रहे है। जिनकी आज रोजा कुशाई की गयी। स्थानीय कस्बा जैदपुर
के मोहल्ला छोटा इमाम बाडा निवासी शहाबुददीन सिददीकी की दो बच्चियॉ हिना
(7) व मुस्कान (9) ने पहला रोजा रखा जिनकी बहुत ही धूमधाम से रोजा कुशाई
की गयी। मौके पर पहॅुचे चेयरमैन रियाज अहमद ने बच्चों के मॉ बाप को बधाई
देकर रोजेदार बच्चियों की सराहना करते हुये कहा। इस माह में बन्दों को
अल्लाह ने कुरआन का तोहफा भी अता किया। जिसे लोगों ने अपने सीने में
बसाकर नेक रास्ते पर चलने की तालीम हासिल की है। इस माह में इबादत तिलावत
करने के साथ जकात सदका फितरा अतिया देकर गरीबों का भी विशेष ध्यान रखा
जाता है। रोजा रखने के साथ साथ रोजदारों को अफतार कराने में भी बहुत शवाब
मिलता है। इस माह में महिला बूढे़ जवान सहित छोटे छोटे मासूम बच्चे भी
रोजा रखते है और अल्लाह से अफतार के वक्त अपने छोटे छोटे हाथों को उठाकर
दुआ करते हैं। इस माह अल्लाह अपने बन्दों की हर दुआओं को कबूल करता है।
क्योंकि रोजा बहुत पसन्द है। परवर दीगार को। अन्त में शहाबुददीन सिददीकी
ने कहा कि बच्चों को दीनी शिक्षा देने के साथ साथ इमान व अल्लाह के बताये
गये रास्ते पर चलने की तालीम देना हर मॉ बाप का फर्ज है। आज मेरी मासूम
बच्चियॉ हिना व मुस्कान ने अपने जीवन में पहला रोजा है। जिसकी हमें बेहद
खुशी है। बच्चों के अच्छे तौर तरीके व अच्छी शिक्षा से मॉ बाप का नाम
रोशन होता है। जबकि आये लोगों ने बच्चियों को पुरूस्कार देकर उनकी हौसला
अफजाई की।

