खतरे के निशान से 65 सेमी ऊपर बह रही घाघरा
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बाराबंकी। पड़ोसी देश नेपाल द्वारा पानी छोडे जाने पर उफनाई घाघरा नदी का
जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 65 सेमी ऊपर पहुंचकर स्थिर हो गया है। नदी
का पानी तलहटी में बसे दर्जनो गांवो पर कहर बरपा रहा है। पानी से घिरे इन
गंावो के ग्रामीणो जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। यदि जलस्तर और बढा तो
इन गंावो के ग्रामीण गंाव से पलायन करने पर मजबूर होगें। आज मंगलवार को
नदी का जलस्तर बढकर सुबह 9 बजे 106.716 पर जाकर स्थिर हो गया। घाघरा खतरे
के निशान से 65 सेमी ऊपर बह रही है। नदी का पानी तलहटी में बसे बबुरी
कचनापुर, करमुल्लापुर, कुडीन, कुसौरा, तम्मसेपुर, करमुल्लापुर, जमका
परशुरामपुर, रैकोलवा, खुज्जी सहित दर्जनों गंावो में घुंस गया है। जिसके
चलते ग्रामीणो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यदि नदी का
जलस्तर और बढा तो ग्रामीण गांव छोडने को मजबूर होगंे। नदी के पानी से
घाघरा घाट से तपेसिपाह जाने वाले नवनिर्मित ऊंचे तटबन्धनुमा सड़क मार्ग को
भी काट रहा है। यदि नदी के पानी का बेग कम नही हुआ तो यह सड़क मार्ग भी
ध्वस्त हो जायेगा।
तहसील दिवस में जिलाधिकारी ने सुनी फरियादियों की शिकायत, 149 प्रार्थना
पत्र प्रस्तुत हुए

