BJP-अकाली और AAP की नजरें आज प्रैस कांफ्रेंस नवजोत सिद्धू की होने वाली
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नई दिल्ली: बीते सोमवार यानी की 18 जुलाई को राज्यसभा सीट से इस्तीफ़ा देने वाले क्रिकेटर से राजनीतिज्ञ बने नवजोत सिंह सिद्धू दिल्ली में मीडिया से आज बात करेंगे और उसके बाद मुंबई चले जाएंगे, जहां उनको शूटिंग में हिस्सा लेना है। अब इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि सिद्धू आखिर प्रैस कांफ्रैस में बोलेंगे क्या और आज किस-किस नेता की पोल खोलेंगे। भाजपा सहित अकाली दल, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सबकी नजर इसी पर हैं। सिद्धू आज क्या घोषणा करने वाले हैं और उसी के आधार पर उनकी आगे की रणनीति का भी खुलासा होगा।
बता दें कि नवजोत सिद्धू के राज्यसभा पद से इस्तीफा देने के बाद उनके बारे में मीडिया में कई कहानियां आ गई हैं। किसी ने लिखा कि वे 2014 में अमृतसर से टिकट कटने के बाद से ही अरुण जेटली से नाराज चल रहे थे और इसी वजह से उन्होंने सदस्यता छोड़ी। कहीं खबरे है कि बादल परिवार से बदला निकालने के लिए सिद्धू भाजपा से अलग हो रहे हैं। किसी अखबार में छपा है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से उनकी कुछ नोक-झोंक हो गई और इसके बाद उन्होंने राज्यसभा छोड़ने का फैसला किया।
बात साफ है कि जब तक सिद्धू कुछ नहीं बोलेंगे कि आखिर उन्होंने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया तब लोग ऐसे कयास लगाते ही रहेंगे। जानकार सूत्रों का कहना है कि सिद्धू भाजपा और अकाली दल के कई नेताओं की पोल खोल सकते हैं। वे भाजपा और अकाली दल के गठबंधन पर भी बोलेंगे और यह भी कहा जा रहा है कि आम आदमी पार्टी के एजेंडे को लेकर भी वे अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे। यानी नशीले पदार्थों की तस्करी और उसको मिलने वाली सरकार की कथित शह पर भी वे बोल सकते हैं। सिद्धू जो कुछ भी कहेंगे उसका बड़ा राजनीतिक मतलब होगा और वह अगले साल होने वाले पंजाब चुनाव से जुड़ा होगा।
बता दें कि 2017 में पंजाब में चुनाव होने वाले है और इससे पहले सिद्धू का भाजपा-अकाली दल से नाता तोड़ना पार्टी के लिए नुकसानदायक भी सिद्ध हो सकता है तो दूसरी ओर आप सिद्दू के इस फैसले से काफी खुश है हालांकि पिछले दिनों दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल से स्पष्ट कर दिया था कि पार्टी ने सिद्धू को पंजाब के सीएम तौर पर आगे रखने के बारे में अभी नहीं सोचा है।
बता दें कि नवजोत सिद्धू के राज्यसभा पद से इस्तीफा देने के बाद उनके बारे में मीडिया में कई कहानियां आ गई हैं। किसी ने लिखा कि वे 2014 में अमृतसर से टिकट कटने के बाद से ही अरुण जेटली से नाराज चल रहे थे और इसी वजह से उन्होंने सदस्यता छोड़ी। कहीं खबरे है कि बादल परिवार से बदला निकालने के लिए सिद्धू भाजपा से अलग हो रहे हैं। किसी अखबार में छपा है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से उनकी कुछ नोक-झोंक हो गई और इसके बाद उन्होंने राज्यसभा छोड़ने का फैसला किया।
बात साफ है कि जब तक सिद्धू कुछ नहीं बोलेंगे कि आखिर उन्होंने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया तब लोग ऐसे कयास लगाते ही रहेंगे। जानकार सूत्रों का कहना है कि सिद्धू भाजपा और अकाली दल के कई नेताओं की पोल खोल सकते हैं। वे भाजपा और अकाली दल के गठबंधन पर भी बोलेंगे और यह भी कहा जा रहा है कि आम आदमी पार्टी के एजेंडे को लेकर भी वे अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे। यानी नशीले पदार्थों की तस्करी और उसको मिलने वाली सरकार की कथित शह पर भी वे बोल सकते हैं। सिद्धू जो कुछ भी कहेंगे उसका बड़ा राजनीतिक मतलब होगा और वह अगले साल होने वाले पंजाब चुनाव से जुड़ा होगा।
बता दें कि 2017 में पंजाब में चुनाव होने वाले है और इससे पहले सिद्धू का भाजपा-अकाली दल से नाता तोड़ना पार्टी के लिए नुकसानदायक भी सिद्ध हो सकता है तो दूसरी ओर आप सिद्दू के इस फैसले से काफी खुश है हालांकि पिछले दिनों दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल से स्पष्ट कर दिया था कि पार्टी ने सिद्धू को पंजाब के सीएम तौर पर आगे रखने के बारे में अभी नहीं सोचा है।

