बूढ़े बाबा का सालाना उर्स आज, तैयारियां पूरी
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बाराबंकी। हज़रत सैय्यद सालार साहू गाज़ी (रह0अलै0) बूढ़े बाबा सच्चाई
ईमानदारी एवं न्याय के पक्षधर थे। यही कारण है कि एक हजार वर्ष से अधिक
गुजर जाने के बाद सभी धर्म एवं समुदाय के जायरीन इनके आस्ताने से अकीदत
रखते हैं। वह हमेशा जालिमो के खिलाफ मजलूमों की हिमायत करते थे। ऊँच-नीच,
छुआ-छूत के सदैव खिलाफ रहे। उनकी शिक्षा भाईचारे एवं सौहार्द के लिये
रहती थी। यही कारण है कि दिनो दिन छोटे बड़े सभी कांधे से कंधा मिला अपनी
अटूट आस्था व्यक्त करने में एक दूसरे से आगे निकलने का प्रयास करते रहते
है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कस्बा सतरिख स्थित सौहार्द की प्रतीक
दरगाह शरीफ हज़रत सैय्यद सालार साहू गाज़ी (रह0अलै0) बूढे़ बाबा पर इनके
यौमे विसाल (देहान्त) के अवसर पर इनकी याद में ईद माह की चांद की 24
तारीख जो 30 जुलाई 2016 है को उर्स/मेले का आयोजन बड़े जोश-ओ-खरोश के साथ
हो रहा है। जिसमें मुल्क के कोने-कोने से जायरीन आकर अपनी मन्नते मुरादें
मांगते हैं और अपनी अट्ट आस्था व्यक्त करते हुये। श्रद्धासुमन अर्पित
करते है और अपने बच्चों के मुण्डन संस्कार कराते है। दरगाह शरीफ के सचिव
चौधरी कलीम उद्दीन उस्मानी ने बताया कुल शरीफ़ का आयोजन रात्रि 10ः00 बजे
से होगा। जिसमें उलेमा, हाफिज़, कारी शिरकत करेगें। इसके पश्चात सुबह से
ही समाजिक धार्मिक एवं सूफियाना कव्वालियों आदि के कार्यक्रमों का
सिलसिला जारी रहेगा। दूसरे दिन कुरान खुवानी का एहतिमाम भी किया गया है।
श्री उस्मानी ने बताया कि इसके पश्चात उर्स/मेले का परम्परागत उदघाटन
होगा, और जायरीनों की सुविधा के लिये रोशनी, पानी सफाई एवं ठहरने हत
प्रभारी मेला जाबिर अली अन्सारी, सहायक प्रभारी सरफराज अहमद खां, फरज़ान
उस्मानी, अभिषेक श्रीवास्तव, सुन्दरलाल गौतम, कन्धईलाल गौतम, राम प्रताप
रावत, भोला यादव, मो0 राशिद उर्फ पप्पू मियां, मो0 तुफैल, अब्दुल खालिक,
विशम्भर यादव आदि की एक टीम गठित कर दी गयी है। जिसमें श्रद्धालओं को
कष्ट न हों।

