aajtaktimes

झमाझम बारिश से किसानों खिल उठे चेहरे

अजमी रिज़वी
बाराबंकी। आज पूरे जनपद में शहर से लेकर गांव तक झमाझम बारिश हुई। एक तरफ जहां इस बरसात ने नगर पालिका से लेकर नगर पंचायतो की सफाई व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के किसानों के चेहरे खिल गये। हर तरफ जिधर देखो उधर पानी ही पानी नजर आ रहा था। जब से बरसात का मौसम शुरु हुआ है उसके बाद से बरसात तो थोड़ी बहुत हुई लेकिन उस बरसात से किसानों को कोई फायदा नही पहुंचा। आज दोपहर से जो बरसात शुरु हुई तो हर तरफ झमाझम बरसात हुई। बाराबंकी शहर से लेकर रामनगर, रामसनेहीघाट, सिरौलीगौसपुर, हैदरगढ़ सहित सभी तहसीलों में जमकर पानी बरसा। जिसका आलम यह रहा कि शहर और कस्बो में बरसात का पानी सड़कों पर बह रहा था। हर तरफ गंदगी नजर आ रही थी। खासतौर से बाराबंकी शहर के आवास विकास कालोनी, दशहराबाग कालोनी, काशीराम कालोनी, विजय नगर, अभय नगर, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, छाया चौराहा, निबलेट तिराहा, जिला अस्पताल से लेकर शहर के हर गलियों में बरसात का पानी भरा हुआ है। कांगजों पर ही सफाई व्यवस्था को दिखाने वाले सफाई कर्मियों की पोल आज पूरी तरह से खुल गयी। क्योंकि अधिकांश नालियां साफ नही की गयी थी। जिसका नतीजा यह रहा कि बरसात का पानी सड़कों व गलियों में बह रहा था। बस स्टेशन परसिर में तो बस यात्रियों को आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। परिसर के आस पास घुटनों तक का पानी भर गया। जिससे वहां पर अव्यवस्था फैल गयी। यही हाल बाराबंकी जनपद की नगर पंचायतें क्रमशः देवा, फतेहपुर, रामनगर, टिकैतनगर, दरियाबाद, सिद्धौर, जैदपुर, हरख, सुबेहा और हैदरगढ़ में भी यही हालात नजर आ रहे थे। आम नागरिकों का आज पैदल चलना मुश्किल हो गया। झमाझम कई घण्टो तक हुई बरसात से किसानों के चेहरे खिल गये हैं। किसानों का कहना है कि अगर इसी तरह बरसात हुई तो इस बार धान की फसल लगायी जायेगी। जिसका फायदा मिलेगा।
थाना असन्द्रा बन गया टापू
बाराबंकी। आज हुई भीषण बरसात में थाना असन्द्रा टापू बन गया। जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था न होने के कारण बरसात का पानी पूरे परिसर में घुटनो-घुटनो तक भर गया। जिसके कारण पुलिस कर्मियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा असन्द्रा बाजार, देवीगंज, नई सड़क में भी जल भराव की स्थिति बनी रही। इन प्रमुख बाजारों में जल निकासी के लिये कोई व्यवस्था न होने के कारण इसका खामियाजा दुकानदारों को भुगदना पड़ा।   

Related

UP 9203379138907748292

Post a Comment

emo-but-icon

Recent

Comments

item