धीरे-धीरे घटने लगा है घाघरा का जलस्तर
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रामनगर बारांबकी। घाघरा नदी का जलस्तर निरन्तर घट रहा है लेकिन बाढ
पीडितो की परेशानियां कम होने का जहंा नाम नही ले रही है वहीं लगातार हो
रही बारिश के कारण राहत कार्यो में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। हालाकिं
तहसील प्रशासन बाढ क्षेत्र के गांवो में और तट बन्धो पर डेरा डाले पीडितो
में भोजन पैकेट व हरसम्भव राहत सामग्री बाट रहा है। शुक्रवार को नदी का
घट रहा जलस्तर अपराहन दोे बजे 106.536 पर पहुंचकर स्थिर हो गया। जो खतरे
के निशान से अब भी 46 सेमी ऊपर है। वर्षा बाढ़ पीड़ितो की दुशवारियो को और
बढा रही है जिससे राहत सामग्री वितरण में भी व्यवधान पड रहा है। बाढ से
घिरे गंावो में तथा बंधे पर तिरपाल डालकर डेरा डाले बाढ पीडितो मे नावों
द्वारा भोजन पैकेट भिजवाये जा रहे है। बाढ पीडितो को पशुओं के चारे की भी
समस्या से जूझना पड रहा है। घरो में पानी भर जाने के चलते घर के अन्दर
स्टोर किया गया भूसा नष्ट हो गया है। खेतो में पानी भर जाने के चलते हरा
चारा भी खत्म हो गया है। अब ग्रामीणो को अपने पशुओं के चारे के लिए कई
किलो मीटर दूर जाना पडता है। मच्छरो के प्रकोप के चलते पीडितो को रात में
नींद नही आती है। खासी बुखार व संक्रामक रोग पांव पसार रहे है। तटबन्ध पर
पर्याप्त संख्या में हैण्ड पम्प लग जाने के चलते अब उन्हे पेयजल की
समस्या से छुटकारा मिल गया है। पंचायती राज विभाग द्वारा अस्थाई शौचालय
भी बना दिये गये है। वहीं दूसरी तरफ सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में
घाघरा नदी की बाढ़ का पानी घट रहा है वहीं बाढ़ प्रभावित गांवों की
मुश्किलें बढ़ गयी हैं। ईंधन लकड़ी पानी में भीग गयी हैं। वहीं पशुओं के
चारा की भी गम्भीर समस्या दिख रही है। अलीनगर, रानीमऊ, तटबांध पर टिके
बाढ़ पीड़ितों परसा से लेकर कोठरी गौरिया तक पन्द्रह सौ लंच पैकेट नायब
तहसीलदार मो. हारून ने राजस्व कर्मियों के साथ वितरित किया। शुक्रवार को
नायब तहसीलदार मो. हारून ने काठरी गौरिया में पचास बाढ़ पीड़ित परिवारों को
तिरपाल व पन्नी वितरित किया है। एसडीएम प्रभाकान्त अवस्थी ने बताया कि
बाढ़ पीड़ितों को भोजन लंच पैकेट व ठहरने के लिए तिरपाल व पन्नी का वितरण
कराया जा रहा है।
तटबंध बनाने के नाम पर हुआ खेल
सिरौलीगौसपुर,बाराबंकी। ग्राम किन्तूर की डामर रोड़ पूर्ण रूप से
क्षतिग्रस्त व एक फिट से ड़ेढ फिट उंचा कीचड़ जमा हुआ है। इसी सड़क से बाढ़
पीड़ित गांवों के ग्रामीण अलीनगर, रानीमउ, तटबंध से अपने घरों को जाते
हैं। अलीनगर, रानीमऊ, तटबंध को जेसीबी से डलवाकर लाखों रुपये का फर्जी
भुगतान बाढ़ खण्ड द्वारा निकाल लिए गया बांध पर कीचड़ ही कीचड़ भरा हुआ
है। मोटर साइकिल से बांध पर जाना मौत के मुॅह में जाने के बराबर है। अगर
बाइक फिसल जाय तो पन्द्रह बीस फिट गहरे पानी में ही जाकर रुकेगी बाढ़
पीड़ितों के लिए बांध भी मुसीबत का सबब बना हुआ है। ग्राम किन्तूर के
प्रधान प्रतिनिधि मो. सलमान अंसारी ने जिला प्रशासन से ग्राम किन्तूर की
डामरी कृत सड़क उच्चीकरण व बांध पर राबिस व खण्डे डलवा कर राहगीरों के
चलने लायक बनवाये जाने की मांग किया है।

