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दर्जनों शिकायती पत्र देने के बावजूद नही हुई कार्यवाही

बाराबंकी। थाना कुर्सी अन्तर्गत एक महिला अपने दस वर्षीय पुत्र के साथ
न्याय पाने के लिये दर-दर की ठोकरे खा रही है। एक तरफ जहां आशिक मिजाज
पति की हरकतों से तंग आकर जब महिला ने विरोध किया तो पति ने उसको घर के
धक्के देकर खदेड़ दिया। न्याय पाने के खातिर जब पीड़िता थाना कुर्सी गयी तो
पुलिस ने भी उसकी फरियाद नही सुनी। जब पीड़िता पुलिस अधीक्षक से न्याय की
गुहार लगायी तो वहां पर सिर्फ उसे आश्वासन ही मिला। आखिर वह मजबूर होकर
पीड़िता अपने मासूम बच्चे के साथ में देवा रोड स्थित गांधी भवन में धरने
पर बैठ गयी। जानकारी के अनुसार थाना कुर्सी क्षेत्र के ग्राम मधवापुर
पोस्ट दरावां निवासी अनिल कुमार की शादी 15 वर्ष पूर्व चन्द्रावती से हुई
थी। शुरुआत का एक दशक पति पत्नी के बीच बहुत ही अच्छे ढंग से गुजर गया।
इसी बीच चन्द्रावती को एक औलाद हो गयी। जिससे सभी लोग पूरी तरह से खुश
थे। लेकिन वर्ष 2011 में आशिक मिजाज अनिल कुमार का गांव की ही एक बेवा
महिला के साथ प्रेम प्रसंग चलने लगा और धीरे-धीरे मामला इतना आगे बढ़ गया।
दोनो लोग एक ही छत के नीचे रहने लगे। जब चन्द्रावती को इस बात की भनक लगी
तो उसने अपने पति से कहा कि आखिर मुझ में क्या कमी है जो तुम दूसरी औरत
के चक्कर में पड़े हो। लेकिन प्रेम के रंग में चूर अशोक कुमार ने जरा-जरा
सी बात पर अपनी पत्नी चन्द्रावती की पिटाई करने लगा और दो माह पूर्व
पत्नी चन्द्रावती और मासूम बेटे अतुल को मारपीट कर घर से निकाल दिया।
न्याय पाने के खातिर पीड़ित महिला थाना कुर्सी गयी। जहां पर थाना प्रभारी
ने मामले को सुलझाने के वजाय चन्द्रावती को यह कहकर वापस कर दिया।
तुम्हारा घर का मामला है। इस मामले में मैं तुम्हारी कोई मदद नही कर
सकता। आखिरकार मजबूर होकर चन्द्रावती ने थाने से लेकर पुलिस कार्यालय तक
दर्जनों चक्कर लगाये और न्याय की गुहार लगायी। लेकिन किसी भी अधिकारी ने
कोई ध्यान नही दिया। आखिरकार मजबूर होकर 11 जुलाई को देवा रोड स्थित
गांधी भवन में पीड़िता चन्द्रावती अपने मासूम बेटे के साथ धरने पर बैठ
गयी। इस बारे में पीड़िता का कहना है कि अगर मुझे न्याय नही मिला तो मैं
यहीं पर अपनी जान दे दूंगी जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

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