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बनीकोडर सीएचसी में शोपीस बनी वाटर कूलिंग मशीन

अजमी रिज़वी
रामसनेहीघाट बाराबंकी। जनपद बाराबंकी में अपनी अलग पहचान रखने वाली
सीएचसी बनीकोडर में जहां गर्मी से मरीजो का बुरा हाल है। वहीं डाक्टरो को
भी गर्मी में दो चार होना पड़ रहा है। चिकित्सको के कक्षो में पंखे तो लगे
है लेकिन वह बिजली के आभाव में शोे पीस बने रहते है। यहां पर मात्र
अधीक्षक के कक्ष को छोड़कर किसी भी चिकित्सक के कक्ष में इनवर्टर नही लगा
है। साथ ही साथ अस्पताल में आने वाले लोगो को शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के
लिए लगाई गयी। वाटर कूंिलंग मशीन भी शोे पीस बनी हुई है। इस मशीन का
उपकरण अस्पताल के ही कर्मी द्वारा खोलकर अपने उपयोग में ले लिया गया है।
जिससे अस्पताल आने वाले मरीजो व उनके तीमारदारो को पानी पीने के लिए
अस्पताल के बाहर जाना पड़ रहा है। मालूम हो कि सामुदायिक स्वास्थ्य
केन्द्र बनीकोडर में अव्यवस्थाओं का बोल बाला है। यहां पर मरीज से लेकर
चिकित्सक सभी अव्यवस्थाओं के शिकार हो रहे है। चिकित्सको को अस्पताल में
मिलने वाली सुविधाये न मिलने के कारण ही अधिकतर चिकित्सक मजबूरी में
अस्पताल देर से पहुंचते है। अगर मानको पर गौर किया जाय तो अस्पताल में
सभी चिकित्सको के कक्ष में लाईट की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके लिए लाईट,
जनरेटर, या फिर इनवर्टर की सुविधा प्रति सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रो पर
सरकार के द्वारा उपलब्ध कराई गई है। यहां पर अस्पताल में बिजली न रहने की
दशा में जनरेटर की व्यवस्था की गई है। लेकिन उसे उसकी खुराक न मिलने के
कारण वह नही चलता है जनरेट के साथ अस्पताल में इनवर्टर की व्यवस्था भी
सरकार द्वारा भारी भरकम रकम खर्च कर की गई है। शासन के निर्देश है कि
बिजली न रहने की दशा में वार्डो के साथ-साथ चिकित्सको के कक्षो में
जनरेटर या इनवर्टर के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई जाये। सीएचसी बनीकोडर
के प्रति वार्डो, कमरो में पंखे, राड सेफल तो लगे हैं लेकिन वह शो पीस
बने हुए है। यहां तक की चिकित्सको के कमरो के पंखे भी नही चलते है कारण
है जनरेटर चलता नही है, यहां पर इनवर्टर अधीक्षक के कक्ष में इनरजेंसी
में व एक फार्मसिस्ट के कक्ष में लगा हुआ है। जिसका उपयोग निजी तौर पर
किया जाता है। इन तीन स्थानो को छोड़कर न तो किसी चिकित्सक के कक्ष में
इनवर्टर लगा है न ही किसी वार्ड में जिससे उमस भरी गर्मी में मरीजो के
साथ चिकित्सको का बुरा हाल है। यही नही उन्हे अस्पताल में लगे इनवर्टर से
भी बिजली नही मिल पा रही है। ऐसे में उमस भरी गर्मी में मजबूरन डाक्टर
अपने पास से बैट्री पंखा को लाकर गर्मी से अपना बचारा कर रहे है, सूत्रो
की माने चिकित्सको को मिलने वाली अस्पताल में सुविधाए न मिल पाने के कारण
अधिकतर चिकित्सक अस्पताल देर से पहुंचते है। यहां पर मरीजो को शीतल पेयजल
उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार की ओर से अस्पताल वाटर कूलिंग मशीन की
व्यवस्था की गई लेकिन वह भी वर्षो से खराब पड़ी है। जिससे अस्पताल आने
वाले लोगो को इस उमस भरी गर्मी में शीतल पेयजल नही मिल पा रहा है। इसके
बारे में भी बताया जाता है कि इसमें लगा इस्टेप्लाइजर अस्पताल के ही एक
कर्मी ने खोल कर अपने उपयोग में ले लिया है। जिससे यह मशीन शोपीस बनी हुई
है। इस संबंध में प्रभारी केन्द्र अधीक्षक डा. एसबी सिंह सेे बात करने का
प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल स्वीच आफ बता रहा था।

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