इंसान के पास जो कुछ है अल्लाह की देन: मौलाना उरुजुल
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बाराबंकी। इंसान के पास जो कुछ भी है वह अल्लाह का दिया हुआ है। इंसान को
इस पर घमण्ड नही करना चाहिये। क्योंकि दुनिया की हर शह को अल्लाह के पास
जाना है। उक्त विचार कर्बला सिविल लाइन में 18 वर्षीय नवजवान मो. अली
आब्दी की चालीसवें की मजलिस को सम्बोधित करते हुए मौलाना उरुजुल हसन मीसम
ने कहा। मौलाना ने आगे कहा कि जो भी हमारे पास है अल्लाह ने दिया है कभी
वो लेले तो इम्तिहान समझना और कहना अलहम्दो लिल्लाह। मौलाना मीसम ने
हजारो लोगों की मौजूदगी में कहा कि खौफ, भूख, दिल औलाद से अल्लाह
इम्तिहान लेले तो सब्र करो। जवाँ मर्दी से मंजिले हक पर सब्र करने वाला
हमेशा कामयाब होता है। मेयारे गम और मेयारे खुशी की असलियत पहचानना होगी।
अन्त में मौलाना ने कर्बला में हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) के लखते जिगर 18
साल के कड़ियल जवान पैगम्बर इस्लाम के हम शक्ल हजरत अली अकबर (अ.स) की
शहादत का दर्दनाक मंजर पेश किया। जिसे सुनकर माहौल गमगीन हो गया। मजलिस
से पहले कुरानख्वानी और मर्सिया के साथ आगाज हुआ। जिसमें महमूदाबाद से
आये मसरुर हुसैन ने अपने खास अंदाज में सोजख्वानी की। इसके अलावा डा. रजा
मौरानवी, बाकर बाराबंकवी, सदफ बाराबंकवी के अलावा कई शायरों ने अपने कलाम
पेश किये। मजलिस की समाप्ति के बाद इसी जगह पर महिलाओं की भी मजलिस हुई।
आखिर में हसनैन आब्दी, सिब्तैन आब्दी ने मजलिस में आये सभी अजादारों का
शुक्रिया अदा किया।
