जालसाज पिता-पुत्र पर मेहरबान है कोठी पुलिस
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बाराबंकी। दूसरे की जमीन को अपना बताकर बैनामा करके एक महिला से लाखों
रुपये ठगने वाले जालसाजों के ऊपर कोठी पुलिस पूरी तरह से मेहरबान है।
मुकदमा दर्ज करने के आठ माह बाद भी पुलिस किसी भी जालसाज को अभी तक पकड़ने
में सफल नही हो सकी है। पीड़िता ने प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित अन्य
अधिकारियों को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगायी है। जानकारी के अनुसार,
जनपद लखनऊ के थाना गोसाईगंज के ग्राम बेहटा मजरे नूरपुर निवासी रामलखन की
पत्नी फूलमती को जमीन की जरुरत थी। इसी बीच फूलमती को थाना कोठी क्षेत्र
के ग्राम जाफरपुर मजरे बिबियापुर घाट निवासी बंशलाल पुत्र जगदीश मिल गया
और उसने कहा कि मेरे पास कई बीघा जमीन है। जो तुमको पसंद हो उसको देख लो
और खरीद लो। उस जालसाज के झांसे में आकर फूलमती जालसाज के गांव जाफरपुर
पहुंची और गांव में ही आरजी गाटा सं-311 व 312 जमीन दिखाकर जालसाज ने
महिला से सौदेबाजी तय की। मामला साढ़े आठ लाख में तय हुआ और 10 जुलाई 2015
को जाकर हैदरगढ़ रजिस्ट्री आफिस में उस जालसाज ने कर्मचारियों से मिलकर
जमीन का बैनामा फूलमती के नाम कर दिया और उससे साढ़े आठ लाख रुपये ठग
लिये। सबसे मजेदार बात यह थी कि गवाह के रुप में जालसाज ने अपने बेटे व
एक रिश्तेदार को रखा था। जमीन बैनामा कराने के बाद महिला घर चली गयी
लेकिन एक माह बाद जब उसको पता चला कि उसने जिस जमीन का बैनामा कराया है।
वह जमीन दूसरे के नाम है। तो उसके पैरो तले जमीन खसक गयी। वह महिला भाग
कर सीधे जालसाज के घर पहुंची और अपना पैसा वापस मांगा। जिस पर जालसाज
बंशराज और उसके लड़के रमेशचन्द्र ने महिला को मारपीट कर भगा दिया। न्याय
पाने के खातिर पीड़ित महिला ने कोतवाली हैदरगढ़ से लेकर जिलाधिकारी तक से
शिकायत की। लेकिन किसी भी अधिकारी ने पीड़ित महिला को न्याय दिलाने की
कोशिश नही की। आखिरकार मजबूर होकर पीड़ित महिला ने न्यायालय का सहारा लिया
और न्यायालय ने कोतवाली हैदरगढ़ पुलिस को मुकदमा दर्ज करके जांच पड़ताल के
आदेश दिये। कोतवाली पुलिस ने 21 अक्टूबर को जालसाज बंशराज और उसके पुत्र
रमेशचन्द्र के विरुद्ध धारा 467, 468, 471, 419, 420 और 506 के तहत
मुकदमा दर्ज करके जांच पड़ताल शुरु की। लेकिन जब हैदरगढ़ पुलिस ने मामले
में रुचि नही दिखायी तो पीड़िता ने इसकी शिकायत पुलिस अधिकारी से की। तो
कोतवाली हैदरगढ़ से जांच ट्रांसफर होकर कोठी पुलिस को मिली। लेकिन कोठी
पुलिस तो हैदरगढ़ पुलिस से काफी आगे निकली। घटना के आठ माह बीत जाने के
बाद भी आज तक कोठी पुलिस ने मौका मुआयना की बात तो दूर रही आरोपियों को
बुलाकर उनसे पूछतांछ करने की जहमत तक नही उठायी। घटना के बारे में पीड़िता
का कहना था कि कोठी पुलिस जालसाज बाप बेटो से मिली हुई है। इसीलिये पुलिस
इन लोगों को पकड़ने में कोई दिलचस्पी नही दिखा रही है। दोनो आरोपी खुलेआम
घूम रहे हैं और मुझे जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं। वहीं इस
सम्बन्ध में कोठी पुलिस से जानकारी ली गयी तो कोठी पुलिस का कहना था कि
घटना का मुकदमा दर्ज है जांच जारी है। जांच में अगर दोनो आरोपी दोषी पाये
गये तो कार्यवाही की जायेगी।
रुपये ठगने वाले जालसाजों के ऊपर कोठी पुलिस पूरी तरह से मेहरबान है।
मुकदमा दर्ज करने के आठ माह बाद भी पुलिस किसी भी जालसाज को अभी तक पकड़ने
में सफल नही हो सकी है। पीड़िता ने प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित अन्य
अधिकारियों को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगायी है। जानकारी के अनुसार,
जनपद लखनऊ के थाना गोसाईगंज के ग्राम बेहटा मजरे नूरपुर निवासी रामलखन की
पत्नी फूलमती को जमीन की जरुरत थी। इसी बीच फूलमती को थाना कोठी क्षेत्र
के ग्राम जाफरपुर मजरे बिबियापुर घाट निवासी बंशलाल पुत्र जगदीश मिल गया
और उसने कहा कि मेरे पास कई बीघा जमीन है। जो तुमको पसंद हो उसको देख लो
और खरीद लो। उस जालसाज के झांसे में आकर फूलमती जालसाज के गांव जाफरपुर
पहुंची और गांव में ही आरजी गाटा सं-311 व 312 जमीन दिखाकर जालसाज ने
महिला से सौदेबाजी तय की। मामला साढ़े आठ लाख में तय हुआ और 10 जुलाई 2015
को जाकर हैदरगढ़ रजिस्ट्री आफिस में उस जालसाज ने कर्मचारियों से मिलकर
जमीन का बैनामा फूलमती के नाम कर दिया और उससे साढ़े आठ लाख रुपये ठग
लिये। सबसे मजेदार बात यह थी कि गवाह के रुप में जालसाज ने अपने बेटे व
एक रिश्तेदार को रखा था। जमीन बैनामा कराने के बाद महिला घर चली गयी
लेकिन एक माह बाद जब उसको पता चला कि उसने जिस जमीन का बैनामा कराया है।
वह जमीन दूसरे के नाम है। तो उसके पैरो तले जमीन खसक गयी। वह महिला भाग
कर सीधे जालसाज के घर पहुंची और अपना पैसा वापस मांगा। जिस पर जालसाज
बंशराज और उसके लड़के रमेशचन्द्र ने महिला को मारपीट कर भगा दिया। न्याय
पाने के खातिर पीड़ित महिला ने कोतवाली हैदरगढ़ से लेकर जिलाधिकारी तक से
शिकायत की। लेकिन किसी भी अधिकारी ने पीड़ित महिला को न्याय दिलाने की
कोशिश नही की। आखिरकार मजबूर होकर पीड़ित महिला ने न्यायालय का सहारा लिया
और न्यायालय ने कोतवाली हैदरगढ़ पुलिस को मुकदमा दर्ज करके जांच पड़ताल के
आदेश दिये। कोतवाली पुलिस ने 21 अक्टूबर को जालसाज बंशराज और उसके पुत्र
रमेशचन्द्र के विरुद्ध धारा 467, 468, 471, 419, 420 और 506 के तहत
मुकदमा दर्ज करके जांच पड़ताल शुरु की। लेकिन जब हैदरगढ़ पुलिस ने मामले
में रुचि नही दिखायी तो पीड़िता ने इसकी शिकायत पुलिस अधिकारी से की। तो
कोतवाली हैदरगढ़ से जांच ट्रांसफर होकर कोठी पुलिस को मिली। लेकिन कोठी
पुलिस तो हैदरगढ़ पुलिस से काफी आगे निकली। घटना के आठ माह बीत जाने के
बाद भी आज तक कोठी पुलिस ने मौका मुआयना की बात तो दूर रही आरोपियों को
बुलाकर उनसे पूछतांछ करने की जहमत तक नही उठायी। घटना के बारे में पीड़िता
का कहना था कि कोठी पुलिस जालसाज बाप बेटो से मिली हुई है। इसीलिये पुलिस
इन लोगों को पकड़ने में कोई दिलचस्पी नही दिखा रही है। दोनो आरोपी खुलेआम
घूम रहे हैं और मुझे जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं। वहीं इस
सम्बन्ध में कोठी पुलिस से जानकारी ली गयी तो कोठी पुलिस का कहना था कि
घटना का मुकदमा दर्ज है जांच जारी है। जांच में अगर दोनो आरोपी दोषी पाये
गये तो कार्यवाही की जायेगी।

