शक पर लगा विराम, डूबने से हुई थी जुनेद की मौत
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🌕शौच के दौरान खोले गये कपड़े के अलावा तन पर पड़े कपड़ों में सब कपड़े अपनी जगह पर थे
असगर नकी/मेहनाज़ अहमद
सुल्तानपुर । दावते इस्लामी के सक्रिय सदस्य एवं मदरसा शिक्षक जुनेद अहमद उर्फ पप्पू की मौत पर बना शक लाश के पोस्टमार्टम होने के बाद आखिर दूर हो गया, पोस्टमार्टम ड्यूटी पर आये डाक्टर की मानें तो जुनेद की मौत पानी में डूबने से ही हुई है और शौच के दौरान खोले गये कपड़े के अलावा तन पर पड़े कपड़ों में सब कपड़े अपनी जगह पर थे।
बड़ी जद्दोजहद के बाद बुधवार क़रीब 2 बजे दिन में 32 घंटों के बाद जुनेद की लाश मिलने पर प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर जुनेद के परिवार और इस प्रकरण से जुड़े हर आम-आदमी ने राहत की सांस ली थी, हर कोई ये सोच रहा था कि 2-3 घंटे में कागजी कार्यवाही और पोस्टमार्टम कर लाश वारिसों के सुपुर्द कर दी जायेगी, इस बात को मद्देनज़र रखते हुए कई मस्जिदों से इशां की नमाज़ के बाद जनाजे में शिरकत का ऐलान कर दिया गया था, लेकिन लाश के मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मानों सुस्त पड़ गये और 3 घंटे का काम 7 घंटों में हुआ, बताया गया कि कुछ वक़्त तो कागजी कोरम पूरा करने में लग गया था और कुछ वक़्त पोस्टमार्टम हाउस में रोशनी का इन्तेज़ाम न होने में गुज़र गया, खैररात पौने दस-दस के आसपास पोस्टमार्टम हुआ, जहां पोस्टमार्टम ड्यूटी पर आये डाक्टर के मुताबिक जुनेद की मौत पानी में डूबने से ही हुई ये बताया गया, उधर पोस्टमार्टम सूत्रों के अनुसार शौच के दौरान खोले गये कपड़े के अलावा तन पर पड़े कपड़ों में सब कपड़े अपनी जगह पर थे, इससे पोस्टमार्टम से पहले उठने वाली कुछेक ऊँगलियों और निगाहों पर जहां खामोशी के पर्दे पड़ गये वहीं हर दिमाग़ में जो बात घर कर गई उसका उन्हें जवाब भी मिल गया।
खैर पोस्टमार्टम हाउस से जुनेद की लाश सीधे घर पहुंची जहां जीवन भर का साथ निभाने का वादा करने वाले को आखरी बार कुछ देर के लिये पाकर पत्नी सबीना फट पड़ी और मां को रोता देख तीनो बेटे में बाप के जुदा होने पर फफक पड़े, सभी ने इन्हें समझाया और फिर देर रात जुनेद अहमद को आखरी मंज़िल तक पहुंचाया।
बड़ी जद्दोजहद के बाद बुधवार क़रीब 2 बजे दिन में 32 घंटों के बाद जुनेद की लाश मिलने पर प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर जुनेद के परिवार और इस प्रकरण से जुड़े हर आम-आदमी ने राहत की सांस ली थी, हर कोई ये सोच रहा था कि 2-3 घंटे में कागजी कार्यवाही और पोस्टमार्टम कर लाश वारिसों के सुपुर्द कर दी जायेगी, इस बात को मद्देनज़र रखते हुए कई मस्जिदों से इशां की नमाज़ के बाद जनाजे में शिरकत का ऐलान कर दिया गया था, लेकिन लाश के मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मानों सुस्त पड़ गये और 3 घंटे का काम 7 घंटों में हुआ, बताया गया कि कुछ वक़्त तो कागजी कोरम पूरा करने में लग गया था और कुछ वक़्त पोस्टमार्टम हाउस में रोशनी का इन्तेज़ाम न होने में गुज़र गया, खैररात पौने दस-दस के आसपास पोस्टमार्टम हुआ, जहां पोस्टमार्टम ड्यूटी पर आये डाक्टर के मुताबिक जुनेद की मौत पानी में डूबने से ही हुई ये बताया गया, उधर पोस्टमार्टम सूत्रों के अनुसार शौच के दौरान खोले गये कपड़े के अलावा तन पर पड़े कपड़ों में सब कपड़े अपनी जगह पर थे, इससे पोस्टमार्टम से पहले उठने वाली कुछेक ऊँगलियों और निगाहों पर जहां खामोशी के पर्दे पड़ गये वहीं हर दिमाग़ में जो बात घर कर गई उसका उन्हें जवाब भी मिल गया।
खैर पोस्टमार्टम हाउस से जुनेद की लाश सीधे घर पहुंची जहां जीवन भर का साथ निभाने का वादा करने वाले को आखरी बार कुछ देर के लिये पाकर पत्नी सबीना फट पड़ी और मां को रोता देख तीनो बेटे में बाप के जुदा होने पर फफक पड़े, सभी ने इन्हें समझाया और फिर देर रात जुनेद अहमद को आखरी मंज़िल तक पहुंचाया।

