सुलतानपुर में जाम से रेंगते रहे वाहन, सोती रही पुलिस
https://husainijnp.blogspot.com/2016/07/blog-post_451.html
असग़र नक़ी
सुल्तानपुर । जाम-जाम -जाम, आम आदमी से सफेदपोश और नौकरशाह सब त्रस्त हैं, लेकिन इसका विकल्प किसी के पास नहीं, पुलिस है की उसकी नींद ही नहीं टूट रही, ताज़ा मामला कोतवाली नगर की शाहगंज चौकी के राहुल चौराहा, नार्मल चौराहा, लाल डिग्गी चौराहा, डाकखाना चौराहे का है जहां घंटों सड़क पर वाहन रेंगते रहे और पुलिस सोती रही।
गौरतलब रहे कि सप्ताह भर पूर्व पूरे शहर में सड़कों पर चलती हुई गाडियो के चक्के थम गये थे, जिसमें सीडीओ साहब की गाड़ी भी ज़द में आ गई थी, यही नहीं आज बस स्टैण्ड पर ज़िलाधिकारी महोदय की गाड़ी जाम में फंसी तो 15 मिनट बाद इसका खामियाज़ा ईरिक्शा चालक को भुगतना पड़ा, लेकिन शाहगंज चौकी से पांच क़दम की दूरी से लगा जाम पूरे चौकी इलाके में लगा रहा, जिसमें सड़कों पर हर गाड़ी का चक्का रेंगता रहा, हैरत इस पर कि चौकी से एक सिपाही मौके पर दिखाई नहीं दिया, डाकखाने चौराहे पर ट्रैफिक का एक सिपाही और तीन होमगार्ड मस्ती काटते रहे मगर इन्होने भी जाम हटाना मुनासिब नहीं समझा।
सबसे अधिक गम्भीर मामला ये रहा कि उक्त जाम नो इंट्री में राहुल चौराहे पर एक ट्रक की इंट्री से लगा था, सूत्रों की मानें तो उक्त ट्रक की इंट्री मात्र पचास रुपय के कारण हुई, ऐसे में कब जाम पर अंकुश और कब होगी कारवाई ये गम्भीर सवाल है?
सुल्तानपुर । जाम-जाम -जाम, आम आदमी से सफेदपोश और नौकरशाह सब त्रस्त हैं, लेकिन इसका विकल्प किसी के पास नहीं, पुलिस है की उसकी नींद ही नहीं टूट रही, ताज़ा मामला कोतवाली नगर की शाहगंज चौकी के राहुल चौराहा, नार्मल चौराहा, लाल डिग्गी चौराहा, डाकखाना चौराहे का है जहां घंटों सड़क पर वाहन रेंगते रहे और पुलिस सोती रही।
गौरतलब रहे कि सप्ताह भर पूर्व पूरे शहर में सड़कों पर चलती हुई गाडियो के चक्के थम गये थे, जिसमें सीडीओ साहब की गाड़ी भी ज़द में आ गई थी, यही नहीं आज बस स्टैण्ड पर ज़िलाधिकारी महोदय की गाड़ी जाम में फंसी तो 15 मिनट बाद इसका खामियाज़ा ईरिक्शा चालक को भुगतना पड़ा, लेकिन शाहगंज चौकी से पांच क़दम की दूरी से लगा जाम पूरे चौकी इलाके में लगा रहा, जिसमें सड़कों पर हर गाड़ी का चक्का रेंगता रहा, हैरत इस पर कि चौकी से एक सिपाही मौके पर दिखाई नहीं दिया, डाकखाने चौराहे पर ट्रैफिक का एक सिपाही और तीन होमगार्ड मस्ती काटते रहे मगर इन्होने भी जाम हटाना मुनासिब नहीं समझा।
सबसे अधिक गम्भीर मामला ये रहा कि उक्त जाम नो इंट्री में राहुल चौराहे पर एक ट्रक की इंट्री से लगा था, सूत्रों की मानें तो उक्त ट्रक की इंट्री मात्र पचास रुपय के कारण हुई, ऐसे में कब जाम पर अंकुश और कब होगी कारवाई ये गम्भीर सवाल है?


