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लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर होगी कार्यवाही: जिलाधिकारी

अजमी रिज़वी
बाराबंकी। जिलाधिकारी अजय यादव ने डीआरडीए सभागार में राजस्व कार्यो की
तहसीलवार की गई प्रगति की समीक्षा के साथ अभियोजन कार्य, प्रवर्तन कार्य
एवं कर एवं करेत्तर मामलों में राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य के सापेक्ष
हुई। प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि
निर्धारित लक्ष्य समयबद्धता के साथ पूरे किये जाये। किसी भी स्तर पर
कोताही, शिथिलता अथवा लापरवाही पाये जाने पर सम्बन्धित अधिकारी एवं
कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई होगी। उन्होने पावर कारपोरेशन के तीनों
डिवीजन के अधिशासी अभियन्ताओं को निर्देश दिया कि अवैध विद्युत कनेक्शन
अथवा क्षमता से अधिक विद्युत कनेक्शन के मामलों में ठोस प्रवर्तन
कार्रवाई करें। जनपद के कुछ एक कोल्ड स्टोरेज में कम क्षमता का विद्युत
संयोजन कराकर अधिक लोड उठाने की शिकायत संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी ने
निर्देश दिया है कि कोल्ड स्टोरेज में विशेष रूप से जांच की जाये। बैठक
में राजस्व कार्यो की समीक्षा के दौरान पात्र व्यक्तियों को किये जा रहे
भूमि आवंटन, जमीदारी उन्मूलन एक्ट की धारा-198(4) के तहत वादों के
निस्तारण, 122(बी) के तहत अवैध कब्जे दारों से की गई धनराशि वसूली की
तहसीलवार प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने इन सभी मामलों में
लक्ष्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हुए यह भी अपेक्षा की कि आम आदमी
बीमा योजना के तहत लम्बित प्रकरणों को इसी माह प्रत्येक दशा में
निस्तारित करा लिया जाये। उन्होने राजस्व वादों के निस्तारण में
अधिकारियों को यह ध्यान रखने का निर्देश दिया कि राजस्व वादों के दायरे
से ज्यादा निस्तारण हो। विविध देयों की वसूली की समीक्षा के दौरान
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी तहसीलवार, अमीनवार वसूली की समीक्षा
करते हुए खराब प्रगति करने वाले अमीन के विरुद्ध कार्यवाही करें।
जिलाधिकारी ने अवैध रूप से संचालित वाहनों के धर पकड़ पर विशेष जोर देते
हुए निर्देश दिया कि एआरटीओ, उपजिलाधिकारी और तहसीलदार अवैध संचालित
वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करें। अभियोजन के मामलों की समीक्षा में
बताया गया कि सिविल वादों में आवास विकास कार्यालय, पीडब्लूडी, पॉवर
कारपोरेशन के कई मामले है। परन्तु विभागीय अधिकारियों द्वारा समुचित
पैरवी नहीं की जा रही है। जिलाधिकारी ने इस पर कड़ा असन्तोष व्यक्त किया।
उन्होने इन अधिकारियों को सचेत करते हुए अपेक्षा की कि इसी माह सम्बन्धित
अधिकारी डीजीसी सिविल  से सम्पर्क करके प्रति शपथ पत्र दाखिल कराये। बैठक
में सत्र न्यायालय और अधिनस्थ न्यायालय में अभियोजन की स्थिति की समीक्षा
की गई। बैठक में एडीएम हरिकेश चौरसिया, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, एवं
अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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