सिरौलीगौसपुर में आंगनबाड़ी केन्द्रो पर लगा रहता है ताला
https://husainijnp.blogspot.com/2016/07/blog-post_495.html
सिरौलीगौसपुर, बाराबंकी। ग्राम किन्तूर मे आठ आंगनबाडी केन्द्रों मे
मात्र पांच केन्द्रो का संचालन किया जा रहा है। प्राथमिक विद्यालय के पास
स्थित केन्द्र बरसो से बंद पड़ा है। कभी कभार इस केन्द्र की इंचार्ज आंगन
बाडी कार्यकत्री पुष्पा देवी खोलती है क्योकि वह अधिकांश समय अपने
केन्द्र पर देती है। इस्लामियां स्कूल मे संचालित आंगन बाडी केन्द्र की
कार्यकत्री मनोरमा पाण्डेय अपने घर पर केन्द्र चला रही है वहीं कल्या
पूर्वमाध्यमिक विद्यालय के बिल्डिंग मे संचालित केन्द्र बंद मिला मोहसिना
खातून कार्यकत्री व सहायिका सैय्यदा के बाबत पूर्व माध्यमिक विद्यालय के
अध्यपकों से पूंछा गया जिन्होने बताया कि कल केन्द्र खुला था आज क्यो नही
ख्ुाला है इस बाबत उन्हे जानकारी नही है वही इस गांव के केन्द्रो की
सहायिकाओं की मृत्यु हो चुकी है उनके स्थान पर सहायिकाओं की नियुक्त नही
हुई। जिसके चलते किन्तूर के 7 केन्द्र व 1 मिनी केन्द्र कुल 8 मे पंाच
केन्द्रो का संचालन सही ढंग से ग्रामीणों द्वारा बताया जा रहा है मिशन
इन्द्र धनुष के तहत एएनएम राम देवी श्याम वर्मा अर्चना राय आदि से दो
वर्ष तक बच्चों का व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया है । किन्तूर गांव
के एक व्यक्ति ने नाम न छापने के अनुरोध पर कहा कि आंगनबाडी केन्द्र कमाई
का जरिया बन चुके है थोड़ा बहुत पोषाहार बंटता है। केन्द्रो के स्थित आप
सर्वे मे देख चुके है। बाल विकास विभाग केन्द्रो को सही ंढंग से संचालित
कराये। व बच्चो को व गर्भवती महिलाओं को नियमानुसार पोषाहार वितरित
करावे।
मात्र पांच केन्द्रो का संचालन किया जा रहा है। प्राथमिक विद्यालय के पास
स्थित केन्द्र बरसो से बंद पड़ा है। कभी कभार इस केन्द्र की इंचार्ज आंगन
बाडी कार्यकत्री पुष्पा देवी खोलती है क्योकि वह अधिकांश समय अपने
केन्द्र पर देती है। इस्लामियां स्कूल मे संचालित आंगन बाडी केन्द्र की
कार्यकत्री मनोरमा पाण्डेय अपने घर पर केन्द्र चला रही है वहीं कल्या
पूर्वमाध्यमिक विद्यालय के बिल्डिंग मे संचालित केन्द्र बंद मिला मोहसिना
खातून कार्यकत्री व सहायिका सैय्यदा के बाबत पूर्व माध्यमिक विद्यालय के
अध्यपकों से पूंछा गया जिन्होने बताया कि कल केन्द्र खुला था आज क्यो नही
ख्ुाला है इस बाबत उन्हे जानकारी नही है वही इस गांव के केन्द्रो की
सहायिकाओं की मृत्यु हो चुकी है उनके स्थान पर सहायिकाओं की नियुक्त नही
हुई। जिसके चलते किन्तूर के 7 केन्द्र व 1 मिनी केन्द्र कुल 8 मे पंाच
केन्द्रो का संचालन सही ढंग से ग्रामीणों द्वारा बताया जा रहा है मिशन
इन्द्र धनुष के तहत एएनएम राम देवी श्याम वर्मा अर्चना राय आदि से दो
वर्ष तक बच्चों का व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया है । किन्तूर गांव
के एक व्यक्ति ने नाम न छापने के अनुरोध पर कहा कि आंगनबाडी केन्द्र कमाई
का जरिया बन चुके है थोड़ा बहुत पोषाहार बंटता है। केन्द्रो के स्थित आप
सर्वे मे देख चुके है। बाल विकास विभाग केन्द्रो को सही ंढंग से संचालित
कराये। व बच्चो को व गर्भवती महिलाओं को नियमानुसार पोषाहार वितरित
करावे।

