कुमार विश्वास का बड़बोलापन , आगे भी आम आदमी के लिये शांतिभंग करुंगा
https://husainijnp.blogspot.com/2016/07/blog-post_515.html
असगर नकी /अज़हर अब्बास
सुल्तानपुर । गांधी वादी विचारधारक अन्ना हज़ारे को ढाल बना सत्ता भोग हासिल करने वाली आम आदमी पार्टी के नेताओं के सितारे गर्दिश में हैं, जिसकी बानगी इन दिनों दिल्ली के आप नेताओं के बड़बोले पन और कार्यों ज़ाहिर हुई है, इसी क्रम में एक नाम आप नेता कुमार विश्वास का भी जुड़ गया है, वो इस तरह कि आज ज़िला न्यायालय पर आत्म समर्पण पर पहुंचने से पहले पत्रकारों से बातचीत में इसका खुलासा उन्होंने इस प्रकार किया कि "मैं आगे भी आम आदमी के लिये शांतिभंग करता रहूंगा"। एक ज़िम्मेदार का ये कथन किस हद तक सराहनीय है इसको बखूबी समझा जा सकता है।
बताते चलें कि 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान आप नेता कुमार विश्वास ने अमेठी से दावेदारी ठोकी थी, इस बीच अमेठी के गौरीगंज थाने में श्री विश्वास के विरुद्ध भड़काऊ भाषण देने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत कई धाराओं में अभियोग दर्ज हुआ था, वैसे आप नेताओं के लिये ये कोई बड़ी बात नहीं है बल्कि पूर्व में भी आप के कुछेक राष्ट्रीय लेबल के नेता सरकारी कार्यों व अन्य धाराओं के तहत ज़िले में ही मुकदमा दर्ज हो चुका है, इत्तेफाकन ऐसे सभी नेता व इनके कुछेक चाटुकार शनिवार को श्री विश्वास के साथ गेस्ट हाऊस में मौजूद थे, जहां समस्त पत्रकारों से श्री विश्वास सवार्जनिक तौर पर रुबरु हुए कुछ के लिये गुप्त रूप से।
हां सवार्जनिक तौर पर श्री विश्वास ने जो बयान दिया वो कुमार विश्वास से लेकर आम आदमी पार्टी तक पर सवालिया निशान लगाता है, श्री विश्वास ने सवार्जनिक बातचीत में कहा कि दो अलग-अलग मामले हैं और सामान्य राजनैतिक कार्यकर्ता के नाते कुछ किया जाये तो प्रशासन की शांति भंग हो जाती है, वैसे ही चुनाव के दौरान शांति भंग का केस दर्ज हुआ था, और सामान्य न्यायिक प्रकिया है जिसके लिये प्रस्तुत हुए हैं, लेकिन इसके बाद श्री विश्वास ने जो कहा वो चौंकाने वाला बिंदु है, उन्होंने कहा की आम आदमी की लड़ाई में ऐसी शांति भंग करते आये हैं और करते रहेंगे, जिस पर प्रशासन से लेकर न्यायालय को संज्ञान लेना ज़रूरी है।
खैर क़रीब एक बजे श्री विश्वास ने अदालत में आत्म समर्पण किया जहां अदालत ने उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया।
सुल्तानपुर । गांधी वादी विचारधारक अन्ना हज़ारे को ढाल बना सत्ता भोग हासिल करने वाली आम आदमी पार्टी के नेताओं के सितारे गर्दिश में हैं, जिसकी बानगी इन दिनों दिल्ली के आप नेताओं के बड़बोले पन और कार्यों ज़ाहिर हुई है, इसी क्रम में एक नाम आप नेता कुमार विश्वास का भी जुड़ गया है, वो इस तरह कि आज ज़िला न्यायालय पर आत्म समर्पण पर पहुंचने से पहले पत्रकारों से बातचीत में इसका खुलासा उन्होंने इस प्रकार किया कि "मैं आगे भी आम आदमी के लिये शांतिभंग करता रहूंगा"। एक ज़िम्मेदार का ये कथन किस हद तक सराहनीय है इसको बखूबी समझा जा सकता है।
बताते चलें कि 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान आप नेता कुमार विश्वास ने अमेठी से दावेदारी ठोकी थी, इस बीच अमेठी के गौरीगंज थाने में श्री विश्वास के विरुद्ध भड़काऊ भाषण देने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत कई धाराओं में अभियोग दर्ज हुआ था, वैसे आप नेताओं के लिये ये कोई बड़ी बात नहीं है बल्कि पूर्व में भी आप के कुछेक राष्ट्रीय लेबल के नेता सरकारी कार्यों व अन्य धाराओं के तहत ज़िले में ही मुकदमा दर्ज हो चुका है, इत्तेफाकन ऐसे सभी नेता व इनके कुछेक चाटुकार शनिवार को श्री विश्वास के साथ गेस्ट हाऊस में मौजूद थे, जहां समस्त पत्रकारों से श्री विश्वास सवार्जनिक तौर पर रुबरु हुए कुछ के लिये गुप्त रूप से।
हां सवार्जनिक तौर पर श्री विश्वास ने जो बयान दिया वो कुमार विश्वास से लेकर आम आदमी पार्टी तक पर सवालिया निशान लगाता है, श्री विश्वास ने सवार्जनिक बातचीत में कहा कि दो अलग-अलग मामले हैं और सामान्य राजनैतिक कार्यकर्ता के नाते कुछ किया जाये तो प्रशासन की शांति भंग हो जाती है, वैसे ही चुनाव के दौरान शांति भंग का केस दर्ज हुआ था, और सामान्य न्यायिक प्रकिया है जिसके लिये प्रस्तुत हुए हैं, लेकिन इसके बाद श्री विश्वास ने जो कहा वो चौंकाने वाला बिंदु है, उन्होंने कहा की आम आदमी की लड़ाई में ऐसी शांति भंग करते आये हैं और करते रहेंगे, जिस पर प्रशासन से लेकर न्यायालय को संज्ञान लेना ज़रूरी है।
खैर क़रीब एक बजे श्री विश्वास ने अदालत में आत्म समर्पण किया जहां अदालत ने उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया।

