दयाशंकर सिंह को हाईकोर्ट से झटका, गिरफ्तारी पर रोक से इंकार
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लखनऊ: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती के सम्बन्ध में आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेता दयाशंकर सिंह की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक नहीं लगाई है और मामले की अगली सुनवाई 8 अगस्त मुकर्रर की है।
न्यायमूर्ति अजय लाम्बा और न्यायमूर्ति ए एन मित्तल की खण्डपीठ ने याची दयाशंकर सिंह की अपील पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब मांग लिया। सिंह ने रिपोर्ट को रद्द करने के लिए याचिका दाखिल की है। न्यायालय ने इस सम्बन्ध में कोई निर्णय नहीं दिया। इसकी अगली सुनवाई 8 अगस्त को होगी। दयाशंकर सिंह के वकील दिलीप कुमार ने बताया कि न्यायालय ने सिंह की याचिका पूरी तरह खारिज नहीं की है। कुछ और कागजात मांगे गए हैं जिसे 8 अगस्त तक न्यायालय को मुहैया करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि न्यायालय से उनके मुवक्किल को न्याय मिलेगा।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा करने वाले इस प्रकरण में सिंह ने गत 19 जुलाई को मऊ में मायावती के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। बसपा अध्यक्ष ने इसके खिलाफ अगले दिन ही राज्यसभा में हंगामा कर दिया। 21 जुलाई को बसपा कार्यकर्त्ताओं ने लखनऊ के हजरतगंज में दयाशंकर सिंह के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन किया। शाम को ही हजरतगंज थाने में बसपा सचिव मेवालाल गौतम की ओर से सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। बसपा के प्रदर्शन के दौरान सिंह के परिजनों के बारे में आपत्तिजनक नारे लगे।
22 जुलाई को उनकी पत्नी स्वाति सिंह ने इस पर घोर आपत्ति दर्ज की और उनकी सास तेतरा देवी ने मायावती, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, मेवालाल गौतम और राम अचल राजभर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। 23 जुलाई को भाजपा ने‘बेटी के सम्मान में, भाजपा मैदान में’नारे के साथ राज्यव्यापी प्रदर्शन किया। उधर, प्रशासन ने बिना अनुमति के प्रदर्शन करने के आरोप में पहले बसपा के खिलाफ हजरतगंज थाने में रिपोर्ट लिखाई और बाद में भाजपा के खिलाफ हजरतगंज और कैसरबाग थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी।
इसी बीच, लखनऊ की एक अदालत ने दयाशंकर सिंह की गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारण्ट जारी कर दिया। मामला नाजुक दौर में बढता देख मायावती ने अपनी पार्टी के 25 जुलाई को राज्यव्यापी प्रदर्शन को वापस ले लिया। इस प्रकरण ने करीब एक हफ्ते तक सूबे की राजनीति गरम रखी। भाजपा का महिला मोर्चा आज प्रदर्शन कर रहा है जबकि बसपा ने पूरे मामले पर जवाब देने के लिए आगामी 25 अगस्त को आगरा और 28 अगस्त को आजमगढ में विशाल रैली करने का एलान किया है।
न्यायमूर्ति अजय लाम्बा और न्यायमूर्ति ए एन मित्तल की खण्डपीठ ने याची दयाशंकर सिंह की अपील पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब मांग लिया। सिंह ने रिपोर्ट को रद्द करने के लिए याचिका दाखिल की है। न्यायालय ने इस सम्बन्ध में कोई निर्णय नहीं दिया। इसकी अगली सुनवाई 8 अगस्त को होगी। दयाशंकर सिंह के वकील दिलीप कुमार ने बताया कि न्यायालय ने सिंह की याचिका पूरी तरह खारिज नहीं की है। कुछ और कागजात मांगे गए हैं जिसे 8 अगस्त तक न्यायालय को मुहैया करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि न्यायालय से उनके मुवक्किल को न्याय मिलेगा।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा करने वाले इस प्रकरण में सिंह ने गत 19 जुलाई को मऊ में मायावती के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। बसपा अध्यक्ष ने इसके खिलाफ अगले दिन ही राज्यसभा में हंगामा कर दिया। 21 जुलाई को बसपा कार्यकर्त्ताओं ने लखनऊ के हजरतगंज में दयाशंकर सिंह के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन किया। शाम को ही हजरतगंज थाने में बसपा सचिव मेवालाल गौतम की ओर से सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। बसपा के प्रदर्शन के दौरान सिंह के परिजनों के बारे में आपत्तिजनक नारे लगे।
22 जुलाई को उनकी पत्नी स्वाति सिंह ने इस पर घोर आपत्ति दर्ज की और उनकी सास तेतरा देवी ने मायावती, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, मेवालाल गौतम और राम अचल राजभर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। 23 जुलाई को भाजपा ने‘बेटी के सम्मान में, भाजपा मैदान में’नारे के साथ राज्यव्यापी प्रदर्शन किया। उधर, प्रशासन ने बिना अनुमति के प्रदर्शन करने के आरोप में पहले बसपा के खिलाफ हजरतगंज थाने में रिपोर्ट लिखाई और बाद में भाजपा के खिलाफ हजरतगंज और कैसरबाग थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी।
इसी बीच, लखनऊ की एक अदालत ने दयाशंकर सिंह की गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारण्ट जारी कर दिया। मामला नाजुक दौर में बढता देख मायावती ने अपनी पार्टी के 25 जुलाई को राज्यव्यापी प्रदर्शन को वापस ले लिया। इस प्रकरण ने करीब एक हफ्ते तक सूबे की राजनीति गरम रखी। भाजपा का महिला मोर्चा आज प्रदर्शन कर रहा है जबकि बसपा ने पूरे मामले पर जवाब देने के लिए आगामी 25 अगस्त को आगरा और 28 अगस्त को आजमगढ में विशाल रैली करने का एलान किया है।

