कामयाब हज उसी का है जो बुराइयों से रहे दूर: मौ0 रज़ा
https://husainijnp.blogspot.com/2016/08/0.html
बाराबंकी। हज बा फ़ज़ीलत इबादत है इसे खुलूसे नीयत से अदा करें यह बात
मौलाना इब्ने अब्बास ने हज पर जाने वालों के स्वागत समारोह कर्बला सिविल
लाइन्स मे कही। मौलाना रज़ा जैदपुरी ने कहा कामयाब हज उसी का है जो
बुराइयों से अपने को दूर रखे, हज हलाल पैसे से अदा करे। नीयत इंसान को
करना चाहिए पूरा अल्लाह करता है हर साहबे हैसियत इंसान को हज करना चाहिए
यह फर्ज है। अगर इंसान के पास हज आने जाने का किराया व हज से वापस आने तक
का घर वालों की गुजर का सामान है तो हज वाजिब है। बेटी की शादी व और
जिम्मेदारियां मायने नही रखती। समारोह का संचालन जफ़र अब्बास फैज़ी ने
किया। रज़ा मौरानवी ने नात पेश करते हुए कहा-कौन समझेगा तुम्हारा मरतबा
मेरे रसूल, कायनाते हक़ में हैं बादे खुदा मेरे रसूल। मुसब्बिर जैदपुरी ने
पढ़ा-विलादत की वजह पूछा किसी ने तो खुदा बोला, हमारे घर की बातों से
तुम्हारा वास्ता क्या है। हज पर जाने वालों मे मो0 आलिम पत्नी सहित, मो.
अब्बास, सिराजुल हसन, वज़ादार हुसैन, औन मियां, इजहार मेंहदी पत्नी सहित,
हसन इमाम पत्नी सहित, अली मंज़र हाशमी पत्नी सहित, जै़ग़म अब्बास ’मुसब्बिर
जैदपुरी शामिल हैं’। कार्यक्रम के अन्त मे आयोजक हसन सज्जाद जैदी व मो0
फाज़िल ने सभी का शुक्रिया अदा किया।
मौलाना इब्ने अब्बास ने हज पर जाने वालों के स्वागत समारोह कर्बला सिविल
लाइन्स मे कही। मौलाना रज़ा जैदपुरी ने कहा कामयाब हज उसी का है जो
बुराइयों से अपने को दूर रखे, हज हलाल पैसे से अदा करे। नीयत इंसान को
करना चाहिए पूरा अल्लाह करता है हर साहबे हैसियत इंसान को हज करना चाहिए
यह फर्ज है। अगर इंसान के पास हज आने जाने का किराया व हज से वापस आने तक
का घर वालों की गुजर का सामान है तो हज वाजिब है। बेटी की शादी व और
जिम्मेदारियां मायने नही रखती। समारोह का संचालन जफ़र अब्बास फैज़ी ने
किया। रज़ा मौरानवी ने नात पेश करते हुए कहा-कौन समझेगा तुम्हारा मरतबा
मेरे रसूल, कायनाते हक़ में हैं बादे खुदा मेरे रसूल। मुसब्बिर जैदपुरी ने
पढ़ा-विलादत की वजह पूछा किसी ने तो खुदा बोला, हमारे घर की बातों से
तुम्हारा वास्ता क्या है। हज पर जाने वालों मे मो0 आलिम पत्नी सहित, मो.
अब्बास, सिराजुल हसन, वज़ादार हुसैन, औन मियां, इजहार मेंहदी पत्नी सहित,
हसन इमाम पत्नी सहित, अली मंज़र हाशमी पत्नी सहित, जै़ग़म अब्बास ’मुसब्बिर
जैदपुरी शामिल हैं’। कार्यक्रम के अन्त मे आयोजक हसन सज्जाद जैदी व मो0
फाज़िल ने सभी का शुक्रिया अदा किया।

