जर्जर कोप भवन से लापरवाह है जिला प्रशासन
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बाराबंकी। जनपदवासियों को हक मांगने के लिये जिला प्रशासन द्वारा तय किया
गया धरनास्थल खुद अपने वजूद की लड़ाई लड़ रहा है। अव्यवस्था गंदगी व जर्जर
भवन के साथ जंगली जीव जन्तुओं से प्रदर्शनकारियों की जान का खतरा बना
रहता है। विदित हो कि जिलाधिकारी अजय यादव द्वारा जनपदवासियों को अपना
आक्रोश जताने के लिये डीआरडीए के स्थान पर गन्ना दफ्तर नियत किया गया था।
गन्ना भवन की जर्जर इमारत में प्रदर्शनकारियों को रात गुजारनी पड़ रही है।
धरना स्थल पर गंदगी व जल भराव के कारण मच्छरों का आतंक फैला हुआ है।
जिससे कभी भी संक्रमित बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। इतना ही
नही अव्यवस्था का आलम यह है कि कई एकड़ में फैले इस कैम्पस में बड़ी-बड़ी
झाड़ियां उगी हुई हैं। प्रकाश की कोई भी व्यवस्था नही की गयी है। मात्र एक
स्ट्रीट लाइट के भरोसे पूरा कैम्पस व प्रदर्शनकारी रात गुजार रहे हैं।
विद्युत सप्लाई बंद होने पर यहां पाताल जैसा अंधेरा बना रहता है। कैम्पस
में वैसे तो दो इण्डिया मार्का हैण्ड पम्प लगे हुए हैं परन्तु दूषित पानी
ही पीने को नसीब हो रहा है। आयेदिन सैकड़ो की संख्या में महिलाएं धरना
प्रदर्शन का हिस्सा बनती है। परन्तु एक भी शौंचालय का निर्माण नही कराया
गया है। मजबूरों प्रदर्शनकारियों को झाड़ियों का सहारा लेना पड़ता है। जहां
जीव जन्तुओं की भरमार है। सबसे मजेदार बात यह है कि गन्ना संस्थान परिसर
में प्रवेश करने के लिये जो मुख्य गेट है। वह पिछले दो महीनों से गिरा
पड़ा है। इतना ही नही अगर बगल की चहर दीवारी भी टूट गयी है।
प्रदर्शनकारियों को वहां पर जाने के लिये एक छोटे रास्ते से गुजरना पड़ता
है। प्रदर्शनकारियों को अपनी समस्याएं बताने के खातिर प्रदर्शन के साथ
साथा यहां पर फैली अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ता है। ऐसा नही है कि इसकी
जानकारी जिला प्रशासन को न हो। लेकिन वह सब जान बूझकर अंजान बने हुए हैं।
शायद उन्हे किसी अनहोनी घटना का इंतजार है। प्रदर्शनकारियों को आशंका है
कि गन्ना संस्थान का जर्जर भवन कब धारासायी हो जाये और प्रदर्शनकारियों
का समाधि स्थल न बन जाये। विकलांग कल्याण सेवा परिषद के सचिव आरबी सिंह
ने जिलाधिकारी को एक पत्र भेजकर चेतावनी दी है कि अगर 2 अगस्त तक पेयजल,
प्रकाश व शौचालय की व्यवस्था धरना स्थल पर नही करायी गयी तो सैकड़ो की
संख्या में विकलांग सड़क पर धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। इस
सम्बन्ध में जब नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी एसके सिंह से बात की गयी
तो उनका कहना था कि पेयजल व प्रकाश की व्यवस्था जल्द ही करा दी जायेगी।
वह भवन गन्ना संस्थान का है इसलिये नगर पालिका द्वारा निर्माण कराना संभव
नही है।
