aajtaktimes

नाट्य मंचन में दिखा जातीय भेदभाव

अजमी रिज़वी
बाराबंकी। भारतेन्दु नाट्य अकादमी की ओर से नगर में एक माह तक चले रंगमंच
कार्यशाला मंें अभिनय का प्रशिक्षण प्राप्त किये स्थानीय कलाकारों द्वारा
बुद्धवार को नगर परिषद् के सभागार में ‘‘जाति ही पूछो साधू की’’ नाटक का
सफल मंचन किया गया। नाट्य मंचन का शुभारम्भ मुख्य अतिथि के रूप में
उपस्थित परिषद् के चेयरमैन रंजीत बहादुर श्रीवास्तव द्वारा तथा भारतेन्दु
नाट्य अकादमी के सहायक निदेशक रमेश चन्द्र गुप्ता की उपस्थिति में द्वीप
प्रज्वलित कर किया गया। प्रसिद्ध नाटककार विजय तेंदुलकर द्वारा रचित इस
नाटक में समकालीन समाजिक विद्रूप को थोड़ा व्यंग्यात्मक नजरिये से दर्शाया
गया है। जिसमें उच्चशिक्षित महिपत एम.ए की डिग्री0 से लैस नौकरी की खोज
में जिस यात्रा से गुजरता है उसमें शिक्षा की वर्तमान दशा, समाज के
विभिन्न शैक्षिक स्तरों के परस्पर संघर्ष और स्थानीय स्तर पर सत्ता के
विभिन्न केन्द्रों के टकराव और ऊँच-नीच जाति के बन्धनों की अनेक परतों का
 सामना करना पड़ता है। इस नाटक का निर्देशन प्रिवेन्द्र कुमार सिंह द्वारा
किया गया है। जिस कार्यशाला में प्रशिक्षित स्थानीय कलाकारों में अमन
वर्मा, गौरान्शी श्रीवास्तव, अब्दुल अलीम, अमित यादव, सुप्रिया, दीपक
गुप्ता, विकास निगम, ज्योति तथा शुभम कुमार दुबे आदि ने अपने-अपने
पात्रों का बखूबी मंचन कर सैकड़ों उपस्थित नाट्य प्रेमियों को मन्त्रमुग्ध
कर दिया। पूरा हाल बार-बार तालियों से गूंजता रहा। रंगकर्मी फिल्म
अभिनेता शरद राज सिंह ने मंच का उद्घोषण कर कलाकारों का हौसला अफजायी
करते रहे। नाटक के सनिध्य के रूप में देवेन्द्र प्रताप सिंह ‘‘ज्ञानू’’
के साथ-साथ आकांक्षा जायसवाल, प्रदीप सारंग, मनोज जायसवाल, चरणजीत गाबा,
सुशील गुप्ता, अवध रस्तोगी, दिनेश तिवारी, बब्लू कनौजिया सहित तमाम नाट्य
प्रेमी उपस्थित रहे।

Related

UP 339876333928218120

Post a Comment

emo-but-icon

Recent

Comments

item