मुख्य न्यायधीश टी.एस ठाकुर का जताया आभार
https://husainijnp.blogspot.com/2016/08/blog-post_238.html
अजमी रिज़वी
बाराबंकी। उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायधीश तीरथ सिंह ठाकुर द्वारा 15
अगस्त को स्वतंत्रता दिवस की 70 वीं वर्षगांठ पर उच्चतम न्यायालय में
आयोजित समारोह के दौरान हिन्दी भाषा में अपना उद्बोधन देने पर गांधी
जयंती समारोह ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं हिन्दी आन्दोलन के नेता राजनाथ शर्मा
ने सराहना की। श्री शर्मा ने मुख्य न्यायधीश को पत्र भेजकर हिन्दी में
दिए उनके विचारो के प्रति कृतज्ञता प्रकट की। श्री शर्मा ने बताया कि
मेरी जानकारी के मुताबिक यह घटना पहली बार हुई जब उच्चतम न्यायालय में
किसी मुख्य न्यायधीश ने अपना भाषण हिन्दी में दिया हो। उच्चतम न्यायालय
में शुरू की गई इस नई परम्परा को जारी रखने की गुजारिश की। श्री शर्मा
मुख्य न्यायधीश को पत्र भेजकर यह मांग की है कि अपने कार्यकाल में ही
भारत के सभी न्यायालयों में हिन्दी सहित समस्त भारतीय भाषाओं को
प्रोत्साहन देते हुए लागू कराने का प्रयास करेंगे। यही नही राष्ट्रपिता
महात्मा गांधी ने हिन्दी भाषा के प्रति जो प्रतिबद्धता प्रकट की थी उसके
सम्मान की नई दिशा एवं गति प्रदान करेगें। श्री शर्मा ने बताया कि पिछले
पांच दशको से हिन्दी एवं क्षेत्रीय भारतीय भाषाओं के प्रतिपादन एवं उन
भाषाओं का समस्त न्यायालयों में प्रयोग किए जाने की मांग पर कई सत्याग्रह
उप्र एवं नई दिल्ली में होता रहता है और आज भी प्रयास अनवरत जारी है।
गांधी जयंती समारोह ट्रस्ट द्वारा समय-समय पर सभाओं एवं गोष्ठियों के
माध्यम से भारतीय भाषाओं को कामकाज में शामिल कराने की मांग को उठाता रहा
है।
बाराबंकी। उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायधीश तीरथ सिंह ठाकुर द्वारा 15
अगस्त को स्वतंत्रता दिवस की 70 वीं वर्षगांठ पर उच्चतम न्यायालय में
आयोजित समारोह के दौरान हिन्दी भाषा में अपना उद्बोधन देने पर गांधी
जयंती समारोह ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं हिन्दी आन्दोलन के नेता राजनाथ शर्मा
ने सराहना की। श्री शर्मा ने मुख्य न्यायधीश को पत्र भेजकर हिन्दी में
दिए उनके विचारो के प्रति कृतज्ञता प्रकट की। श्री शर्मा ने बताया कि
मेरी जानकारी के मुताबिक यह घटना पहली बार हुई जब उच्चतम न्यायालय में
किसी मुख्य न्यायधीश ने अपना भाषण हिन्दी में दिया हो। उच्चतम न्यायालय
में शुरू की गई इस नई परम्परा को जारी रखने की गुजारिश की। श्री शर्मा
मुख्य न्यायधीश को पत्र भेजकर यह मांग की है कि अपने कार्यकाल में ही
भारत के सभी न्यायालयों में हिन्दी सहित समस्त भारतीय भाषाओं को
प्रोत्साहन देते हुए लागू कराने का प्रयास करेंगे। यही नही राष्ट्रपिता
महात्मा गांधी ने हिन्दी भाषा के प्रति जो प्रतिबद्धता प्रकट की थी उसके
सम्मान की नई दिशा एवं गति प्रदान करेगें। श्री शर्मा ने बताया कि पिछले
पांच दशको से हिन्दी एवं क्षेत्रीय भारतीय भाषाओं के प्रतिपादन एवं उन
भाषाओं का समस्त न्यायालयों में प्रयोग किए जाने की मांग पर कई सत्याग्रह
उप्र एवं नई दिल्ली में होता रहता है और आज भी प्रयास अनवरत जारी है।
गांधी जयंती समारोह ट्रस्ट द्वारा समय-समय पर सभाओं एवं गोष्ठियों के
माध्यम से भारतीय भाषाओं को कामकाज में शामिल कराने की मांग को उठाता रहा
है।

