श्रमजीवी बम विस्फोट काण्ड के दूसरे आरोपी को भी हुई सजा-ए-मौ
https://husainijnp.blogspot.com/2016/08/blog-post_253.html
मोहम्मद सोहराब
जौनपुर श्रमजीवी बमविस्फोट कांड के एक और दोषी ओबैर्दुरहमान को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम बुधिराम की अदालत ने आज मृत्यदंड की सजा सुनायी। साथ ही 10 लाख 25 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इसी मामले में एक अन्य आरोपी आलमगीर उर्फ़ रोनी को भी 30 जुलाई को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनायी जा चुकी है ।
28 जुलाई 2005 को श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन की जनरल बोगी में जिले के हरपालगंज रेलवे स्टेशन के पास हरिहरपुर रेलवे क्रासिंग पर शाम करीब छह बजे बमविस्फोट हुआ था। जिसमें 12 लोगों की जानें गयी थी जबकि 18 लोग घायल हुए थे। इस मामले में बाग्लादेश के रहने वाले दो आरोपी आलमगीर उर्फ़ रोनी व ओबेदुर्रहमान को पुलिस ने गिरफ्तार किया था जबकि दो आरोपी नफीकुल विश्वास और हेलाल हैदराबाद की जेल में बंद है | 2005 में हुए इस ट्रेन ब्लास्ट के 11 साल बाद फैसला आया | 30 जुलाई को जौनपुर के अपर स्तर न्यायाधीश प्रथम बुधिराम यादव ने आलमगीर को दोषी करार देते हुए फाशी सजा सुनाई थी | आज दुसरे आरोपी ओबेदुर्रहमान को कड़ी सुरक्षा ब्यवस्था के बीच न्यायालय में पेश किया गया | इस दौरान पूरा दीवानी न्यायालय परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा और सभी की निगाहें इस फैसले पर टिकी हुई थी। ओबेदुर्रहमान पर अपने साथियों के साथ आतंकी घटना के अंजाम देने और बिना पासपोर्ट और बीजा के भारत में आने का आरोप था | 11 साल के अंदर इस मामले में 53 गवाह सरकारी अधिवक्ता द्वारा पेश किया गया | सारे गवाहों को सुनाने के बाद जौनपुर के अपर स्तर न्यायाधीश प्रथम बुधिराम यादव ने ओबेदुर्रहमान को भी कल दोषी करार देते हुए मौत की सजा और दस लाख 25 हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई |

