गांधीवादियों ने की पूर्व राज्यपाल मोती लाल वोरा से मुलाकात
https://husainijnp.blogspot.com/2016/08/blog-post_276.html
अजमी रिज़वी
बाराबंकी। वयोवृद्ध गांधीवादी, पूर्व राज्यपाल एवं संसद सदस्य मोतीलाल
वोरा से नईदिल्ली में गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट के शिष्टमंडल ने
मुलाकात की। इस शिष्टाचार मुलाकात के मौके पर गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट
के अध्यक्ष राजनाथ शर्मा के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एस एस
नेहरा, नरेन्द्रपाल वर्मा, राजेन्द्र वर्मा, रिजवान रज़ा, पाटेश्वरी
प्रसाद मौजूद रहे। श्री शर्मा ने सांसद मोतीलाल वोरा को 1990 से प्रकाशित
होने वाली गांधी जीवन दर्शन पर आधारित वार्षिक स्मारिका का नवीन अंक भेंट
किया। इसके अलावा जनसमता समिति द्वारा प्रकाशित मधुलिमये विचार एवं दर्शन
नामक स्मारिका भी भेंट की गई। इस मौके पर श्री शर्मा ने 1978 से निरंतर
आयोजित होने वाले गांधी जयन्ती समारोह के कार्यक्रम में आमंत्रित भी
किया। श्री वोरा ने गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट की गतिविधियों एवं
क्रियाकलापों की सराहना की। उन्होने कहा कि वास्तव में आज समाज को गांधी
दर्शन की बेहद आवश्यकता है। समाज गांधी के विचारो से भटक रहा है। गांधी
जी का स्वाधीनता ही अहम मकसद नहीं था बल्कि उनकी सोच थी कि समाज के
अन्तिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके। श्री वोरा ने उप्र
में राज्यपाल रहते हुए गांधी दर्शन से जुड़े कई संस्मरणों को सुनाया।
उन्होने बताया कि उप्र में राज्यपाल रहते हुए कई बार बाराबंकी में आयोजित
होने वाले गांधी जयन्ती समारोह के कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर
प्राप्त हुआ।
बाराबंकी। वयोवृद्ध गांधीवादी, पूर्व राज्यपाल एवं संसद सदस्य मोतीलाल
वोरा से नईदिल्ली में गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट के शिष्टमंडल ने
मुलाकात की। इस शिष्टाचार मुलाकात के मौके पर गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट
के अध्यक्ष राजनाथ शर्मा के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एस एस
नेहरा, नरेन्द्रपाल वर्मा, राजेन्द्र वर्मा, रिजवान रज़ा, पाटेश्वरी
प्रसाद मौजूद रहे। श्री शर्मा ने सांसद मोतीलाल वोरा को 1990 से प्रकाशित
होने वाली गांधी जीवन दर्शन पर आधारित वार्षिक स्मारिका का नवीन अंक भेंट
किया। इसके अलावा जनसमता समिति द्वारा प्रकाशित मधुलिमये विचार एवं दर्शन
नामक स्मारिका भी भेंट की गई। इस मौके पर श्री शर्मा ने 1978 से निरंतर
आयोजित होने वाले गांधी जयन्ती समारोह के कार्यक्रम में आमंत्रित भी
किया। श्री वोरा ने गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट की गतिविधियों एवं
क्रियाकलापों की सराहना की। उन्होने कहा कि वास्तव में आज समाज को गांधी
दर्शन की बेहद आवश्यकता है। समाज गांधी के विचारो से भटक रहा है। गांधी
जी का स्वाधीनता ही अहम मकसद नहीं था बल्कि उनकी सोच थी कि समाज के
अन्तिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके। श्री वोरा ने उप्र
में राज्यपाल रहते हुए गांधी दर्शन से जुड़े कई संस्मरणों को सुनाया।
उन्होने बताया कि उप्र में राज्यपाल रहते हुए कई बार बाराबंकी में आयोजित
होने वाले गांधी जयन्ती समारोह के कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर
प्राप्त हुआ।

