रामसनेहीघाट तहसील दिवस में बोले डीएम
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। रामसनेहीघाट तहसील में आयोजित तहसील दिवस पर जिलाधिकारी अजय
यादव ने जिले के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पूरी संवेदनशीलता के
साथ जन समस्याओं का निराकरण करें। उन्होने कहा कि जन समस्याओं का ठोस एवं
त्वरित निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासन की मंशा है कि
फरियादियों को अपनी शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक
भागदौड़ न करनी पड़े। सभी अधिकारी फरियादियों के प्रार्थना पत्रों को
निर्धारित समय में निस्तारित करें। जिलाधिकारी तहसील रामसनेहीघाट में
आयोजित तहसील दिवस में फरियादियों के प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई करते
हुए उनका निराकरण कर रहे थे। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि निर्धारित समय में
तहसील दिवस के मामलों का निस्तारण न करने वाले विभागों के अधिकारी के
विरुद्ध कार्रवाई होगी। तहसील दिवस के दौरान कुल 105 प्रार्थना पत्र
प्रस्तुत हुए, जिनमें राजस्व विभाग से सम्बन्धित प्रार्थना पत्र सबसे
अधिक थे। 27 प्रार्थना पत्र राजस्व से सम्बन्धित, 18 प्रार्थना पत्र
पुलिस से सम्बन्धित और 11 प्रार्थना पत्र विकास से सम्बन्धित थे। बाकी
समाज कल्याण, शिक्षा, विद्युत, पूर्ति सहित अन्य विभागों से सम्बन्धित
प्रार्थना पत्र तहसील दिवस में प्रस्तुत किये गये। जिलाधिकारी ने तहसील
दिवस में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि समस्त मामले विलम्बतम 14
दिन में अनिवार्य रूप से निस्तारित कर दिये जाये। निस्तारण में गुणवत्ता
की जवाबदेही सीधे जिला स्तरीय अधिकारी की होगी। इसलिए सभी जिला स्तरीय
अधिकारी अपने विभागों से सम्बन्धित तहसील दिवस में आये प्रार्थना पत्रों
के निस्तारण की गुणवत्ता का व्यक्तिगत स्तर पर परीक्षण करा लें, जिससे
तहसील को निस्तारण की रिपोर्ट भेजने के पूर्व शासन की मंशा के अनुसार
तहसील दिवस में आये प्रार्थना पत्र निस्तारित हो और जन सामान्य की
समस्याओं एवं शिकायतों का ठोस समाधान हो सके। जिन प्रार्थना पत्रों का
निस्तारण तुरन्त सम्भव था, ऐसे सात मामले जिलाधिकारी द्वारा तहसील दिवस
के दौरान ही निस्तारित किये गये। इस अवसर पर प्रस्तुत मामलों में अधिकांश
ऐसे थे, जिनमें अधिकतम एक अथवा दो सप्ताह का समय लगेगा। ऐसे सभी मामलो
में जिलाधिकारी द्वारा अपेक्षा की गई कि ऐसे मामलो में जरूरत अनुसार
स्थलीय निरीक्षण करके प्रभावी ढ़ग से निस्तारित किये जाये। इस अवसर पर
पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद, मुख्य विकास अधिकारी ऋषिरेन्द्र कुमार, मुख्य
चिकित्साधिकारी डा. डीआरसिंह, उपजिलाधिकारी रामसनेहीघाट सहित जिले के
अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद थे।
बाराबंकी। रामसनेहीघाट तहसील में आयोजित तहसील दिवस पर जिलाधिकारी अजय
यादव ने जिले के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पूरी संवेदनशीलता के
साथ जन समस्याओं का निराकरण करें। उन्होने कहा कि जन समस्याओं का ठोस एवं
त्वरित निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासन की मंशा है कि
फरियादियों को अपनी शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक
भागदौड़ न करनी पड़े। सभी अधिकारी फरियादियों के प्रार्थना पत्रों को
निर्धारित समय में निस्तारित करें। जिलाधिकारी तहसील रामसनेहीघाट में
आयोजित तहसील दिवस में फरियादियों के प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई करते
हुए उनका निराकरण कर रहे थे। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि निर्धारित समय में
तहसील दिवस के मामलों का निस्तारण न करने वाले विभागों के अधिकारी के
विरुद्ध कार्रवाई होगी। तहसील दिवस के दौरान कुल 105 प्रार्थना पत्र
प्रस्तुत हुए, जिनमें राजस्व विभाग से सम्बन्धित प्रार्थना पत्र सबसे
अधिक थे। 27 प्रार्थना पत्र राजस्व से सम्बन्धित, 18 प्रार्थना पत्र
पुलिस से सम्बन्धित और 11 प्रार्थना पत्र विकास से सम्बन्धित थे। बाकी
समाज कल्याण, शिक्षा, विद्युत, पूर्ति सहित अन्य विभागों से सम्बन्धित
प्रार्थना पत्र तहसील दिवस में प्रस्तुत किये गये। जिलाधिकारी ने तहसील
दिवस में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि समस्त मामले विलम्बतम 14
दिन में अनिवार्य रूप से निस्तारित कर दिये जाये। निस्तारण में गुणवत्ता
की जवाबदेही सीधे जिला स्तरीय अधिकारी की होगी। इसलिए सभी जिला स्तरीय
अधिकारी अपने विभागों से सम्बन्धित तहसील दिवस में आये प्रार्थना पत्रों
के निस्तारण की गुणवत्ता का व्यक्तिगत स्तर पर परीक्षण करा लें, जिससे
तहसील को निस्तारण की रिपोर्ट भेजने के पूर्व शासन की मंशा के अनुसार
तहसील दिवस में आये प्रार्थना पत्र निस्तारित हो और जन सामान्य की
समस्याओं एवं शिकायतों का ठोस समाधान हो सके। जिन प्रार्थना पत्रों का
निस्तारण तुरन्त सम्भव था, ऐसे सात मामले जिलाधिकारी द्वारा तहसील दिवस
के दौरान ही निस्तारित किये गये। इस अवसर पर प्रस्तुत मामलों में अधिकांश
ऐसे थे, जिनमें अधिकतम एक अथवा दो सप्ताह का समय लगेगा। ऐसे सभी मामलो
में जिलाधिकारी द्वारा अपेक्षा की गई कि ऐसे मामलो में जरूरत अनुसार
स्थलीय निरीक्षण करके प्रभावी ढ़ग से निस्तारित किये जाये। इस अवसर पर
पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद, मुख्य विकास अधिकारी ऋषिरेन्द्र कुमार, मुख्य
चिकित्साधिकारी डा. डीआरसिंह, उपजिलाधिकारी रामसनेहीघाट सहित जिले के
अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद थे।

