प्रशिक्षित युवा कर रहे हैं नाम रोशन
https://husainijnp.blogspot.com/2016/08/blog-post_506.html
बाराबंकी। भारतेन्दु नाट्य अकादमी के सहायक निदेशक रमेशचन्द्र गुप्ता ने
कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा संचालित यह केन्द्र वर्ष-1975 में साहित्यकार
स्व. अमृतलाल नागर तथा पद्यमश्री राज्य विसारिया के प्रयास से मात्र तीस
हजार रुपये का अनुदान से की गयी थी। उन्होने कहा कि आज अकादमी का महत्व
अपने आप में काफी बढ़ गया है। उन्होने आगे बताया कि इस अकादमी में
डिप्लोमा और प्रशिक्षण भी युवाओं को दिया जा रहा है। साथ ही में अकादमी
के उत्तीर्ण छात्रों द्वारा फिल्म टेलीवीजन तथा रंगमंच के क्षेत्र में
सराहनीय कार्य कर रहे हैं।
कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा संचालित यह केन्द्र वर्ष-1975 में साहित्यकार
स्व. अमृतलाल नागर तथा पद्यमश्री राज्य विसारिया के प्रयास से मात्र तीस
हजार रुपये का अनुदान से की गयी थी। उन्होने कहा कि आज अकादमी का महत्व
अपने आप में काफी बढ़ गया है। उन्होने आगे बताया कि इस अकादमी में
डिप्लोमा और प्रशिक्षण भी युवाओं को दिया जा रहा है। साथ ही में अकादमी
के उत्तीर्ण छात्रों द्वारा फिल्म टेलीवीजन तथा रंगमंच के क्षेत्र में
सराहनीय कार्य कर रहे हैं।

