गलती सबसे होती है कार्यकर्ता माफ करना सीखें : संदीप शुक्ला
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🌕पिछली सरकार और वर्तमान सरकार के विकास की तुलना करें सच सामने आ जायेगा
असगर नकी
सुल्तानपुर:- जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की सरकार बनवाने वाली भाजपा उत्तर प्रदेश में ला-इन- आर्डर की बात कर रही, भाजपा को पहले अपने गिरहबान में झाकना चाहिये, प्रधानमंत्री को "विदेश घूमने, फोटो खिंचवाने, कपड़े बदलने" से फुरसत नहीं जो देश के लिये चिंतन करें, हां भाजपा विनाश कर सकती है विकास नहीं, आज अपने नगर आगमन पर आयोजित एक नुक्कड़ सभा के दौरान लोकनिर्माण विभाग के चेयरमैन डा. संदीप शुक्ला ने ये बातें कहीं।
लोकनिर्माण विभाग के चेयरमैन बनने के बाद श्री शुक्ला पहली बार ज़िले में पहुंचे जहां बस स्टैण्ड स्थित डा. लोहिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यहां आयोजित एक नुक्कड़ सभा को श्री शुक्ला ने सम्बोधित किया, उन्होंने भाजपा को आडे हाथों लेते हुए कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पर उंगली उठाने वाली भाजपा को पता होना चाहिये कि यहां "न नक्सलवाद है न आतंकवाद" हां एक ओर चीन तो दूसरी ओर कश्मीर के रास्ते पाकिस्तान ने देश की सुरक्षा में सेंधमारी कर रखी है भाजपा का ला इन आर्डर कहां है? उन्होंने कहा देश की सुधार व्यवस्था के लिये जाहिलों की नहीं पढ़े लिखो की ज़रूरत है जाहिलों को चाहिए के वो घर बैठकर अपना काम करें।
गर्म चुनावी बयार में विकास के मुद्दे पर भी श्री शुक्ला का रुख़ आक्रमक अपनाते हुए कहा कि आज विपक्षी विकास के मुद्दे पर बात कर रहे जबकि सच्चाई ये है कि 2007 से 2012 और 2012 से अबतक के विकास की तुलना की जाये तो उसे गिनाने के लिये एक दिन से ज़्यादा का समय चाहिए, इससे ही अंदाज़ा लगाये की लेपटाप पाने वाला बच्चा झांसी तक सीएम के साथ हेलिकॉप्टर से जाता है, सीएम खेल के मैदान में होते हैं बीमार बच्चे को लेकर माँ-बाप मैदान पर आ जाते हैं तो लालबत्ती की गाड़ी से मुख्यमंत्री निवास भेज सीएम उसकी मदद करते हैं, दर्जा प्राप्त मंत्री श्री शुक्ला ने कहा कि तत्कालीन सरकारों में बीज और खाद के लिये किसान लाठियां खाता आज उसे ये प्रताड़ना नहीं उठानी पड़ रही, शिक्षा,स्वास्थय व हर मूलभूत सुविधाओं में सरकार विकास के लिये अग्रसित है।
मज़े की बात ये है की नौकरशाही से इस्तीफा देकर राजनीति के मैदान को चुनने वाले श्री शुक्ला अपने भाषण में एक मंझे हुए नेता की तरह दिखाई दिये, उन्होंने जहां राजनीति के तमाम मैदान की बातें उठाई वहीं संगठन के प्रति भी वो सजग दिखाई पड़े, संगठन के पदाधिकारियों से लेकर कार्यकताओं एवं विधायकों को नसीहत देते हुए कहा कि गलती सबसे होती है वो मुख्यमंत्री हो आम कार्यकर्ता हो या विधायक लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि उसकी बुराई की जाये, बल्कि चौराहों पर बातें करने से बेहतर है जिससे गलती हुई है उससे बातायें, हमेशा तुलनात्मक देखें और माफ करना सीखें, उन्होंने आगामी चुनाव के लिये पदाधिकर कार्यकर्ता और विधायक को गांव गली मोहल्लों में निकलने और सरकार के कार्यों को बताने का भी सुझाव दिया। अंत में श्री शुक्ला ने शहर आगमन पर लम्भुआ विधायक संतोष पाण्डे द्वारा समर्थकों के साथ किये गये स्वागत सम्मान का शुक्रिया भी अदा किया।
इस मौके पर राज्यमंत्री सुरभि शुक्ला, सपा जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव, विधायक अनूप संडा, इसौली के सपा नेता बी.एम. यादव समेत सैकड़ों पदाधिकरी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सुल्तानपुर:- जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की सरकार बनवाने वाली भाजपा उत्तर प्रदेश में ला-इन- आर्डर की बात कर रही, भाजपा को पहले अपने गिरहबान में झाकना चाहिये, प्रधानमंत्री को "विदेश घूमने, फोटो खिंचवाने, कपड़े बदलने" से फुरसत नहीं जो देश के लिये चिंतन करें, हां भाजपा विनाश कर सकती है विकास नहीं, आज अपने नगर आगमन पर आयोजित एक नुक्कड़ सभा के दौरान लोकनिर्माण विभाग के चेयरमैन डा. संदीप शुक्ला ने ये बातें कहीं।
लोकनिर्माण विभाग के चेयरमैन बनने के बाद श्री शुक्ला पहली बार ज़िले में पहुंचे जहां बस स्टैण्ड स्थित डा. लोहिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यहां आयोजित एक नुक्कड़ सभा को श्री शुक्ला ने सम्बोधित किया, उन्होंने भाजपा को आडे हाथों लेते हुए कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पर उंगली उठाने वाली भाजपा को पता होना चाहिये कि यहां "न नक्सलवाद है न आतंकवाद" हां एक ओर चीन तो दूसरी ओर कश्मीर के रास्ते पाकिस्तान ने देश की सुरक्षा में सेंधमारी कर रखी है भाजपा का ला इन आर्डर कहां है? उन्होंने कहा देश की सुधार व्यवस्था के लिये जाहिलों की नहीं पढ़े लिखो की ज़रूरत है जाहिलों को चाहिए के वो घर बैठकर अपना काम करें।
गर्म चुनावी बयार में विकास के मुद्दे पर भी श्री शुक्ला का रुख़ आक्रमक अपनाते हुए कहा कि आज विपक्षी विकास के मुद्दे पर बात कर रहे जबकि सच्चाई ये है कि 2007 से 2012 और 2012 से अबतक के विकास की तुलना की जाये तो उसे गिनाने के लिये एक दिन से ज़्यादा का समय चाहिए, इससे ही अंदाज़ा लगाये की लेपटाप पाने वाला बच्चा झांसी तक सीएम के साथ हेलिकॉप्टर से जाता है, सीएम खेल के मैदान में होते हैं बीमार बच्चे को लेकर माँ-बाप मैदान पर आ जाते हैं तो लालबत्ती की गाड़ी से मुख्यमंत्री निवास भेज सीएम उसकी मदद करते हैं, दर्जा प्राप्त मंत्री श्री शुक्ला ने कहा कि तत्कालीन सरकारों में बीज और खाद के लिये किसान लाठियां खाता आज उसे ये प्रताड़ना नहीं उठानी पड़ रही, शिक्षा,स्वास्थय व हर मूलभूत सुविधाओं में सरकार विकास के लिये अग्रसित है।
मज़े की बात ये है की नौकरशाही से इस्तीफा देकर राजनीति के मैदान को चुनने वाले श्री शुक्ला अपने भाषण में एक मंझे हुए नेता की तरह दिखाई दिये, उन्होंने जहां राजनीति के तमाम मैदान की बातें उठाई वहीं संगठन के प्रति भी वो सजग दिखाई पड़े, संगठन के पदाधिकारियों से लेकर कार्यकताओं एवं विधायकों को नसीहत देते हुए कहा कि गलती सबसे होती है वो मुख्यमंत्री हो आम कार्यकर्ता हो या विधायक लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि उसकी बुराई की जाये, बल्कि चौराहों पर बातें करने से बेहतर है जिससे गलती हुई है उससे बातायें, हमेशा तुलनात्मक देखें और माफ करना सीखें, उन्होंने आगामी चुनाव के लिये पदाधिकर कार्यकर्ता और विधायक को गांव गली मोहल्लों में निकलने और सरकार के कार्यों को बताने का भी सुझाव दिया। अंत में श्री शुक्ला ने शहर आगमन पर लम्भुआ विधायक संतोष पाण्डे द्वारा समर्थकों के साथ किये गये स्वागत सम्मान का शुक्रिया भी अदा किया।
इस मौके पर राज्यमंत्री सुरभि शुक्ला, सपा जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव, विधायक अनूप संडा, इसौली के सपा नेता बी.एम. यादव समेत सैकड़ों पदाधिकरी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

