प्रदर्शनकारियों पर संक्रमित बीमारी का खतरा
https://husainijnp.blogspot.com/2016/08/blog-post_46.html
बाराबंकी। भारतीय दिव्यांग कल्याण सेवा परिषद का धरना गन्ना दफ्तर में
तीसरे दिन भी जारी रहा धरने को सम्बोधित करते हुए उपाध्यक्ष परशुराम रावत
ने कहा कि जिला प्रशासन दिव्यांगजनो को धरने की जो जगह दी है यहां हर समय
जान का खतरा बना हुआ है परन्तु दिव्यांगजनों ने निश्चय किया है कि मांग
पूरी होने तक धरना समाप्त नहीं किया जायेगा। विदित हो कि दिव्यांगजनों ने
आवास, राशन कार्ड, शौचालय पेन्शन, ट्राई साईकिल, पेन्शन आदि की मांग को
लकर पिछले कई महीनो से सघंर्ष कर रहे है जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार वर्मा ने
कहा कि सबसे ज्यादा प्रताड़ना, अपमान व उपहास का शिकार विकलांग ही होते है
लूले, लगड़े, कानें कहकर लोग मजाक उड़ाते है। जबकि जिला प्रशासन व सरकार
दिव्यांगजनों को शब्दों में दिव्यांग कहकर सम्मानित करने, समाज की मुख्य
धारा से जोड़ने का खोखला दावा कर रहे है। डी एम. साहब आपके अधीनस्त
अधिकारी अब भी घटना स्थल पर विकलांगो का उपहास उड़ाते है। कि मच्छर सांप,
बिच्छू मिल जायेगें डी एम साहब नही मिलेगें। विकलांग भाइयों हम लोग भले
ही यहां दम तोड दें परन्तु अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जायेगी। परिषद के सचिव
आर.बी. सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन अगर जल्द ही विकलांगों की मांग पर
ध्यान नहीं दिया तो आन्दोलन किया जायेगा। धरने पर अंशू जायसवाल, ननकऊ
सिंह, राजाराम, रंजीता देवी, अशू, मनीष, बृजेश कुमार, दिनेश, गुड्डू,
विजय कुमार, लज्जावती, सुजरानी, श्यामकली, नीरज कुमार, कनीज बानो, महबूब
आलम, रामरती, गुड्डी देवी, उर्मिला देवी, सुमित्रा देवी, मालती,
सुरेन्द्र कुमार गौतम, राजेन्द्र, रामसेवक, रामलली, पार्वती, प्रेमावती,
कलुई, मंशाराम, विक्रम, अवधेश, सुनील कुमार, रामविलास, कैलाश, राममिलन
आदि लोग मोजूद थे।
तीसरे दिन भी जारी रहा धरने को सम्बोधित करते हुए उपाध्यक्ष परशुराम रावत
ने कहा कि जिला प्रशासन दिव्यांगजनो को धरने की जो जगह दी है यहां हर समय
जान का खतरा बना हुआ है परन्तु दिव्यांगजनों ने निश्चय किया है कि मांग
पूरी होने तक धरना समाप्त नहीं किया जायेगा। विदित हो कि दिव्यांगजनों ने
आवास, राशन कार्ड, शौचालय पेन्शन, ट्राई साईकिल, पेन्शन आदि की मांग को
लकर पिछले कई महीनो से सघंर्ष कर रहे है जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार वर्मा ने
कहा कि सबसे ज्यादा प्रताड़ना, अपमान व उपहास का शिकार विकलांग ही होते है
लूले, लगड़े, कानें कहकर लोग मजाक उड़ाते है। जबकि जिला प्रशासन व सरकार
दिव्यांगजनों को शब्दों में दिव्यांग कहकर सम्मानित करने, समाज की मुख्य
धारा से जोड़ने का खोखला दावा कर रहे है। डी एम. साहब आपके अधीनस्त
अधिकारी अब भी घटना स्थल पर विकलांगो का उपहास उड़ाते है। कि मच्छर सांप,
बिच्छू मिल जायेगें डी एम साहब नही मिलेगें। विकलांग भाइयों हम लोग भले
ही यहां दम तोड दें परन्तु अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जायेगी। परिषद के सचिव
आर.बी. सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन अगर जल्द ही विकलांगों की मांग पर
ध्यान नहीं दिया तो आन्दोलन किया जायेगा। धरने पर अंशू जायसवाल, ननकऊ
सिंह, राजाराम, रंजीता देवी, अशू, मनीष, बृजेश कुमार, दिनेश, गुड्डू,
विजय कुमार, लज्जावती, सुजरानी, श्यामकली, नीरज कुमार, कनीज बानो, महबूब
आलम, रामरती, गुड्डी देवी, उर्मिला देवी, सुमित्रा देवी, मालती,
सुरेन्द्र कुमार गौतम, राजेन्द्र, रामसेवक, रामलली, पार्वती, प्रेमावती,
कलुई, मंशाराम, विक्रम, अवधेश, सुनील कुमार, रामविलास, कैलाश, राममिलन
आदि लोग मोजूद थे।

