डीआरडीए सभागार में जिलाधिकारी ने कसे बैंक अधिकारियों के पेंच
https://husainijnp.blogspot.com/2016/08/blog-post_498.html
अजमी रिज़वी
बाराबंकी। बैंकर्स की जिला सलाहकार समिति की डीआरडीए सभागार में आयोजित
बैठक में जिलाधिकारी अजय यादव ने सभी बैंको के अधिकारियों को निर्देश
दिया है कि कृषि ऋण वितरण पर विशेष ध्यान दे। उन्होने फसली ऋण और किसान
क्रेडिट कार्ड की प्रगति की समीक्षा के दौरान यूनाईटेड बैंक ऑफ इण्डिया,
एक्सिस बैंक, इंडसइन्ड बैंक और यस बैंक द्वारा कोई प्रगति न होने पर कड़ी
चेतावनी देते हुए आगाह किया कि फसली ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड वितरण के
मामले में उदासीनता अथवा लापरवाही बरतने पर कार्रवाई सुनिश्चित की
जायेगी। जिलाधिकारी ने बैठक मंे ऋण जमा अनुपात, बैंकोे की वार्षिक कार्य
योजना प्रगति और शासन द्वारा आयोजित एनआरएलएम योजना, मुख्यमंत्री
ग्रामोद्योग रोजगार योजना, मत्स्य पालन, शहरी आजीविका मिशन सहित अन्य
योजनाओं के अन्तर्गत बैको को भेजे गये ऋण प्रार्थना पत्रों पर स्वीकृति
अथवा ऋण वितरण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होने राष्ट्रीय ग्रामीण
आजीविका मिशन अन्तर्गत गठित महिला स्वयं सहायता समूहों को वित्त पोषित
करने में हिलाहवाली अथवा लापरवाही बरतने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए
कहा कि सम्बन्धित बैंको को चिन्हित करके उनके विरुद्ध उच्च स्तर पर पत्र
भेजा जायेगा। माह जुलाई में जनपद का ऋण जमा अनुपात 70 प्रतिशत रहा।
परन्तु सेन्ट्रल बैंक आफ इण्डिया और यूनाईटेड बैंक ऑफ इण्डिया की
भागीदारी नगण्य पायी गयी। जिलाधिकारी ने खराब प्रगति वाले बैंकर्स से ऋण
जमा अनुपात में सुधार लाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने अग्रणी जिला
प्रबन्धक को निर्देश दिया कि सभी बैंको को स्पष्ट कर दे कि फसली ऋण वितरण
और किसान क्रेडिट कार्ड वितरण में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाये। उन्होने
कहा कि कृषि ऋण वितरण में प्रगति हेतु अग्रणी जिला प्रबन्धक समस्त बैंको
से समन्वय करके लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें। बैठक में मुख्य विकास
अधिकारी ऋषिरेन्द्र कुमार, अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार सिंह, एलडीएम अशोक
कुमार मिश्र, नाबार्ड की जिला विकास प्रबन्धक शैफाली अग्रवाल सहित बैंको
के अधिकारी एवं जिले स्तर के अधिकारी मौजूद थे।
बाराबंकी। बैंकर्स की जिला सलाहकार समिति की डीआरडीए सभागार में आयोजित
बैठक में जिलाधिकारी अजय यादव ने सभी बैंको के अधिकारियों को निर्देश
दिया है कि कृषि ऋण वितरण पर विशेष ध्यान दे। उन्होने फसली ऋण और किसान
क्रेडिट कार्ड की प्रगति की समीक्षा के दौरान यूनाईटेड बैंक ऑफ इण्डिया,
एक्सिस बैंक, इंडसइन्ड बैंक और यस बैंक द्वारा कोई प्रगति न होने पर कड़ी
चेतावनी देते हुए आगाह किया कि फसली ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड वितरण के
मामले में उदासीनता अथवा लापरवाही बरतने पर कार्रवाई सुनिश्चित की
जायेगी। जिलाधिकारी ने बैठक मंे ऋण जमा अनुपात, बैंकोे की वार्षिक कार्य
योजना प्रगति और शासन द्वारा आयोजित एनआरएलएम योजना, मुख्यमंत्री
ग्रामोद्योग रोजगार योजना, मत्स्य पालन, शहरी आजीविका मिशन सहित अन्य
योजनाओं के अन्तर्गत बैको को भेजे गये ऋण प्रार्थना पत्रों पर स्वीकृति
अथवा ऋण वितरण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होने राष्ट्रीय ग्रामीण
आजीविका मिशन अन्तर्गत गठित महिला स्वयं सहायता समूहों को वित्त पोषित
करने में हिलाहवाली अथवा लापरवाही बरतने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए
कहा कि सम्बन्धित बैंको को चिन्हित करके उनके विरुद्ध उच्च स्तर पर पत्र
भेजा जायेगा। माह जुलाई में जनपद का ऋण जमा अनुपात 70 प्रतिशत रहा।
परन्तु सेन्ट्रल बैंक आफ इण्डिया और यूनाईटेड बैंक ऑफ इण्डिया की
भागीदारी नगण्य पायी गयी। जिलाधिकारी ने खराब प्रगति वाले बैंकर्स से ऋण
जमा अनुपात में सुधार लाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने अग्रणी जिला
प्रबन्धक को निर्देश दिया कि सभी बैंको को स्पष्ट कर दे कि फसली ऋण वितरण
और किसान क्रेडिट कार्ड वितरण में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाये। उन्होने
कहा कि कृषि ऋण वितरण में प्रगति हेतु अग्रणी जिला प्रबन्धक समस्त बैंको
से समन्वय करके लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें। बैठक में मुख्य विकास
अधिकारी ऋषिरेन्द्र कुमार, अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार सिंह, एलडीएम अशोक
कुमार मिश्र, नाबार्ड की जिला विकास प्रबन्धक शैफाली अग्रवाल सहित बैंको
के अधिकारी एवं जिले स्तर के अधिकारी मौजूद थे।
