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सड़क हादसे में दो की मौत, तीन ट्रामा रेफर

बाराबंकी। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई सड़क दुघर्टनाओं बाइक
सवार शिक्षक की मौत हो गयी। जबकि बस ने एक मैजिक में टक्कर मार दी।
जिसमें सवार एक व्यक्ति की मौत हो गयी। जबकि तीन गंभीर रुप से घायल हो
गये। घायलों को इलाज के लिये लखनऊ ट्रामा सेन्टर रेफर कर दिया गया है।
पुलिस ने लाशों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, पहली घटना आज सुबह 5ः30 बजे कोतवाली नगर क्षेत्र के
सफेदाबाद रेलवे पुल के पास घटी। जनपद लखनऊ के मोहल्ला डालीगंज निवासी 39
वर्षीय अतुल मिश्रा पुत्र कालिका प्रसाद जो अमेठी जनपद के तहसील तिलोई
में शिक्षक के पद पर कार्यरत था। वह अपनी बाइक से विद्यालय जा रहा था। जब
वह सफेदाबाद पुल के पास पहुंचा तो पीछे से आ रही तेज रफ्तार अज्ञात ट्रक
ने मोटर साइकिल में टक्कर मार दी। जिसमें शिक्षक गंभीर रुप से घायल हो
गया। स्थानीय नागरिकों ने 100 नम्बर डायल करके पुलिस को सूचना दी। लेकिन
दो घंटे तक पुलिस मौके पर नही पहुंची। जिसका नतीजा यह हुआ कि घायल शिक्षक
की मौके पर ही मौत हो गयी। दूसरी घटना आज सुबह 7ः30 बजे थाना मसौली
क्षेत्र के नयागांव के पास घटी। मसौली थाना क्षेत्र के ग्राम डुबकी मजरे
शेरपुर निवासी प्रदीप कुमार पुत्र रामनरेश बाराबंकी में स्थित यूनियन
बैंक में संविदा के पद पर चपरासी का काम करता था। अपने घर से टाटा मैजिक
पर बैठकर वह बाराबंकी आ रहा था। नया गांव के पास मैजिक चालक ने गाड़ी रोक
कर सवारी को उतारने लगा। इसी बीच पीछे से आ रही तेज रफ्तार प्राइवेट बस
ने मैजिक में जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर में प्रदीप कुमार की मौत हो
गयी। जबकि तीन गंभीर रुप से घायल हो गये। घायलों को पहले जिला अस्पताल
लाया गया। बाद में डाक्टरों ने उन्हे लखनऊ ट्रामा सेन्टर रेफर कर दिया।
वहीं स्थानीय नागरिकों ने दौड़ाकर चालक सहित बस को पकड़ लिया। सूचना मिलने
पर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी ने लाश का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के
लिये भेज दिया।
नही मिलता पुलिस का 100 नम्बर
बाराबंकी। कहने को तो जनपद में पुलिस सुरक्षा प्राप्त करने के लिये 100
नम्बर नागरिकों को सार्वजनिक रुप से बताया गया है। अगर कहीं कोई दिक्कत
हो तो 100 नम्बर डायल करो पुलिस आपके पास होगी। लेकिन जिले मंे 100 नम्बर
तो मात्र शोपीस बनकर रह गया है। आज उसका जीता जागता उदाहरण सफेदाबाद
स्थित रेलवे पुल पर देखने को मिला। जब अज्ञात वाहन ने शिक्षक अतुल मिश्रा
को रौंद डाला था और वह सड़क पर तड़प रहा था। तो वहां पर मौजूद नागरिकों ने
दर्जनों बार 100 नम्बर डायल करके पुलिस को सूचना देने का प्रयास किया।
घंटी बजती रही लेकिन किसी ने भी फोन को रिसीव नही किया। अगर पुलिस फोन
उठा लेती और तत्काल मौके पर पहुंच जाती तो शायद शिक्षक की जान बच जाती।
लेकिन कोतवाली पुलिस दो घण्टे बाद घटना स्थल पर जब पहुंची जब शिक्षक ने
तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया था।

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