आखिरकार हो गयी सीएचसी प्रभारी की विदाई
https://husainijnp.blogspot.com/2016/08/blog-post_618.html
अजमी रिज़वी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी। हमेशा विवादों में रहने वाले सीएचसी बनीकोडर के
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ एस.बी सिंह का ट्रांसफर विगत माह जिला
अम्बेडकर नगर हो जाने के बाद भी अभी तक रिलीव नहीं हो सके। किन्तु नवागत
सीएमओ डा डीआर सिंह ने उन्हें प्रभारी पद से हटा कर बदायूं से आये डॉ
प्रदीप को सीएचसी बनिकोडर का प्रभार दिया है। परंतु अभी तक उन्हें चार्ज
नहीं मिल सका है। यह सीएचसी पूरी तरह से कई खेमो में बटी हुई है और अब तक
जितना भी धन सरकारी खजाने से यहाँ गरीबो के इलाज के लिए आया उसका कही भी
अता पता नहीं चल सका। अगर नवागत सीएमओ इस सीएचसी के प्रभारी डॉ एसबी
सिंह के कार्यकाल की ईमानदारी से जाँच करा ले तो बहुत ही चोंकाने वाले
परिदृश्य सामने आयेगे। जिस उदेश्य से यह हॉस्पिटल बना था आज अपनी दुर्दशा
पर आंसू बहा रहा है। इस हॉस्पिटल में मरीजो की सुविधा के नाम पर कुछ भी
नहीं है। मरीजो को बहार से दवा, जाँच आदि करानी पड़ती है। मंगलवार को
सीएमओ हॉस्पिटल गए और दो लोगो के खिलाफ कार्यवाही भी किया। किन्तु
हॉस्पिटल में अन्य अभिलेख नहीं देख सके और न ही ऑपरेशन रूम ही देखा अंदर
जाँच व मरीजो के हाल भी नहीं लिया। अगर विधिवत जाँच हो जाये तो डॉ एस बी
सिंह सहित उनके कई गुर्गे बेनकाब हो सकते है। अब देखना है की आखिर सीएमओ
उन्हें कब रिलीव करते है
रामसनेहीघाट, बाराबंकी। हमेशा विवादों में रहने वाले सीएचसी बनीकोडर के
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ एस.बी सिंह का ट्रांसफर विगत माह जिला
अम्बेडकर नगर हो जाने के बाद भी अभी तक रिलीव नहीं हो सके। किन्तु नवागत
सीएमओ डा डीआर सिंह ने उन्हें प्रभारी पद से हटा कर बदायूं से आये डॉ
प्रदीप को सीएचसी बनिकोडर का प्रभार दिया है। परंतु अभी तक उन्हें चार्ज
नहीं मिल सका है। यह सीएचसी पूरी तरह से कई खेमो में बटी हुई है और अब तक
जितना भी धन सरकारी खजाने से यहाँ गरीबो के इलाज के लिए आया उसका कही भी
अता पता नहीं चल सका। अगर नवागत सीएमओ इस सीएचसी के प्रभारी डॉ एसबी
सिंह के कार्यकाल की ईमानदारी से जाँच करा ले तो बहुत ही चोंकाने वाले
परिदृश्य सामने आयेगे। जिस उदेश्य से यह हॉस्पिटल बना था आज अपनी दुर्दशा
पर आंसू बहा रहा है। इस हॉस्पिटल में मरीजो की सुविधा के नाम पर कुछ भी
नहीं है। मरीजो को बहार से दवा, जाँच आदि करानी पड़ती है। मंगलवार को
सीएमओ हॉस्पिटल गए और दो लोगो के खिलाफ कार्यवाही भी किया। किन्तु
हॉस्पिटल में अन्य अभिलेख नहीं देख सके और न ही ऑपरेशन रूम ही देखा अंदर
जाँच व मरीजो के हाल भी नहीं लिया। अगर विधिवत जाँच हो जाये तो डॉ एस बी
सिंह सहित उनके कई गुर्गे बेनकाब हो सकते है। अब देखना है की आखिर सीएमओ
उन्हें कब रिलीव करते है

