हाइवे पर अवैध कट बने मौत का सबब
https://husainijnp.blogspot.com/2016/08/blog-post_636.html
रामसनेहीघाट बाराबंकी। हाइवे मुफ्त में मौत बांट रही है। रांग साइड वाहन
और कट मौत के सबब बनते जा रहे हैं। हाइवे की टूटकर सड़कों पर पड़ी रेलिंगे
और पग पग पर हाइवे की उछाल जिंदगी मिटा रही है। अफसर असुविधाओं को नजर
अंदाज कर रहे हैं। कट से रांग साइड वाहन को बचाने के चक्कर में मंगलवार
को हुई दुर्घटना से यदि किसी ने सबक नहीं लिया तो कोई बड़ी घटना घट सकती
है। हाइवे की 70 किमी दूरी दो जनपद के अंतर्गत दो जगहों पर टोल टैक्स
वसूला जा रहा है। टोल वसूलने में आगे और सुविधाए देने में एनएचएआई एकदम
पीछे है। इसी का आलम है कि करीब 15 किमी की ही दूरी में दो दर्जन से अधिक
स्थान पर लोगों ने अपनी सुविधा के लिए अवैध कट बना रखे हैं। इन पर कोई
संकेतक न होने से हर समय हादसे का खतरा रहता है। हाइवे पर अवैध कट की
तस्वीर सिर्फ रामसनेहीघाट पुल से टोल प्लाजा तक देखी जाय तो दुर्घटनाओं
का ग्राफ प्रत्येक कट का इतना हैं, कि रोंगटे खड़े हो जाएंगे। जिले की
सीमा से टोल तक 15 किमी की दूरी में करीब छोटे बड़े मिले 30 कट से भी
ज्यादा हैं। कुछ कटों को ग्रामीणों ने अपने घर को जाने के लिये शार्टकट
का रुप दिया है उससे भी ज्यादा कट हाइवे के किनारे खुले ढाबे व होटल
वालों ने वाहनों से कमाई के लिए बनवाए हैं। कोतवाली रामसनेहीघाट के
अंतर्गत मुरारपुर, सुमेरगंज, वैशनपुरवा के समीप स्थित अवैध कट पर कई
हादसे हो चुके हैं, इसके बावजूद कोई तवज्जो नहीं दी जा रही है। इस थाना
के अतंर्गत दरियाबाद ओवरब्रिज से लेकर दिलौना मोड़ तक तीन अवैध कट ढाबा
मालिकों ने खुद दोनों हाइवे के बीच की जमीन में मिटटी डाल कर बनवाए हैं।
करीब तीन सौ मीटर की इस दूरी में तीन अवैध कट जिंदगी को काटने के लिए
बनाएं गए हैं।इसी तरह काशीपुर, बड़ेला नारायण पुर,
त्रिवेदीपुरवा,मोहमदपुर, लालपुर, हथौंधा सम्पर्क मार्ग, सनौली मोड़,
लालपुर राजपुर, मेडुआ के पास अवैध कट किसी और ने नहीं बल्कि हाइवे किनारे
रहने वालों ने अपनी सुविधा के लिए राहगीरों की जान की कीमत पर यह अवैध कट
बना रखे हैं। इतना ही नहीं अपितु डिवाइडर पर कंडे पाथे जाते हैं, ग्रामीण
कई तरह कफिर भी किसी जिम्मेदार को इस समस्या को खत्म करने की फिक्र नही
है। एनएचआई के अफसर आए दिन हाइवे से गुजरते हैं, इसके बावजूद कोई ध्यान
नहीं दिया जा रहा है।
और कट मौत के सबब बनते जा रहे हैं। हाइवे की टूटकर सड़कों पर पड़ी रेलिंगे
और पग पग पर हाइवे की उछाल जिंदगी मिटा रही है। अफसर असुविधाओं को नजर
अंदाज कर रहे हैं। कट से रांग साइड वाहन को बचाने के चक्कर में मंगलवार
को हुई दुर्घटना से यदि किसी ने सबक नहीं लिया तो कोई बड़ी घटना घट सकती
है। हाइवे की 70 किमी दूरी दो जनपद के अंतर्गत दो जगहों पर टोल टैक्स
वसूला जा रहा है। टोल वसूलने में आगे और सुविधाए देने में एनएचएआई एकदम
पीछे है। इसी का आलम है कि करीब 15 किमी की ही दूरी में दो दर्जन से अधिक
स्थान पर लोगों ने अपनी सुविधा के लिए अवैध कट बना रखे हैं। इन पर कोई
संकेतक न होने से हर समय हादसे का खतरा रहता है। हाइवे पर अवैध कट की
तस्वीर सिर्फ रामसनेहीघाट पुल से टोल प्लाजा तक देखी जाय तो दुर्घटनाओं
का ग्राफ प्रत्येक कट का इतना हैं, कि रोंगटे खड़े हो जाएंगे। जिले की
सीमा से टोल तक 15 किमी की दूरी में करीब छोटे बड़े मिले 30 कट से भी
ज्यादा हैं। कुछ कटों को ग्रामीणों ने अपने घर को जाने के लिये शार्टकट
का रुप दिया है उससे भी ज्यादा कट हाइवे के किनारे खुले ढाबे व होटल
वालों ने वाहनों से कमाई के लिए बनवाए हैं। कोतवाली रामसनेहीघाट के
अंतर्गत मुरारपुर, सुमेरगंज, वैशनपुरवा के समीप स्थित अवैध कट पर कई
हादसे हो चुके हैं, इसके बावजूद कोई तवज्जो नहीं दी जा रही है। इस थाना
के अतंर्गत दरियाबाद ओवरब्रिज से लेकर दिलौना मोड़ तक तीन अवैध कट ढाबा
मालिकों ने खुद दोनों हाइवे के बीच की जमीन में मिटटी डाल कर बनवाए हैं।
करीब तीन सौ मीटर की इस दूरी में तीन अवैध कट जिंदगी को काटने के लिए
बनाएं गए हैं।इसी तरह काशीपुर, बड़ेला नारायण पुर,
त्रिवेदीपुरवा,मोहमदपुर, लालपुर, हथौंधा सम्पर्क मार्ग, सनौली मोड़,
लालपुर राजपुर, मेडुआ के पास अवैध कट किसी और ने नहीं बल्कि हाइवे किनारे
रहने वालों ने अपनी सुविधा के लिए राहगीरों की जान की कीमत पर यह अवैध कट
बना रखे हैं। इतना ही नहीं अपितु डिवाइडर पर कंडे पाथे जाते हैं, ग्रामीण
कई तरह कफिर भी किसी जिम्मेदार को इस समस्या को खत्म करने की फिक्र नही
है। एनएचआई के अफसर आए दिन हाइवे से गुजरते हैं, इसके बावजूद कोई ध्यान
नहीं दिया जा रहा है।

