सहज जनसेवा केन्द्रों के माध्यम से लेखपाल कर रहे अवैध वसूली
https://husainijnp.blogspot.com/2016/08/blog-post_782.html
हैदरगढ़ बाराबंकी। जिले मे खुले सहज जनसेवा केन्द्रों द्वारा बनाये जाने
वाले प्रमाण पत्र आय जाति जन्म मृत्यु की प्रक्रिया धीमी गति से चल रही
है। लोगों को प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जनसेवा केन्द्रोे के चक्कर लगाने
को मजबूर होना पड़ रहा है। केन्द्र संचालक सर्वर न आने का बहाना बता कर
लोगों को बैरंग वापस किया जा रहा है। इस समय स्कूलो मे मांगे जा रहे है
आवेदन किये हुये प्रमाण पत्रो को आने मंे 15 से 20 दिन का समय लग रहा है।
ऐसे सीजन मे लेखपालो की भी चांदी है बिना मिले रिर्पोट ही नही लगाते।
लेखपालो द्वारा एक अनूठा जरिया निकाला है वो सिर्फ जनसेवा केन्द्र
संचालकों को ही पकडा है, और मनमाना शुल्क लेकर प्रमाण पत्र तैयार किये जा
रहे है। लेखपाल द्वारा बताये सहज जनसेवा केन्द्र से प्रमाण पत्र नही भेजा
जाता तो तब तक सही रिर्पोट न लगा के कागजात को निरस्त करके भेजा जाता है।
जिले मे चल रहे सहज जनसेवा केन्द्र मे लूट का जरिया बना रखा हैं। एक-एक
प्रमाण पत्र बनवाने मे 20 दिन लग जाता है, इसमे दो प्रकार के सुविधा
ग्राहक को पेश किया जाता है जल्दी बनवाना है तो उसका शुल्क दूसरा लगता है
फिर शुरू होता है खेल अभिभवाक को जेब ढीली करनी पड़ती है। पंण्डित यादव
बहरामपुर निवासी का कहना है कि लेखपालो और जनसेवा केन्द्रो के बीच एक आम
नागरिक पिसता जा रहा है, लेखपालो से पूछने पर उनका जबाब यह होता की जहा
से भेजा वही पता करो, तबकि केन्द्र संचालक का सीधा जबाब होता है कि बिना
लेखपाल से मिले कोई प्रमाण पत्र नही आयेगा। जबकि थानपुर निवासी राम
प्रताप का कहना है कि मैने अपनी लड़की की शादी के अनुदान लिए आय प्रमाण
पत्र का आवेदन किया था और हल्का लेखपाल से कई बार सम्पर्क किया और सुविधा
शुल्क भी दिया पर हल्का लेखपाल ने इसलिए प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया
कि वे उनके बताये गये केन्द्र से आवेदन नही कराया जिसका आवेदन क्रमांक
16460010046512 है जबकि आवेदक उपरोक्त पते का निवासी है। इसी तरह हैदरगढ़
कस्बा निवासी शीतला प्रसाद वैश्य का कहना है कि उन्होने कसौधन जाति का
प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन कराया था। जबकि आवेदक प्रमाण पत्र
सम्बन्धी जानकारी तहसील हैदरगढ़़ से किया था, तहसील क्रर्मचारी ने बताया
कि कसौधन प्रमाण पत्र बनाये जा रहे है पर जब आवेदन किया तो आवेदन निरस्त
कर दिया गया जिसका आवेदन क्रमांक 16460030050016, 16460030050048,
1640020042225, 16460010056319, हल्का लेखपाल से जानकारी करने पर बताया
गया कि बिना मिले कोई भी प्रमाण पत्र नही जारी किया जाता है। तहसील आयी
विकलांग महिला रामरती पत्नी स्व. राजकुमार गौतम ने बताया कि कुछ दिन
पूर्व उनके पति की मृत्यु हो गयी थी अर्थिक सहायता मे लगाने के लिए आय
प्रमाण पत्र बनवाने तहसील आयी थी, तो लेखपाल ने यह कह कर वापस कर दिया था
कि तुम यहा नही रह रही हो इस लिए प्रमाण पत्र जारी नही हो सकता जबकि
विकलांग असहाय महिला अपने पति की मृत्यु के बाद मायके और ससुराल दोनो जगह
रह रही है। सपा नेता लल्लू यादव अपने बच्चो के प्रमाण पत्र 2 तारीख को
आवेदन कराया था पर अभी तक उनका प्रमाण पत्र नही तैयार हो सका उनका कहना
है कि भ्रष्ट अधिकारियों को डर नाम की कोई चीज नही है।
वाले प्रमाण पत्र आय जाति जन्म मृत्यु की प्रक्रिया धीमी गति से चल रही
है। लोगों को प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जनसेवा केन्द्रोे के चक्कर लगाने
को मजबूर होना पड़ रहा है। केन्द्र संचालक सर्वर न आने का बहाना बता कर
लोगों को बैरंग वापस किया जा रहा है। इस समय स्कूलो मे मांगे जा रहे है
आवेदन किये हुये प्रमाण पत्रो को आने मंे 15 से 20 दिन का समय लग रहा है।
ऐसे सीजन मे लेखपालो की भी चांदी है बिना मिले रिर्पोट ही नही लगाते।
लेखपालो द्वारा एक अनूठा जरिया निकाला है वो सिर्फ जनसेवा केन्द्र
संचालकों को ही पकडा है, और मनमाना शुल्क लेकर प्रमाण पत्र तैयार किये जा
रहे है। लेखपाल द्वारा बताये सहज जनसेवा केन्द्र से प्रमाण पत्र नही भेजा
जाता तो तब तक सही रिर्पोट न लगा के कागजात को निरस्त करके भेजा जाता है।
जिले मे चल रहे सहज जनसेवा केन्द्र मे लूट का जरिया बना रखा हैं। एक-एक
प्रमाण पत्र बनवाने मे 20 दिन लग जाता है, इसमे दो प्रकार के सुविधा
ग्राहक को पेश किया जाता है जल्दी बनवाना है तो उसका शुल्क दूसरा लगता है
फिर शुरू होता है खेल अभिभवाक को जेब ढीली करनी पड़ती है। पंण्डित यादव
बहरामपुर निवासी का कहना है कि लेखपालो और जनसेवा केन्द्रो के बीच एक आम
नागरिक पिसता जा रहा है, लेखपालो से पूछने पर उनका जबाब यह होता की जहा
से भेजा वही पता करो, तबकि केन्द्र संचालक का सीधा जबाब होता है कि बिना
लेखपाल से मिले कोई प्रमाण पत्र नही आयेगा। जबकि थानपुर निवासी राम
प्रताप का कहना है कि मैने अपनी लड़की की शादी के अनुदान लिए आय प्रमाण
पत्र का आवेदन किया था और हल्का लेखपाल से कई बार सम्पर्क किया और सुविधा
शुल्क भी दिया पर हल्का लेखपाल ने इसलिए प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया
कि वे उनके बताये गये केन्द्र से आवेदन नही कराया जिसका आवेदन क्रमांक
16460010046512 है जबकि आवेदक उपरोक्त पते का निवासी है। इसी तरह हैदरगढ़
कस्बा निवासी शीतला प्रसाद वैश्य का कहना है कि उन्होने कसौधन जाति का
प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन कराया था। जबकि आवेदक प्रमाण पत्र
सम्बन्धी जानकारी तहसील हैदरगढ़़ से किया था, तहसील क्रर्मचारी ने बताया
कि कसौधन प्रमाण पत्र बनाये जा रहे है पर जब आवेदन किया तो आवेदन निरस्त
कर दिया गया जिसका आवेदन क्रमांक 16460030050016, 16460030050048,
1640020042225, 16460010056319, हल्का लेखपाल से जानकारी करने पर बताया
गया कि बिना मिले कोई भी प्रमाण पत्र नही जारी किया जाता है। तहसील आयी
विकलांग महिला रामरती पत्नी स्व. राजकुमार गौतम ने बताया कि कुछ दिन
पूर्व उनके पति की मृत्यु हो गयी थी अर्थिक सहायता मे लगाने के लिए आय
प्रमाण पत्र बनवाने तहसील आयी थी, तो लेखपाल ने यह कह कर वापस कर दिया था
कि तुम यहा नही रह रही हो इस लिए प्रमाण पत्र जारी नही हो सकता जबकि
विकलांग असहाय महिला अपने पति की मृत्यु के बाद मायके और ससुराल दोनो जगह
रह रही है। सपा नेता लल्लू यादव अपने बच्चो के प्रमाण पत्र 2 तारीख को
आवेदन कराया था पर अभी तक उनका प्रमाण पत्र नही तैयार हो सका उनका कहना
है कि भ्रष्ट अधिकारियों को डर नाम की कोई चीज नही है।

