तालाब बन गया है सरसौंदी सम्पर्क मार्ग
https://husainijnp.blogspot.com/2016/08/blog-post_795.html
अजमी रिज़वी
बाराबंकी। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण माती
चिनहट मार्ग से शारदा नहर सरसौंदी का रास्ता आम नागरिकों के लिये जानलेवा
साबित हो रहा है। जर्जर रास्ते में चलने के कारण दर्जनों यात्री रोजाना
घायल हो रहे हैं। इस सम्बन्ध में कई बार क्षेत्रीय नागरिकों ने सत्ता
पक्ष के मंत्री से लेकर विधायक तक शिकायत की लेकिन किसी भी मंत्री व
विधायक ने इस सड़क को बनवाने का प्रयास नही किया। पिछले दो सालों से सड़क
जर्जर पड़ी हुई है। क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र
भेजकर सड़क निर्माण की मांग की है। माती चिनहट-देवा रोड शारदा नहर पटरी
सरसौंदी बेहटा जाने वाली मुख्य मार्ग में से 3 किलो मीटर जर्जर रोड बनने
के कोई आसार नही नजर आ रहे है। पिछले कई वर्षों से सड़क निर्माण की आस
लगाए बैठे ग्रामीणों का सपना अब टूट रहा है। क्योंकि पूरी सड़क टूट कर
विखर चुकी है और पूरी तरह से गडढ़ों में तब्दील हो चुकी है। जिससे पूरे
क्षेत्र के लोगों को निकलने में अब कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के लोगों का अब यही कहना है। कि आखिर कब तक जर्जर मार्ग पर
निकलना पडे़गा। इस असुविधा से लोगों को आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। शारदा
नहर पटरी जो सरसौंदी गॉव तक अधूरी छोड़ दी गई है तथा सरसौंदी से बेहटा
कुर्सी मार्ग तक सात मीटर चौड़ीकरण किया जा चुका है और 3 किलो मीटर मार्ग
जस के तस जर्जर पड़ा हुआ है। अब लोगो का कहना है। इस मार्ग पर केवल छोटे
वाहन ही नही बल्कि भारी वाहन इतने ज्यादा गुजरते है कि आये दिन
दुर्घटनाएं होती रहती है। आस-पास के ग्रामीणों ने इस मार्ग को निर्माण
के लिये प्रदेश के लोक निर्माण सचिव से भी शिकायत की लेकिन उस शिकयात का
कोई भी असर नही हुआ। यह मार्ग माती शारदा नहर से सरसौंदी पारा, सैहारा से
बेहटा कुर्सी लखनऊ जाने का मुख्य मार्ग है। इसकों लेकर ग्रामीणों ने कैशल
कबीर तारावती अवधेश, सुजीत कुमार, राकेश, मो0 शाकिब, गुलाब, मनीष कामता
प्रसाद समेत दर्जनों लोंगों ने जिलाधिकारी और प्रमुख सचिव एंव लोक
निर्माण विभाग को पत्र भेजकर सड़क निर्माण कराने की मांग की थी लेकिन इन
ग्रमीणों की मांग को विभाग ने और उच्च अधिकारियों ने नजर अंदाज कर दिया।
बताते चले कि बेहटा से सरसौंदी तक सात किलो मीटर चौड़ीकरण की गई थी जबकि
शेष बची 3 किलोमीटर मार्ग की चौड़ीकरण नही कराई गई हैं और न ही सड़क की
मरम्मत कराई गई है।
बाराबंकी। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण माती
चिनहट मार्ग से शारदा नहर सरसौंदी का रास्ता आम नागरिकों के लिये जानलेवा
साबित हो रहा है। जर्जर रास्ते में चलने के कारण दर्जनों यात्री रोजाना
घायल हो रहे हैं। इस सम्बन्ध में कई बार क्षेत्रीय नागरिकों ने सत्ता
पक्ष के मंत्री से लेकर विधायक तक शिकायत की लेकिन किसी भी मंत्री व
विधायक ने इस सड़क को बनवाने का प्रयास नही किया। पिछले दो सालों से सड़क
जर्जर पड़ी हुई है। क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र
भेजकर सड़क निर्माण की मांग की है। माती चिनहट-देवा रोड शारदा नहर पटरी
सरसौंदी बेहटा जाने वाली मुख्य मार्ग में से 3 किलो मीटर जर्जर रोड बनने
के कोई आसार नही नजर आ रहे है। पिछले कई वर्षों से सड़क निर्माण की आस
लगाए बैठे ग्रामीणों का सपना अब टूट रहा है। क्योंकि पूरी सड़क टूट कर
विखर चुकी है और पूरी तरह से गडढ़ों में तब्दील हो चुकी है। जिससे पूरे
क्षेत्र के लोगों को निकलने में अब कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के लोगों का अब यही कहना है। कि आखिर कब तक जर्जर मार्ग पर
निकलना पडे़गा। इस असुविधा से लोगों को आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। शारदा
नहर पटरी जो सरसौंदी गॉव तक अधूरी छोड़ दी गई है तथा सरसौंदी से बेहटा
कुर्सी मार्ग तक सात मीटर चौड़ीकरण किया जा चुका है और 3 किलो मीटर मार्ग
जस के तस जर्जर पड़ा हुआ है। अब लोगो का कहना है। इस मार्ग पर केवल छोटे
वाहन ही नही बल्कि भारी वाहन इतने ज्यादा गुजरते है कि आये दिन
दुर्घटनाएं होती रहती है। आस-पास के ग्रामीणों ने इस मार्ग को निर्माण
के लिये प्रदेश के लोक निर्माण सचिव से भी शिकायत की लेकिन उस शिकयात का
कोई भी असर नही हुआ। यह मार्ग माती शारदा नहर से सरसौंदी पारा, सैहारा से
बेहटा कुर्सी लखनऊ जाने का मुख्य मार्ग है। इसकों लेकर ग्रामीणों ने कैशल
कबीर तारावती अवधेश, सुजीत कुमार, राकेश, मो0 शाकिब, गुलाब, मनीष कामता
प्रसाद समेत दर्जनों लोंगों ने जिलाधिकारी और प्रमुख सचिव एंव लोक
निर्माण विभाग को पत्र भेजकर सड़क निर्माण कराने की मांग की थी लेकिन इन
ग्रमीणों की मांग को विभाग ने और उच्च अधिकारियों ने नजर अंदाज कर दिया।
बताते चले कि बेहटा से सरसौंदी तक सात किलो मीटर चौड़ीकरण की गई थी जबकि
शेष बची 3 किलोमीटर मार्ग की चौड़ीकरण नही कराई गई हैं और न ही सड़क की
मरम्मत कराई गई है।
