शिवसैनिकों ने प्रदर्शन कर निकाली रैली
https://husainijnp.blogspot.com/2016/09/blog-post_145.html
बाराबंकी। शिवसेना जिला प्रमुख मनोज विद्रोही के नेतृत्व में पाक
प्रयोजित आंतकवाद, अलगाववाद, भारतीय सैनिकों की बर्बर हत्याओं सैन्य
ठिकानों पर आतंकी हमला एवं अलगाववादी नेताओं द्वारा कश्मीर में भारतीय
सेना की कब्र बना देने की धमकी के विरोध में नागेश्वरनाथ मन्दिर से बस
स्टाप पटेल चौक तक मोटरसाइकिल रैली निकाली और पटेल चौक पर पाक
प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का पुतला फूँका एवं पाकिस्तानी खिलाड़ियों एवं
कलाकारों के भारत में प्रवेश पर पाबन्दी लगाते हुए पाकिस्तान के खिलाफ
अन्तिम निर्णय लेकर कड़ी कार्यवाही करने और 1969 व 1971 के बाद सेना को
सेना को अन्तिम खेल-खेलने के आदेश देने की मांग करते हुए महामहिम
राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सम्बोधित ज्ञापन पत्र नायब
तहसीलदार नवाबगंज को दिया। शिवसैनिकों ने नागेश्वर नाथ, सट्टीबाजार,
घण्टाघर, धनोखर, छाया, घोसियाना, पुलिस लाइन तिराहा होते हुए पटेल चौक तक
निकाले गये जुलूस में पाकिस्तान के खिलाफ जोरदार नारे बाजी की। इस अवसर
पर शेर बहादुर शेरा, पवन पाण्डे, पवन रावत, आलोक बाल्मीकि, नितिन मिश्रा,
राजीव पाठक, विकास चौरसिया, नीरज विश्वकर्मा, राधेश्याम सैनी समेत लगभग
200 शिवसैनिक उपस्थित रहे।
प्रयोजित आंतकवाद, अलगाववाद, भारतीय सैनिकों की बर्बर हत्याओं सैन्य
ठिकानों पर आतंकी हमला एवं अलगाववादी नेताओं द्वारा कश्मीर में भारतीय
सेना की कब्र बना देने की धमकी के विरोध में नागेश्वरनाथ मन्दिर से बस
स्टाप पटेल चौक तक मोटरसाइकिल रैली निकाली और पटेल चौक पर पाक
प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का पुतला फूँका एवं पाकिस्तानी खिलाड़ियों एवं
कलाकारों के भारत में प्रवेश पर पाबन्दी लगाते हुए पाकिस्तान के खिलाफ
अन्तिम निर्णय लेकर कड़ी कार्यवाही करने और 1969 व 1971 के बाद सेना को
सेना को अन्तिम खेल-खेलने के आदेश देने की मांग करते हुए महामहिम
राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सम्बोधित ज्ञापन पत्र नायब
तहसीलदार नवाबगंज को दिया। शिवसैनिकों ने नागेश्वर नाथ, सट्टीबाजार,
घण्टाघर, धनोखर, छाया, घोसियाना, पुलिस लाइन तिराहा होते हुए पटेल चौक तक
निकाले गये जुलूस में पाकिस्तान के खिलाफ जोरदार नारे बाजी की। इस अवसर
पर शेर बहादुर शेरा, पवन पाण्डे, पवन रावत, आलोक बाल्मीकि, नितिन मिश्रा,
राजीव पाठक, विकास चौरसिया, नीरज विश्वकर्मा, राधेश्याम सैनी समेत लगभग
200 शिवसैनिक उपस्थित रहे।

